ट्रम्प बोले-मेलोनी जंग में साथ नहीं, शांति की बात बेकार:ईरान को परमाणु हथियार मिले तो 2 मिनट में इटली को उड़ा देगा
अमेरिकी डोनाल्ड ट्रम्प ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि मेलोनी ने ईरान के खिलाफ जंग में अमेरिका का साथ नहीं दिया और हिम्मत नहीं दिखाई। ऐसे में शांति की बात करना बेकार है।
इटालियन अखबार को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा, “मैं हैरान हूं। मैंने सोचा था उनमें हिम्मत है, लेकिन मैं गलत था।” उन्होंने आरोप लगाया कि मेलोनी का रुख ईरान के मुद्दे पर कमजोर रहा है।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि अगर ईरान को परमाणु हथियार मिल जाता है, तो वह इटली को 2 मिनट में तबाह कर सकता है। उनके मुताबिक, इस खतरे को समझे बिना शांति की बात करना सही नहीं है।
ट्रम्प ने अमेरिका-इटली संबंधों पर भी चिंता जताई। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते अब पहले जैसे नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो देश ईरान मामले में अमेरिका का साथ नहीं देते, उनके साथ संबंध कमजोर पड़ते हैं।
इस बीच अमेरिकी प्रतिबंध झेल रहा चीनी टैंकर रिच स्टैरी बुधवार को फिर से होर्मुज में अमेरिकी नाकाबंदी नहीं तोड़ पाया। यह टैंकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के हमरियाह पोर्ट से चला था। वहां से इसमें करीब 2.5 लाख बैरल मेथेनॉल लोड किया था।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
1.अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने कहा है कि ईरानी तेल की बिक्री के लिए दी गई अस्थायी छूट अब कुछ दिनों में खत्म हो जाएगी और इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
2. यूरोपीय देश युद्ध के बाद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य करने के लिए एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की योजना बना रहे हैं। खास बात यह है कि इस प्रस्तावित मिशन में अमेरिका को शामिल नहीं किया गया है।
3. कनाडा ने लेबनान के लिए 40 मिलियन डॉलर (करीब 330 करोड़ रुपए) की मदद का ऐलान किया है। यह मदद अंतरराष्ट्रीय संगठनों के जरिए पहुंचाई जाएगी।
4. हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने पिछले 24 घंटों में 34 सैन्य हमले किए हैं। संगठन के मुताबिक, इन हमलों में इजराइल की बस्तियों, सैनिक जमावड़ों और सैन्य वाहनों को निशाना बनाया गया।
5. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत अगले 2 दिनों में फिर से शुरू हो सकती है
पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ईरान पहुंचे
पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर एक हाईलेवल डेलिगेशन के साथ ईरान पहुंच गए हैं। यहां अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने पर चर्चा होगी।
अलजजीरा के मुताबिक, यह प्रतिनिधिमंडल अमेरिका का संदेश लेकर ईरान पहुंचा है और बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, वार्ता का दूसरा दौर आने वाले दिनों में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो सकता है।
पाकिस्तान का एक हाई लेवल डेलिगेशन तेहरान के लिए रवाना हो गया है। ईरानी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक यह डेलिगेशन ईरान को अमेरिका का नया संदेश देगा। इसे अमेरिका-ईरान के बीच जारी कूटनीतिक बातचीत का हिस्सा माना जा रहा है।
इस्लामाबाद में हुई पिछली वार्ता में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच संवाद जारी है।
इजराइल बोला- 24 घंटे में हिजबुल्लाह के 200 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया
इजराइल ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटे में दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के 200 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है। इन हमलों में सैन्य ढांचे और लॉन्चर निशाने पर रहे।
हमलों से पहले इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के लोगों को इलाका खाली करने की चेतावनी दी थी और कहा था कि यह कार्रवाई हिजबुल्लाह की गतिविधियों के कारण की जा रही है।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2 मार्च से अब तक इजराइली हमलों में 2 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें बच्चे और स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हैं।
रिपोर्ट- अमेरिका ने सीजफायर बढ़ाने पर अभी सहमति नहीं दी
अमेरिका ने ईरान के साथ सीजफायर बढ़ाने पर अभी औपचारिक सहमति नहीं दी है। यह जानकारी CNN ने एक सीनियर अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सीजफायर बढ़ाने का विकल्प अभी भी खुला है, ताकि वार्ता के लिए और समय मिल सके। ट्रम्प प्रशासन जल्द से जल्द किसी संभावित समझौते तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है।
ट्रम्प बोले- चीन पहुंचते ही राष्ट्रपति जिनपिंग मुझे ‘बिग हग’ देंगे
ट्रम्प ने कहा है कि चीन पहुंचने पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग उनका ‘बिग हग’ देकर स्वागत करेंगे। उन्होंने दोनों देशों के बीच अच्छे तालमेल की बात कही। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि वह कुछ हफ्तों में चीन दौरे पर जाएंगे और वहां शी जिनपिंग उनसे गर्मजोशी से मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन बहुत समझदारी से और अच्छी तरह साथ काम कर रहे हैं और टकराव के बजाय सहयोग बेहतर है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका किसी भी देश से बेहतर लड़ सकता है।
ईरान बोला- हमारी नाकेबंदी संभव नहीं, कोशिश नाकाम होगी
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा है कि देश की नाकेबंदी संभव नहीं है और ऐसी कोशिशें नाकाम होंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि भड़काऊ कदम सीजफायर को तोड़ सकते हैं।
'Iran CANNOT be blockaded' — FM Spox
'Will certainly FAIL and not yield results'
He warns: 'provocative' move could trigger ceasefire breakdown
'Closely monitoring and will respond wherever necessary' https://t.co/hR9BuKS8XW pic.twitter.com/K0k991ICej
— RT (@RT_com) April 15, 2026
प्रवक्ता ने कहा कि ईरान को ब्लॉक करने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी और इससे कोई परिणाम नहीं निकलेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे कदम मौजूदा सीजफायर को खतरे में डाल सकते हैं और हालात फिर से बिगड़ सकते हैं।
ईरान ने यह भी कहा कि वह स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर जवाब देगा।
ट्रम्प बोले- चीन बहुत खुश है कि मैं होर्मुज स्ट्रेट खोल रहा हूं
ट्रम्प ने दावा किया है कि चीन इस बात से बहुत खुश है कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट खोलने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह कदम दुनिया के हित में है।
ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि वह होर्मुज स्ट्रेट को स्थायी रूप से खोलने की कोशिश कर रहे हैं और चीन इस फैसले से संतुष्ट है।
उन्होंने कहा कि यह कदम वैश्विक तेल सप्लाई को सुचारू रखने के लिए जरूरी है और इससे पूरी दुनिया को फायदा होगा।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका और चीन मिलकर काम कर रहे हैं और सहयोग टकराव से बेहतर है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका किसी भी स्थिति में मजबूती से मुकाबला करने के लिए तैयार है।
ट्रम्प ने दावा किया है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें बताया है कि चीन ईरान को हथियार नहीं दे रहा। यह जानकारी दोनों नेताओं के बीच हुए पत्राचार के जरिए सामने आई।
ट्रम्प ने कहा कि उन्हें खबरें मिली थीं कि चीन ईरान को हथियार दे रहा है। इसके बाद उन्होंने शी जिनपिंग को पत्र लिखकर इस पर आपत्ति जताई और ऐसा न करने को कहा।
ट्रम्प के मुताबिक, चीनी राष्ट्रपति ने जवाबी पत्र में कहा कि चीन इस तरह की कोई सप्लाई नहीं कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान से जुड़े घटनाक्रम या तेल बाजार में बदलाव का उनके और शी जिनपिंग के बीच अगले महीने होने वाली बैठक पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट्स में चीन के ईरान को एयर डिफेंस सिस्टम देने की तैयारी की बात सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया।
