IPL में साउथ अफ्रीकी बॉलर एनगिडी को सिर में चोट:कैच लेते वक्त गिरे, ग्राउंड में एम्बुलेंस बुलाकर अस्पताल ले जाया गया; खतरे से बाहर
दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के बीच शनिवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे IPL मुकाबले के दौरान एक गंभीर हादसा हो गया। दिल्ली के तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी कैच लेने की कोशिश में पीछे की ओर गिर पड़े और उनका सिर जोर से जमीन से टकराया। चोट इतनी गंभीर थी कि खेल करीब 15 मिनट तक रुका रहा।
चोट के बाद मैदान पर एम्बुलेंस बुलाई गई। इसके बाद एनगिडी को स्ट्रेचर पर ले जाकर एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया और तुरंत अस्पताल रवाना किया गया। IPL मैनेजमेंट ने ट्वीट कर जानकारी दी कि एनगिडी की हालत खतरे से बाहर है और उन्हें जल्द डिस्चार्ज किया जाएगा।
कैच के जजमेंट में हुई चूक
यह घटना पंजाब की पारी के तीसरे ओवर में हुई। अक्षर पटेल की फुल लेंथ गेंद पर बल्लेबाज प्रियांश आर्या ने हवा में शॉट खेला। गेंद मिड-ऑफ के ऊपर गई, जहां से एनगिडी तेजी से पीछे भागे।
कैच जज करने में हल्की सी चूक हुई और उनका बैलेंस बिगड़ गया। वे पीछे की ओर गिरते हुए सीधे सिर के बल जमीन पर गिरे। टकराव काफी तेज था। गिरते ही उन्होंने सिर पकड़ लिया और मैदान पर ही लेटे रहे।







पहले स्ट्रेचर, फिर डॉक्टर और एम्बुलेंस
घटना के तुरंत बाद मैदान पर पहले स्ट्रेचर लाया गया। इसके बाद मेडिकल टीम दौड़कर पहुंची। डॉक्टरों ने एनगिडी से बात की। शुरुआती कुछ क्षणों में वे रिस्पॉन्ड करते हुए नजर आए, जिससे थोड़ी राहत की स्थिति बनी।
हालांकि, कुछ ही देर में स्थिति बदलती दिखी। एनगिडी की हालत को लेकर चिंता बढ़ने लगी। मेडिकल स्टाफ ने अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए उन्हें स्थिर रखने की कोशिश की।
एनगिडी जूझ रहे थे, डीजे गाने बजा रहा था
हादसे के बीच एक और बात ने ध्यान खींचा। जब एनगिडी मैदान पर दर्द से जूझ रहे थे और मेडिकल टीम उनका इलाज कर रही थी, उसी दौरान स्टेडियम का डीजे लगातार गाने बजाता रहा। आमतौर पर ऐसी गंभीर स्थिति में माहौल शांत रखा जाता है, लेकिन यहां म्यूजिक चलता रहा।
जेंटल जायंट के नाम से जाने जाते हैं एनगिडी
लुंगी एनगिडी का पूरा नाम लुंगिसानी ट्रू-मैन एंगिडी है। उनका जन्म 29 मार्च 1996 को साउथ अफ्रीका के डरबन में हुआ था। वह अपनी लंबी कद-काठी और शांत स्वभाव के कारण ‘जेंटल जायंट’ के नाम से जाने जाते हैं।
एनगिडी का बचपन एक साधारण परिवार में बीता। उनकी मां घरेलू कामगार थीं और पिता मेंटेनेंस वर्कर थे। शुरुआती दिनों में उन्होंने रग्बी में भी अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन बाद में उन्होंने पूरी तरह क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित किया।
उन्होंने हिल्टन कॉलेज से स्कॉलरशिप पर पढ़ाई की और आगे चलकर प्रिटोरिया यूनिवर्सिटी में इंडस्ट्रियल सोशियोलॉजी में बैचलर डिग्री की पढ़ाई भी की।