UAE, सऊदी, जॉर्डन में अमेरिकी THAAD डिफेंस-सिस्टम पर ईरानी हमला:जॉर्डन वाला सिस्टम तबाह, कीमत 22 हजार करोड़; अमेरिका के पास ऐसे सिर्फ 7 सिस्टम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होगा, जब तक वह बिना शर्त आत्मसमर्पण नहीं करता। ट्रम्प ने यह बयान सोशल मीडिया पोस्ट में दिया। ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ किसी भी तरह की डील तभी संभव है जब वह “अनकंडीशनल सरेंडर” करे। इसके बाद एक ‘बेहतरीन नेतृत्व’ चुना जाएगा।
- इजराइल को लगभग 151.8 मिलियन डॉलर के हथियार देगा अमेरिका।
- ट्रम्प ने अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मुजतबा को उनका उत्तराधिकारी मानने से इनकार किया।
- US-इजराइल हमलों में ईरान में 1484 की मौत।
- ईरान में 1300 हमले, 14 मेडिकल सेंटर निशाना बने।
- ईरान में कई जगह पानी-बिजली की सप्लाई ठप।
- दावा- ईरान के 300 मिसाइल लॉन्चर तबाह।
- ईरान बोला- कुवैत-बहरीन और UAE में 20 अमेरिकी बेस को नुकसान।
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज आठवां दिन है। ईरान ने बीते एक हफ्ते में सऊदी अरब, UAE और जॉर्डन में तैनात अमेरिका के टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम को निशाना बनाया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों में जॉर्डन के ‘मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस’ पर लगे THAAD का रडार सिस्टम तबाह हो गया है। एक THAAD सिस्टम की कीमत ₹22 हजार करोड़ तक होती है, जबकि THAAD के रडार सिस्टम की कीमत 2700 करोड़ रुपए (300 मिलियन डॉलर) तक होती है।
यह रडार THAAD सिस्टम का अहम हिस्सा होता है और दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को पहचानने और ट्रैक करने का काम करता है। अमेरिका के पास सिर्फ 7-8 THAAD सिस्टम ही मौजूद हैं, इसलिए इसे बड़ा सैन्य नुकसान माना जा रहा है।
इजराइल की सेना दावा किया है कि उसने ईरान की सेना के एक बड़े एयरफोर्स ठिकाने पर हमला किया। सेना के मुताबिक यह हमला इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एयरफोर्स के कमांड सेंटर पर किया गया, जो तेहरान में है।
इजराइल का कहना है कि इस हमले में एयर डिफेंस सिस्टम, सैन्य मुख्यालय और गोदामों को निशाना बनाया गया। इजराइली सेना ने यह भी कहा कि उन्होंने एक ऐसे ठिकाने पर हमला किया जहां बैलिस्टिक मिसाइल बनाने और लॉन्च करने का काम होता था।

ईरान का युद्धपोत भारत में रुका
ईरान का एक युद्धपोत IRIS लावन भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। ANI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरान ने 28 फरवरी को तकनीकी खराबी आने के बाद भारत से मदद मांगी थी।
भारत ने 1 मार्च को जहाज को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति दी और इसके बाद 4 मार्च को यह बंदरगाह पर पहुंच गया। जहाज के 183 क्रू मेंबर फिलहाल कोच्चि में भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं।
IRIS लावन हाल ही में भारत में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) 2026 और मिलान 2026 नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था, जो 15 से 25 फरवरी के बीच आयोजित हुए थे।
इससे पहले अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS देना को श्रीलंका के पास हमला कर डुबा दिया था। हमले में 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए।
जयशंकर ने बताया ईरानी जहाज को क्यों भारतीय पोर्ट पर आने दिया
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत ने मानवीय आधार पर एक ईरानी नौसैनिक जहाज को कोच्चि बंदरगाह पर आने की इजाजत दी है।
नई दिल्ली में हुए रायसीना डायलॉग में जयशंकर ने कहा कि ईरान की ओर से भारत को मैसेज मिला था कि उनका एक जहाज तकनीकी दिक्कत का सामना कर रहा है और उसे बंदरगाह पर आने की जरूरत है। इसके बाद 1 मार्च को भारत ने जहाज को आने की इजाजत दी और कुछ दिन बाद वह कोच्चि बंदरगाह पर पहुंच गया।
यह बयान उस घटना के कुछ दिनों बाद आया है जब ‘IRIS डेना’ नाम का ईरानी युद्धपोत श्रीलंका के तट के पास हिंद महासागर में डूब गया। रिपोर्ट के मुताबिक इसे एक अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से निशाना बनाया था।
इस घटना में कम से कम 87 नाविकों के शव बरामद हुए, जबकि 32 लोगों को जिंदा बचा लिया गया। कई नाविक अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
जयशंकर ने कहा कि हिंद महासागर में लंबे समय से कई देशों के सैन्य ठिकाने मौजूद हैं, इसलिए ऐसी घटनाएं इस क्षेत्र की वास्तविकता का हिस्सा हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए डिएगो गॉर्सिया का जिक्र किया, जहां 1970 के दशक से अमेरिका और ब्रिटेन का सैन्य बेस मौजूद है।

ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान के साथ कोई डील नहीं होगी, जब तक वह ‘अनकंडीशनल सरेंडर’ नहीं करता। उन्होंने कहा कि सरेंडर के बाद ईरान में एक बेहतरीन नेतृत्व चुना जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर ईरान को आर्थिक रूप से फिर मजबूत बनाने के लिए काम करेगा। ट्रम्प ने अपने पोस्ट में “मेक ईरान ग्रेट अगेन (MIGA)” का नारा भी दिया और कहा कि भविष्य में ईरान पहले से ज्यादा मजबूत और समृद्ध बन सकता है।
इस बीच ईरान के इजराइल और अमेरिकी बेस पर हमले जारी हैं। वह ड्रोन और मिसाइलों से हमले कर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका मिडिल-ईस्ट के अलग-अलग देशों से अपने हजारों नागरिकों को निकाल रहा है। उन्होंने कहा कि यह निकासी अभियान चुपचाप तरीके से चलाया जा रहा है।
ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में कहा कि अमेरिकी विदेश विभाग इस ऑपरेशन को अंजाम दे रहा है। उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की सराहना करते हुए कहा कि वे इस काम को अच्छी तरह संभाल रहे हैं।
अमेरिका का ईरानी वाटर प्लांट पर हमला, 30 गांवों में सप्लाई रुकी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका ने पानी की सफाई करने वाले एक प्लांट पर हमला किया है।
यह प्लांट केशम आइलैंड पर है। यहां समुद्र के खारे पानी को साफ करके पीने का पानी बनाया जाता है।
ईरान के मुताबिक इस हमले के बाद करीब 30 गांवों में पानी की सप्लाई रुक गई है।
विदेश मंत्री ने कहा कि किसी देश के ऐसे जरूरी ढांचे पर हमला करना बहुत खतरनाक कदम है और इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं।
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें…

ईरान के राष्ट्रपति के दफ्तर के एक अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति का संदेश साफ है।
उन्होंने कहा-
- अगर पड़ोसी देश अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर हमला नहीं करेंगे, तो ईरान भी उन पर हमला नहीं करेगा।
- ईरान किसी भी दबाव या धमकी के आगे नहीं झुकेगा।
- अगर अमेरिका के सैन्य ठिकानों से ईरान पर हमला हुआ, तो ईरान की सेना जोरदार जवाब देगी।





इजराइल का दावा- तेहरान में 16 ईरानी प्लेन तबाह किए
इजराइली सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के 16 मिलिट्री प्लेन को तबाह कर दिया। सेना के मुताबिक ये विमान IRGC कुद्स फोर्स के थे। यह ईरानी सेना की वह यूनिट है जो देश के बाहर मिलिट्री ऑपरेशन करती है।
इजराइली सेना ने कहा कि उसकी वायुसेना ने ईरान की राजधानी तेहरान में कई जगहों पर रात में बड़े हमले किए। इन हमलों में मेहराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया गया।

अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक अब तक करीब 20 हजार अमेरिकी नागरिक अपने देश लौट चुके हैं और इसके लिए चार्टर्ड फ्लाइट्स की संख्या बढ़ाई जा रही है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ईरानी नौसैनिकों को बचाने के लिए श्रीलंका का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि युद्धपोत डूबने के बाद श्रीलंका ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर नाविकों की जान बचाई।
अराघची ने श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ से बातचीत में इस मदद के लिए आभार जताया। हिंद महासागर में अमेरिकी हमले के बाद ईरान का एक युद्धपोत डूब गया था। इसके बाद श्रीलंकाई नौसेना ने समुद्र में फंसे ईरानी नौसैनिकों को बचाने के लिए बचाव अभियान चलाया।
ईरान ने कहा कि संकट के समय श्रीलंका की मदद सराहनीय है और इसके लिए वह श्रीलंका सरकार और वहां की नौसेना का आभारी है।
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें…





ईरान में नए सुप्रीम लीडर के चुनाव की प्रक्रिया के बीच इजराइल ने कोम शहर में हवाई हमला किया है। टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक, असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स की उस इमारत को निशाना बनाया गया, जहां वरिष्ठ धार्मिक गुरु इकट्ठा हुए थे
असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स 88 सदस्य होते हैं, , जो देश के सुप्रीम लीडर के चयन की जिम्मेदारी निभाता है। हमले में इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है, हालांकि उस समय अंदर मौजूद लोगों की संख्या को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
जंग के पहले दिन शनिवार को अमेरिका और इजराइल के हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद से देश में सुप्रीम लीडर का पद खाली है
U.S. Navy guided-missile destroyers are delivering unrelenting, overwhelming firepower from regional waters. DAY and NIGHT. pic.twitter.com/3YTiFkFc1V
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 3, 2026
ट्रम्प ने कहा है कि ईरान में चल रहा सैन्य अभियान वेनेजुएला में किए गए ऑपरेशन से पूरी तरह अलग है। उन्होंने दोनों अभियानों की तुलना करते हुए कहा कि वेनेजुएला में कार्रवाई के बावजूद वहां की सरकारी संरचना को सुरक्षित रखा गया था।
ट्रम्प ने कहा कि ईरान की स्थिति अलग है, क्योंकि हालिया हमलों में वहां के कई वरिष्ठ अधिकारी और सैन्य कमांडर मारे गए हैं। इससे नेतृत्व ढांचे पर व्यापक असर पड़ा है।
ट्रम्प ने ईरान में संभावित नेतृत्व बदलाव को लेकर कहा कि सबसे खराब स्थिति तब होगी, जब नया नेता भी पहले जैसा ही हो। उन्होंने कहा, “ऐसा हो सकता है, लेकिन हम ऐसा नहीं चाहते। हम चाहते हैं कि कोई ऐसा व्यक्ति आए जो लोगों के लिए काम करे।”
ट्रम्प ने यह भी कहा कि जिन संभावित उम्मीदवारों पर विचार किया गया था, उनमें से कुछ अब जीवित नहीं हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि अमेरिका स्पेन के साथ सभी व्यापारिक संबंध समाप्त करेगा। यह फैसला स्पेन द्वारा ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों के लिए अमेरिकी सेना को अपने ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति न देने के बाद लिया गया है।
जंग के पहले दिन शनिवार को अमेरिका और इजराइल के हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद से देश में सुप्रीम लीडर का पद खाली है
🔥 U.S. and Israeli forces attacked Mehrabad Airport in Tehran
After the strikes, thick black smoke rose over the city. pic.twitter.com/vNa8LxDyKl
— NEXTA (@nexta_tv) March 3, 2026
ईरान में तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर हवाई हमले हुए हैं, जिसके बाद एयरपोर्ट पर भीषण आग लग गई है। यह जानकारी ईरानी समाचार एजेंसी IRNA ने दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूर्वी तेहरान के हाकिमीयेह इलाके को भी निशाना बनाया गया।
हमलों से पहले इजराइली सेना ने तेहरान के कुछ इलाकों के नागरिकों को चेतावनी देते हुए कहा था कि आने वाले घंटों में सैन्य अभियान चलाया जाएगा और लोगों से क्षेत्र खाली करने को कहा गया था।
🔥 U.S. and Israeli forces attacked Mehrabad Airport in Tehran
After the strikes, thick black smoke rose over the city. pic.twitter.com/vNa8LxDyKl
— NEXTA (@nexta_tv) March 3, 2026
लेबनान की राजधानी बेरूत में अमेरिकी एम्बेसी ने सुरक्षा हालात के बीच अपना कामकाज अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। दूतावास ने सार्वजनिक सेवाएं निलंबित करते हुए कहा कि स्टाफ की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियों के बीच यह कदम एहतियातन उठाया गया है। वीजा और अन्य कांसुलर सेवाएं फिलहाल उपलब्ध नहीं रहेंगी।
अमेरिकी प्रशासन ने लेबनान में मौजूद अपने नागरिकों को सतर्क रहने और यात्रा संबंधी सलाह का पालन करने को कहा है। हालात सामान्य होने पर कामकाज बहाल करने की बात कही गई है।
जंग में ईरान का नुकसान…
- 4 दिन में 787 लोगों की मौत हो चुकी है।
- 153 शहरों को निशाना बनाया गया।
- कुल 504 जगहों पर 1,039 हमले हुए।
- यह जानकारी ईरानियन रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने दी है।
इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि उनकी सेना ईरान पर जोरदार हमले जारी रखे हुए है। एयर फोर्स बेस पर दिए बयान में उन्होंने कहा, “हम ईरान पर पूरी ताकत से हमला कर रहे हैं। हमारे पायलट तेहरान के आसमान में हैं और लेबनान के आसमान में भी।”
नेतन्याहू ने लेबनान के संगठन हिजबुल्लाह को चेतावनी देते हुए कहा कि उसने इजराइल पर हमला कर “बहुत बड़ी गलती” की है। उन्होंने कहा कि इजराइल पहले ही कड़ा जवाब दे चुका है और आगे और भी ज्यादा ताकत से जवाब देगा।
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें…






