पेपर लीक रोकने का सख्त कानून लोकसभा में पास:इसमें 7 साल की सजा, 10 करोड़ तक जुर्माना; राज्यसभा में वंदेमातरम से जुड़ा संशोधित बिल पास

0 21

लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 बुधवार को ध्वनि मत से पास हो गया।

बिल पर मंगलवार को 9 घंटे चर्चा हुई। बुधवार को विपक्ष की तरफ से राहुल गांधी बिल पर 50 मिनट बोले। विपक्ष के हंगामे के बीच बिल पास हुआ।

इसके तहत पेपर लीक से जुड़े कानून सख्त कर दिए हैं। अब पेपर लीक से जुड़े अपराधों में अधिकतम 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

वहीं राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण संशोधन विधेयक (2026) बिल पास हो गया। अब जन-गण-मन की तरह वंदे मातरम को कानूनी संरक्षण मिलेगा। वंदे मातरम का अपमान, अनादर और गायन में बाधा डालना दंडनीय अपराध होगा।राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण संशोधन विधेयक (2026) बिल के तहत 1971 के मूल अधिनियम में संशोधन का प्रावधान किया गया है। नए कानून में राष्ट्रगीत के अपमान के लिए तीन साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों के प्रावधान हैं।

राहुल जी ने कहा कि शाह के साथ 30 गाड़ियों का काफिला था। इन्हें ये नहीं पता कि गृह मंत्री के साथ 30 गाड़ियां नहीं चलतीं और शाह विदेश नहीं गए हैं। तथ्यों के बिना गैरजिम्मेदारी से सदन में ये बातें कहना और फिर निकल जाना ये किसी नेता प्रतिपक्ष का व्यवहार हो ही नहीं सकता।

21 जुलाई को नेता प्रतिपक्ष पीएम आवास के बाहर जाकर बैठ गए। इनकी हसरत है कि देश इनको पीएम बनाए। लेकिन इनका सपना पूरा नहीं हुआ तो ये पीएम आवास के बाहर जाकर बैठ गए। जब इन्हें समझाया गया निवेदन किया कि आप यहां से हट जाइए। तो इन्होंने कहा कि मुझे उठा लिया गया।

शुरू में ये प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए क्योंकि इन्हें लगा ये आम आदमी पार्टी का आंदोलन है। लेकिन बाद में इन्हें FOMO (फियर ऑफ मिसिंग आउट) हो गया।

बिल पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि विपक्ष बिल के नाम पर राजनीति कर रही है। लोकसभा में अपने भाषण के बाद राहुल गांधी ने संसद परिसर में कहा- गृह मंत्री शाह सदन में नहीं आए, जबकि उन्हें छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर जवाब देना चाहिए था।

राहुल ने कहा- अगर गृह मंत्री ने कोई आदेश नहीं दिया है, तो उन्हें सदन में आकर साफ देनी चाहिए कि उन्होंने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया। सबसे बड़ी बात यह है कि मुझे संसद में बोलने का अधिकार है और वह अधिकार मुझे मिलना चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जिन अपशब्दों का इस्तेमाल किया वे असंसदीय हैं। माननीय सदस्य खुद को भी इडियट समझें तो वह नहीं कर सकते। उन्हें नियमों की जानकारी नहीं है। यदि वे व्यक्ति विशेष के लिए ये शब्द नहीं बोल रहे तो क्या छात्रों के लिए ये शब्द थे। और यदि छात्रों को इडियट कहा जाए तो इससे दुर्भाग्यपूरअम कुछ नहीं है। लोकसभा की कार्यवाही 3 बजे फिर शुरू हो गई है। विपक्षी सांसद हंगामा कर रहे हैं।

राहुल ने कहा, ‘गरीब बच्चों से लाखों लाख रुपए लिए गए। एक परीक्षा में पेपर लीक होता है। दूसरे में कुछ और दिक्कत होती है। ये बहुत गलत है। सिस्टम पर RSS का कब्जा हो चुका है।’

राहुल ने कहा, ‘राजनाथ सिंह ने कहा कि हम UPA नहीं हैं, हमारे मंत्री कभी इस्तीफा नहीं देते। वे सही कह रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा दिखावटी है क्योंकि धर्मेंद्र प्रधान ने कभी शिक्षा मंत्रालय नहीं चलाया। शिक्षा मंत्रालय को चलाने वाला संगठन RSS है।’

कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, ‘छात्र असल में इसलिए नाराज हैं क्योंकि उन्हें भारत में छात्र बने रहने, अपने जुनून को फॉलो करने, अपनी बात कहने और अपने मन के सवाल पूछने की इजाजत नहीं है। उन्हें वह बेतुका इतिहास मानना ​​पड़ता है जिसकी कल्पना RSS करता है।’

राहुल ने कहा- सिर्फ बीजेपी बोले तो मैं चुप होकर बैठ जाता

  • राहुल के इडियट शब्द पर सदन में हंगामा हुआ तो उन्होंने कहा, यह असंसदीय तब है जब मैं किसी दूसरे सदस्य के लिए इसका प्रयोग करता। अगर आप चाहते हैं कि देश में सिर्फ बीजेपी बोले तो मैं चुप होकर बैठ जाता हूं। मैं बोलता हूं रिजिजू खड़े हो जाते हैं। मैं बोलता हूं, वे टोक देते हैं। ये फिर आ गए।
  • स्पीकर ने कहा, सदन में अच्छी मर्यादा बनाने की कोशिश करनी चाहिए। जो तर्क से बोलता है, देश उसकी सुनता है और सम्मान भी करता है।
  • राजनाथ सिंह ने कहा, जिस शब्द का इस्तेमाल नेता प्रतिपक्ष ने किया है उसे हटा दिया जाए। उनकी बात को शांति से सुना जाए।
Leave A Reply

Your email address will not be published.