अमेरिकी अधिकारियों से बिना मिले लौटे ईरानी विदेश मंत्री:PAK पीएम और आर्मी चीफ को शर्तें सौंपी; ट्रम्प ने अपने दूतों को इस्लामाबाद जाने से रोका

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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शनिवार शाम इस्लामाबाद से अमेरिकी अधिकारियों से बिना मिले ही लौट गए। उन्होंने अपने दौरे के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, आर्मी चीफ आसिम मुनीर और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अराघची ने पाकिस्तान को ईरान की शर्तें और अमेरिकी मांगों पर अपनी आपत्तियां भी सौंप दी हैं। ईरान ने अमेरिका से सीधे बातचीत करने से इनकार कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने कहा कि ईरान अपनी बात पाकिस्तान के जरिए ही अमेरिका तक पहुंचाएगा।

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर का पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया। ये दोनों ईरान से बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाने वाले थे। फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान बातचीत करना चाहता है, तो वह खुद अमेरिका से संपर्क कर सकता है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची 24 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंचे थे। यहां उनका स्वागत पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार और आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने किया।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची 24 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंचे थे। यहां उनका स्वागत पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार और आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने किया।

ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रही तो वह करारा जवाब देगा।

ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने कहा कि देश की सेना पहले से ज्यादा मजबूत और तैयार है और वह अपनी संप्रभुता, क्षेत्र और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है।

सैन्य कमान ने कहा कि इस थोपी गई जंग के दौरान देश ने अपनी ताकत और आक्रामक क्षमता का प्रदर्शन किया है। साथ ही ईरान ने यह भी कहा कि वह क्षेत्र में दुश्मनों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है और रणनीतिक रूप से अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नियंत्रित कर रहा है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान के बाद रूस और ओमान का दौरा करेंगे। उन्होंने शनिवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तान के नेताओं और सेना प्रमुख असिम मुनीर से मुलाकात की, जो अमेरिका-ईरान वार्ता में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद वह मॉस्को और मस्कट जाएंगे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तेहरान का करीबी सहयोगी माना जाता है। ओमान पहले भी अमेरिका और ईरान के बीच संदेशवाहक की भूमिका निभा चुका है।

हालांकि, इस्लामाबाद में हो रही ताजा बातचीत के नतीजों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। वहीं, ईरान के सरकारी मीडिया ने उन खबरों को खारिज किया है, जिनमें कहा गया था कि अराघची अमेरिका के साथ सीधे बातचीत करने की योजना बना रहे हैं।

पहले दौर की बातचीत फेल हुई थी

पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच 11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में पहले दौर की बातचीत हुई थी। 21 घंटे तक यह वार्ता चलने के बावजूद नाकाम हो गई थी। दोनों के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी।

अमेरिका चाहता है कि यहां से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह खुली और सुरक्षित रहे, ताकि तेल सप्लाई में रुकावट न हो। वहीं ईरान इस इलाके पर अपना प्रभाव बनाए रखना चाहता है और इसे बातचीत में दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल करता है।

इसके अलावा अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करे, ताकि वह परमाणु हथियार न बना सके। लेकिन ईरान कहता है कि उसका प्रोग्राम सिर्फ शांतिपूर्ण (जैसे बिजली बनाने) के लिए है और वह इसे बंद नहीं करेगा।

पाकिस्तान एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। इस्लामाबाद में सड़क किनारे इससे जुड़ा एक बिलबोर्ड लगाया गया है।
पाकिस्तान एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। इस्लामाबाद में सड़क किनारे इससे जुड़ा एक बिलबोर्ड लगाया गया है।

ट्रम्प ने अधिकारियों का पाकिस्तान दौरा रद्द करने की वजह बताई

ट्रम्प ने पाकिस्तान जाने वाले अपने दूतों का दौरा रद्द करने की वजह बताते हुए कहा कि इसमें समय बर्बाद हो रहा था।

ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर उन्होंने कहा कि इतनी लंबी यात्रा की जरूरत नहीं थी और उनके पास करने के लिए ज्यादा काम है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान के नेतृत्व में भ्रम और अंदरूनी खींचतान है।

जंग के बाद ईरानी हज यात्रियों का पहला जत्था मदीना पहुंचा

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जंग के बाद ईरान से हज यात्रियों का पहला जत्था सऊदी अरब के मदीना पहुंच गया है। यह जत्था मदीना के प्रिंस मोहम्मद बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट पर उतरा।

जंग के चलते कुछ समय तक यात्रा प्रभावित रही थी, लेकिन अब हालात सामान्य होने के साथ हज यात्रा फिर शुरू हो गई है। हर साल की तरह इस बार भी ईरान से बड़ी संख्या में लोग हज के लिए सऊदी अरब पहुंच रहे हैं।

ईरान ने मिनाब स्कूल हमले में मारी गई बच्ची का AI वीडियो शेयर किया

ईरान ने मिनाब में स्कूल पर हुए हमले में मारी गई एक बच्ची की कहानी पर AI वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो को ‘फातिमा की कहानी’ नाम दिया गया है।

28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल ने मिनाब शहर के एक स्कूल पर हमला हुआ था, जिसमें करीब 175 लोगों की मौत हुई थी। इनमें कई बच्चे भी शामिल थे।

जर्मनी होर्मुज स्ट्रेट से माइंस हटाने के अंतरराष्ट्रीय मिशन में शामिल होगा। जर्मन रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, नौसेना का माइंसवीपर जहाज ‘फुल्डा’ जल्द ही मेडिटेरेनियन सागर में तैनात किया जाएगा।

हालांकि, इस क्षेत्र में तैनाती तभी होगी जब ईरान-अमेरिका के बीच चल रहा युद्ध पूरी तरह खत्म हो जाएगा और जर्मन संसद से मंजूरी मिल जाएगी। जहाज पर करीब 45 लोगों की टीम तैनात रहेगी।

जर्मनी इस मिशन के जरिए उस अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सा बनेगा, जो होर्मुज स्ट्रेट में नेविगेशन की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए काम कर रहा है। इससे पहले तुर्किये ने भी ऐसे मिशन में शामिल होने की इच्छा जताई है।

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