ट्रम्प का ईरान को अल्टीमेटम- 48 घंटे में होर्मुज खोलें:नहीं तो पावर प्लांट तबाह करेंगे; ईरान बोला- अमेरिका-इजराइल के वाटर प्लांट उड़ा देंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होनें कहा कि अगर 48 घंटे के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट पर हमला करेगा।

ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रविवार को लिखा, ‘अगर ईरान 48 घंटे के भीतर होर्मुज को नहीं खोलता है, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट पर हमला करेगा और उन्हें तबाह कर देगा और शुरुआत सबसे बड़े प्लांट से होगी।’

वहीं, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके पावर प्लांट को निशाना बनाया गया, तो वह मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजराइल से जुड़े सभी ऊर्जा ढांचे पर हमला करेगा।

ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फाघारी ने कहा कि ईरान अमेरिका और इजराइल से जुड़े समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले प्लांट (डिसेलिनेशन प्लांट) और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी हमला करेगा।

ईरान का इजराइली शहर पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला

ईरान ने शनिवार रात इजराइल के दक्षिणी शहर डिमोना पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया, जिससे 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए। डिमोना वही शहर है जहां इजराइल का न्यूक्लियर प्रोग्राम सेंटर है।

ईरान ने शुक्रवार सुबह हिंद महासागर में स्थित अमेरिका-ब्रिटेन के जॉइंट सैन्य बेस डिएगो गार्सिया पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। CNN के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।

उनके मुताबिक, ईरान ने 2 मिसाइलें दागीं, लेकिन कोई भी बेस को निशाना नहीं बना सकी। यह बेस ईरान के तट से लगभग 3810 किलोमीटर दूर है।

डिएगो गार्सिया अमेरिका के लिए बेहद अहम सैन्य ठिकाना है। इस बेस से अमेरिका अपने बॉम्बर प्लेन का इस्तेमाल करता है। यहां बड़े टैंकर विमान (जैसे KC-135) और निगरानी करने वाले विमान भी काम कर सकते हैं।

ट्रम्प ने NATO देशों को कायर बताया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान युद्ध में साथ न देने पर NATO सहयोगी देशों पर नाराजगी जताई है। ट्रम्प ने कहा है कि NATO देश कायर हैं और अमेरिका के बिना यह गठबंधन सिर्फ कागजी शेर है।

ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट का जिक्र करते हुए कहा कि इसे खुला रखने के लिए सैन्य मदद देना आसान है, लेकिन सहयोगी देश इसमें भी पीछे हट रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह बहुत आसान सैन्य कदम है, जिसमें बहुत कम जोखिम है, लेकिन वे मदद नहीं करना चाहते। कायर हैं, और हम इसे याद रखेंगे।”

ईरान बोला- BRICS देश हमला रोकने में रोल निभाएं

ईरान के राष्ट्रपति मसूज पजशकियान ने शनिवार को पीएम मोदी से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि BRICS को ईरान पर हो रहे हमलों रोकने में भूमिका निभानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि BRICS को बिना किसी दबाव के, अपने दम पर काम करना चाहिए और इस मामले में आगे आना चाहिए।

ईरान के राष्ट्रपति ने यह भी सुझाव दिया कि मिडिल ईस्ट के देशों को मिलकर एक नया सुरक्षा सिस्टम बनाना चाहिए। इससे इलाके में शांति और स्थिरता बनी रहेगी और बाहर के देशों का दखल कम होगा।

ईरान जंग से जुड़ी 4 तस्वीरें…

इजराइल की एक सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्जर तोप ने शुक्रवार को लेबनान के दक्षिणी हिस्से की ओर गोले दागे।
इजराइल की एक सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्जर तोप ने शुक्रवार को लेबनान के दक्षिणी हिस्से की ओर गोले दागे।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गुरुवार को अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को निशाना बनाया था।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गुरुवार को अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को निशाना बनाया था।
ईरान ने गुरुवार रात इजराइल पर कई हवाई हमले किए।
ईरान ने गुरुवार रात इजराइल पर कई हवाई हमले किए।
कतर के रास लाफान गैस प्लांट पर गुरुवार को ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले के दौरान भीषण आग लग गई।
कतर के रास लाफान गैस प्लांट पर गुरुवार को ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले के दौरान भीषण आग लग गई।

एक्सपर्ट्स बोले- होर्मुज बंदी का असर सालों तक रहेगा

एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर होर्मुज स्ट्रेट तुरंत खुल भी जाए, तब भी इसका असर कई महीनों या सालों तक महसूस किया जाएगा।

यूके के चार्टर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ एक्सपोर्ट एंड इंटरनेशनल ट्रेड के महानिदेशक मार्को फोर्जियोन ने कहा कि स्ट्रेट खुलने के बाद भी पहले जैसी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाएगा।

उन्होंने बताया कि कई बड़ी शिपिंग कंपनियां जैसे मर्स्क, MSC, हापाग-लॉयड और CMA CGM ने अपने रास्ते बदल दिए हैं और लंबी दूरी से माल ढुलाई को फिलहाल स्वीकार कर लिया है। इसका खर्च अंत में ग्राहकों पर ही पड़ेगा।

फोर्जियोन के अनुसार, शिपिंग कंपनियों का भरोसा दोबारा जीतने में काफी समय लगेगा और इसके लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था जरूरी होगी, जिसमें सालों लग सकते हैं।

दावा- रुस ने अमेरिका को ईरान से जुड़ा प्रस्ताव दिया था

रूस ने अमेरिका को एक प्रस्ताव दिया था जिसमें कहा गया कि अगर अमेरिका यूक्रेन को खुफिया मदद देना बंद कर दे, तो रूस ईरान के साथ अपने खुफिया सहयोग को कम कर सकता है।

पोलिटिको की रिपोर्ट में बताया गया है कि रूस ने यह भी पेशकश की थी कि वह अमेरिकी सैन्य ठिकानों से जुड़ी जानकारी ईरान को देना सीमित कर सकता है।

यह प्रस्ताव रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दूत किरिल दिमित्रिएव ने पिछले हफ्ते मियामी में अमेरिकी प्रतिनिधियों स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर के साथ बैठक में रखा था।

हालांकि, सूत्रों के अनुसार अमेरिका ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। वहीं, बाद में दिमित्रिएव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस रिपोर्ट को फर्जी बताया।

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