रिपोर्ट-ईरान ने होर्मुज से गुजरने के लिए 17 करोड़ वसूले:तेल टैंकर को समुद्र में दिया सुरक्षित रास्ता; भारत के 22 जहाज अभी भी फंसे
जंग के बीच LPG कैरियर जहाज शिवालिक कतर से गैस लेकर भारत पहुंच गया है। यह जहाज सोमवार शाम 5 बजे गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा। शिवालिक जहाज पर करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG लदी है, जो लगभग 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर बताई जा रही है। यह जहाज 14 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर रवाना हुआ था। मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच यह भारत पहुंचने वाला पहला LPG जहाज है।
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने की अनुमति देने के बदले एक निजी तेल टैंकर कंपनी से 20 लाख डॉलर (17 करोड़ रुपए) लिए। हालांकि, ये जहाज किस देश का है इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
लॉयड्स लिस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने अपने समुद्री क्षेत्र में एक ‘सुरक्षित रास्ता’ बनाया है, जहां से केवल मंजूरी मिलने वाले जहाज ही गुजर सकते हैं। इसके बदले उनसे टैक्स लिया जा रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत, पाकिस्तान, इराक, मलेशिया और चीन जैसे कई देश अपने जहाजों के सुरक्षित गुजरने को लेकर सीधे ईरान से बात कर रहे हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ऐसे जहाजों के लिए एक खास रजिस्ट्रेशन सिस्टम भी शुरू किया है, जिन्हें ‘सुरक्षित मार्ग’ दिया जाएगा।
भारत भी अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए ईरान से बातचीत कर रहा है। भारत के 22 जहाज होर्मुज और उसके आसपास के समुद्री इलाके में फंसे हैं।
लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के मुताबिक, भारत का एक गैस टैंकर ईरान के लारक द्वीप के आसपास से होते हुए ईरानी जलक्षेत्र के जरिए गुजरा, ताकि उसकी पहचान की जांच की जा सके। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक सभी देशों के मिलाकर 9 जहाज इस कॉरिडोर से गुजर चुके हैं।

ईरान बोला- अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को नुकसान पहुंचाया
जंग के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने अमेरिकी F-35 फाइटर जेट पर हमला कर उसे नुकसान पहुंचाया। IRGC ने इस हमले का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें जेट को निशाना बनाते हुए दिखाया गया है। हालांकि इस वीडियो की पुष्टि नहीं हो पाई है।
वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्वीकार किया कि एक F-35 जेट को ईरान के ऊपर मिशन के दौरान इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। विमान को मिडिल-ईस्ट के किसी देश में उतारा गया है।
ईरान ने भारत से फरवरी में जब्त किए गए तीन टैंकर छोड़ने की मांग की है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने की बातचीत के दौरान यह मुद्दा उठा।
ईरान ने भारत से कुछ दवाइयों और मेडिकल उपकरणों की सप्लाई की भी मांग की है। इस मुद्दे पर ईरान के राजदूत ने सोमवार को नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात कर चर्चा की।
भारत ने फरवरी में एस्फाल्ट स्टार, अल जाफ्जिया और स्टेलर रूबी नाम के तीन टैंकर जब्त किए थे। आरोप है कि इन जहाजों ने अपनी पहचान छिपाई और समुद्र में अवैध शिप-टू-शिप ट्रांसफर में हिस्सा लिया था। फिलहाल ये टैंकर मुंबई के पास लंगर डाले हुए हैं।
भारत के लिए होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का गुजरना बेहद अहम है, क्योंकि देश का करीब 90% LPG आयात खाड़ी क्षेत्र से होता है। फारस की खाड़ी में अभी 22 भारतीय जहाज और 611 भारतीय नाविक मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा और आवाजाही पर नजर रखी जा रही है।
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच LPG कैरियर जहाज शिवालिक कतर से गैस लेकर भारत पहुंच गया है। यह जहाज सोमवार शाम 5 बजे गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा।
यह जहाज 14 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर रवाना हुआ था। मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच यह भारत पहुंचने वाला पहला LPG जहाज है। शिवालिक जहाज पर करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG लदी है, जो लगभग 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर बताई जा रही है।
शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक दो और जहाज कल भारत पहुंच रहे हैं। पहला जहाज नंदा देवी करीब 46 हजार टन LPG लेकर आ रहा है, वहीं दूसरा जहाज जग लाडकी करीब 81 हजार टन कच्चा तेल लेकर आ रहा है।
#WATCH | Gujarat: LPG tanker Shivalik, which crossed the Strait of Hormuz, arrives at the Mundra Port. pic.twitter.com/3E1T1DY4ut
— ANI (@ANI) March 16, 2026
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट के आसपास भारत के युद्धपोत तैनात करने की खबर है। ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि भारतीय नौसेना ने दो टास्क फोर्स तैनात किए हैं, जो होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत आने वाले व्यापारी जहाजों और तेल-गैस टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
इन युद्धपोतों का काम फारस की खाड़ी से भारत की ओर आ रहे जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना और जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय नौसेना के जहाज पहले से ही इस क्षेत्र में ऑपरेशन संकल्प के तहत निगरानी कर रहे हैं और भारत आने वाले जहाजों को सुरक्षा दे रहे हैं।
ईरान बोला- मुस्लिम देश बताएं किसके साथ हैं
ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी ने मुस्लिम देशों से मौजूदा युद्ध पर अपना रुख साफ करने को कहा है। लारिजानी ने कहा कि अमेरिका और इजराइल के खिलाफ लड़ाई में ईरान को मुस्लिम बहुल देशों से उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि कुछ देशों ने तो ईरान को ही विरोधी बता दिया, क्योंकि उसने उनके यहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
लारिजानी ने कहा कि आज का टकराव एक तरफ अमेरिका और इजराइल के बीच है और दूसरी तरफ ईरान और रेजिस्टेंस की ताकतें हैं। उन्होंने मुस्लिम देशों से सवाल करते हुए कहा, “आप किस पक्ष में हैं?”
लारिजानी ने यह भी कहा कि ईरान मिडिल-ईस्ट पर दबदबा नहीं चाहता और मुस्लिम देशों को एकजुट होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका भरोसेमंद नहीं है और इजराइल को मिडिल-ईस्ट के लिए खतरा बताया।
अमेरिका बोला- ईरान के हजारों सैन्य ठिकानों पर हमला किया
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के हजारों सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। CENTCOM ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि यह कार्रवाई ईरानी शासन से पैदा हो रहे मौजूदा और भविष्य के खतरों को निष्क्रिय करने के लिए की गई है।
Thousands of Iranian military targets have been struck by U.S. forces to neutralize threats posed by the Iranian regime now and into the future. pic.twitter.com/dE4VNxjjW1
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 16, 2026
अमेरिका के मुताबिक इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना और क्षेत्र में सुरक्षा जोखिमों को कम करना है।
ट्रम्प बोले- ईरान मामले में मदद नहीं मिली तो NATO का भविष्य खराब होगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अगर सहयोगी देश ईरान मामले में मदद नहीं करते तो NATO का भविष्य खराब हो सकता है।
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि अगर सहयोगी देश होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने में मदद नहीं करते, तो गठबंधन की स्थिति कमजोर हो सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने यूक्रेन की मदद की, जबकि वह उससे हजारों मील दूर है, अब यह देखना होगा कि सहयोगी देश अमेरिका की मदद करते हैं या नहीं।
इस बीच जर्मनी ने साफ कर दिया है कि वह ईरान से जुड़े युद्ध में शामिल नहीं होगा और न ही सैन्य बल के जरिए होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के किसी अभियान में हिस्सा लेगा।
ग्रीस के सरकारी प्रवक्ता पावलोस मारिनाकिस ने भी कहा कि उनका देश होर्मुज स्ट्रेट में किसी सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होगा।
वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि उनका देश मिडिल ईस्ट के व्यापक युद्ध में शामिल नहीं होगा और उसकी प्राथमिकता क्षेत्र में मौजूद अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
भारत बोला- होर्मुज स्ट्रेट में युद्धपोत भेजने पर कोई चर्चा नहीं
भारत ने साफ किया है कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने को लेकर उसकी अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोमवार को कहा कि कई देश इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं, लेकिन भारत और अमेरिका के बीच इस बारे में कोई बात नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि भारत हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे फैसला किया जाएगा।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देशों से अपील की थी कि वे होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षा के लिए अपने युद्धपोत भेजें।
इसी बीच भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों के सुरक्षित गुजरने को लेकर ईरान के साथ बातचीत जारी है और इसके अच्छे नतीजे मिल रहे हैं।
शनिवार को भारतीय झंडे वाले दो LPG जहाज शिवालिक और नंदा देवी करीब 92,712 मीट्रिक टन LPG लेकर होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर रवाना हुए थे।
शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक फारस की खाड़ी में होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में अभी भी 22 भारतीय जहाज मौजूद हैं, जिन पर 611 भारतीय नाविक सवार हैं। सभी नाविक सुरक्षित हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
ईरान में भारतीय के लिए एडवाइजरी- बिना बताए बॉर्डर पार न करें
ईरान में रह रहे भारतीयों के लिए तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को एक नई एडवाइजरी जारी की है। इसमें भारतीय नागरिकों को सख्त सलाह दी गई है कि वे दूतावास को बिना बताए ईरान की सीमा पार करने की कोशिश न करें।
एडवाइजरी में कहा गया है, “दूतावास भारतीय समुदाय के लोगों के लगातार संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर मिलकर जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। बिना जानकारी दिए सीमा की ओर बढ़ना बिल्कुल मना है।”
दूतावास ने यह भी कहा है कि जो भारतीय नागरिक दूतावास को जानकारी दिए बिना जमीनी सीमा के रास्ते ईरान छोड़ने की कोशिश करेंगे, उन्हें गंभीर परेशानी और इमिग्रेशन से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने साफ किया कि अगर कोई व्यक्ति बिना जानकारी दिए ईरान की सीमा पार कर बाहर चला जाता है, तो ऐसी स्थिति में दूतावास उसकी मदद नहीं कर पाएगा।
जेलेंस्की ने मिडिल ईस्ट के देशों से पैसा मांगा, कहा- ड्रोन से बचाव में मदद करेंगे
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने मिडिल ईस्ट के देशों से और पैसे की मांग की है। उन्होंने कहा कि वे इसके बदले ईरान के कामिकाजे ड्रोन से बचने में मदद करेंगे।
खाड़ी देशों को ईरान के शाहेद ड्रोन का मुकाबला करने के लिए बड़ी संख्या में एयर डिफेंस मिसाइलों का इस्तेमाल करना पड़ा है। वहीं यूक्रेन हर रात रूस के ड्रोन हमलों को रोकने के लिए अलग-अलग हथियारों का इस्तेमाल करता है, जिनमें सस्ते छोटे ड्रोन और जैमिंग उपकरण भी शामिल हैं।
जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका के अलावा यूरोप, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका के कई देशों ने भी यूक्रेन से ऐसे ड्रोन हमलों से निपटने के तरीके को लेकर मदद मांगी है।
ईरान बोला- दुश्मनों के लिए होर्मुज स्ट्रेट बंद
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान के दुश्मनों के लिए बंद है। अराघची ने कहा कि युद्ध के 15 दिन बाद भी ईरान के विरोधी देश अब अन्य देशों से इस स्ट्रेट की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मदद मांग रहे हैं।
उन्होंने कहा, “वे उन देशों से मदद मांग रहे हैं जिन्हें कल तक अपना दुश्मन कहते थे, ताकि होर्मुज स्ट्रेट खुला रहे।” अराघची के मुताबिक ईरान के नजरिए से यह स्ट्रेट खुला है, लेकिन उन देशों और उनके सहयोगियों के लिए बंद है जिन्होंने ईरान के खिलाफ हमला किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और इजराइल के हमलों ने ऐसी जंग शुरू की, जिसमें दुश्मन ने पहले ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग की थी।
अमेरिका में ढाई साल में पेट्रोल सबसे महंगा
अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऑटोमोबाइल एसोसिएशन AAA के अनुसार औसतन पेट्रोल की कीमत 2 सेंट बढ़कर लगभग 3.72 डॉलर प्रति गैलन पहुंच गई है। यह 7 अक्टूबर 2023 के बाद नियमित पेट्रोल की सबसे ऊंची कीमत है।
ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक पेट्रोल की कीमतों में कुल मिलाकर 74 सेंट प्रति गैलन की बढ़ोतरी हो चुकी है।
डीजल की कीमतों में इससे भी ज्यादा तेजी आई है। युद्ध शुरू होने के बाद से डीजल 1.24 डॉलर प्रति गैलन महंगा हो गया है और अब इसकी औसत कीमत 4.99 डॉलर प्रति गैलन पहुंच गई है। यह दिसंबर 2022 के बाद पहली बार 5 डॉलर प्रति गैलन के करीब पहुंचा है।
UAE बोला- आज 6 मिसाइल और 21 ड्रोन नष्ट किए
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसने आज 6 बैलिस्टिक मिसाइल और 21 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया।
मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपडेट में बताया कि ईरान की ओर से शुरू हुए हमलों के बाद से अब तक UAE ने 304 बैलिस्टिक मिसाइल, 15 क्रूज मिसाइल और 1627 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया है।
मंत्रालय के मुताबिक इन हमलों में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 2 सैन्यकर्मी और 5 नागरिक शामिल हैं, जबकि 145 लोग घायल हुए हैं।
मौत की अफवाहों के बीच नेतन्याहू ने नया वीडियो जारी किया
שומרים על ההנחיות ומנצחים ביחד >> pic.twitter.com/HC5w3PqKuV
— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) March 16, 2026
