आसिम मुनीर की धमकी- भारत गलतफहमी में न रहे:अब हमला हुआ तो पाकिस्तान भी कड़ा जवाब देगा, किसी को परखने की अनुमति नहीं देंगे
पाकिस्तान के नए चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) बने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने सोमवार को अपना पद संभाल लिया। रावलपिंडी के GHQ में हुए कार्यक्रम में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
अपने भाषण में उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में पाकिस्तान पर कोई हमला होता है तो पाकिस्तान का रिस्पॉन्स पहले से भी ज्यादा तेज और कड़ा होगा। उन्होंने भारत को चेतावनी देते हुए कहा कि भारत किसी गलतफहमी में न रहे।
मुनीर ने कहा कि मॉर्डन युद्ध अब साइबरस्पेस, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, स्पेस, इन्फॉर्मेशन वॉर, AI और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे नए क्षेत्रों तक बढ़ गया है। फोर्सेज को आधुनिक चुनौतियों के मुताबिक खुद को ढालना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शांतिपूर्ण राष्ट्र है। किसी को भी इस्लामाबाद की क्षेत्रीय अखंडता या संप्रभुता को परखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुनीर ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना और नागरिकों के धैर्य और सहनशीलता की तारीफ भी की।
4 दिसंबर को CDF नियुक्त हुए
पाकिस्तान सरकार ने 4 दिसंबर को आसिम मुनीर को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) नियुक्त किया था। दोनों पदों पर उनका कार्यकाल पांच साल का होगा। नियुक्ति को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने मंजूरी दी थी।
मुनीर पाकिस्तान के पहले सैन्य अधिकारी हैं जो एकसाथ CDF और COAS दोनों पद संभालेंगे। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नियुक्ति की सिफारिश करते हुए राष्ट्रपति को समरी भेजी थी। मुनीर को इसी साल फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत किया गया था।
पाकिस्तानी संसद ने 12 नवंबर को सेना की ताकत बढ़ाने वाला 27वां संवैधानिक संशोधन पास किया था। इसके तहत मुनीर को CDF बनाया गया। इस पद के मिलते ही उन्हें पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की कमान भी मिल गई यानी वे देश के सबसे ताकतवर शख्स बन गए हैं।
दरअसल 29 नवंबर 2022 को जनरल आसिम मुनीर को सेना प्रमुख नियुक्त किया गया था। उनका मूल कार्यकाल तीन साल का था, यानी 28 नवंबर 2025 को खत्म हो गया।

चीफ ऑफ स्टाफ की जगह CDF पद बनाया गया
पिछले महीने हुए संविधान संशोधन में चेयरमैन जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CJCSC) की जगह CDF पद बनाया गया जो तीनों सेनाओं के बीच तालमेल रखेगी। CJCSC शाहिद शमशाद मिर्जा के 27 नवंबर को रिटायर हो जाने के बाद अब तक आसिम मुनीर CDF नहीं बन पाए हैं।
मुनीर बोले- अफगान सरकार पाकिस्तान या TTP में से एक को चुने
आसिम मुनिर ने अफगान तालिबान को चेतावनी देते हुए कहा उन्हें पाकिस्तान तालिबान (TTP) और पाकिस्तान सरकार में से किसी एक से ही बेहतर रिश्ते रखने चाहिए।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शांति पसंद देश है, लेकिन देश की सुरक्षा और क्षेत्र की अखंडता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मुनिर ने कहा कि अफगान तालिबान पाकिस्तान में एक्टिव आतंकियों का समर्थन कर रहे हैं।
उन्होंने पहले भी दावा किया था कि तालिबान उन ग्रुप्स का समर्थन करता है जिन्हें भारत मदद करता है। पाकिस्तान TTP को आतंकवादी संगठन मानता है और आरोप लगाता है कि इस संगठन को भारत से समर्थन मिलता है।
डिफेंस फोर्सेज हेडक्वार्टर का लक्ष्य मल्टी-डोमेन ऑपरेशन बढ़ाना
समारोह में तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने नए बने डिफेंस फोर्सेज हेडक्वार्टर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य थलसेना, वायुसेना और नौसेना की संयुक्त क्षमताओं को एकजुट करना है ताकि मल्टी-डोमेन ऑपरेशन की ताकत बढ़ाई जा सके।
मुनीर ने कहा कि यह मुख्यालय तीनों सेनाओं के ऑपरेशनों में तालमेल करेगा जबकि उनकी संगठनात्मक संरचना और स्वायत्तता पहले जैसी बनी रहेगी।
समारोह में एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू और नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीन अशरफ सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। फील्ड मार्शल के तौर पर मुनीर अगले पांच सालों तक CDF के साथ-साथ आर्मी चीफ का पद भी संभालेंगे।
