दुबई में अमेरिकी एंबेसी पर हमला:इजराइल की तेहरान और बेरूत पर बमबारी, ईरान का दावा- 2 दिन में 650 अमेरिकी सैनिक हताहत
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज पांचवां दिन है। ईरान ने दावा किया है कि उसने दुबई में मौजूद अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाया गया। वहीं इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान और लेबनान की राजधानी बेरूत में बमबारी की है।
ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसके जवाबी हमलों में पहले दो दिनों के अंदर करीब 650 अमेरिकी सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं। हालांकि अमेरिका ने इन आंकड़ों को स्वीकार नहीं किया है।
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने मंगलवार रात को कहा कि उन्होंने अमेरिकी सेना को इजराइल के साथ मिलकर ईरान पर हमला करने का आदेश इसलिए दिया, क्योंकि ईरान पहले हमला करने वाला था।
इजराइल ने ट्रैफिक कैमरे हैक कर खामेनेई पर हमला किया
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की शनिवार को इजराइल के हवाई हमले में मौत हो गई। यह हमला तेहरान की पास्चर स्ट्रीट के पास उनके ऑफिस पर हुआ, जहां वे कई बड़े ईरानी नेताओं के साथ बैठक कर रहे थे। इस हमले में इजराइल ने ऑफिस पर 30 मिसाइलें गिराई थीं, जिसमें खामेनेई के साथ 40 अफसर भी मारे गए थे।
इजराइल ने कई सालों से इस हमले की तैयारी की थी। उनकी खुफिया एजेंसी मोसाद और यूनिट 8200 ने तेहरान के लगभग सभी ट्रैफिक कैमरों को हैक कर लिया था। इन कैमरों की तस्वीरें एन्क्रिप्ट करके तेल अवीव और दक्षिण इजराइल के सर्वरों पर भेजी जाती थीं।
अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA ने भी इस ऑपरेशन में मदद की। इसमें एक खास कैमरा था, क्योंकि उससे पता चलता था कि सीनियर अधिकारियों के बॉडीगार्ड और ड्राइवर अपनी निजी गाड़ियां कहां पार्क करते हैं।
लेबनान के ईरान समर्थक उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने उत्तरी इजराइल के मेतुला शहर में इजराइली सैनिकों पर रॉकेट दागे। इससे पहले उसने हाइफा के नौसैनिक अड्डे पर मिसाइल हमला करने की भी बात कही थी।
ईरानी गर्ल्स स्कूल पर हमले की जांच की मांग, 180 छात्राएं मारी गई थीं
UN के मानवाधिकार कार्यालय ने ईरान में एक लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले की जांच कराने की मांग की है। हालांकि, उसने यह नहीं बताया कि उसके मुताबिक इस हमले के लिए कौन जिम्मेदार है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने कहा है कि इस मामले की जल्द, निष्पक्ष और पूरी जांच होनी चाहिए। जिनेवा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रवक्ता रवीना शमदासानी ने कहा कि जिस पक्ष ने हमला किया है, उसी की जिम्मेदारी है कि वह इसकी जांच करे और सच सामने लाए।
उन्होंने इस घटना को बहुत डरावना बताया और कहा कि सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे इस संघर्ष की तबाही और दर्द को दिखाती हैं।
यह स्कूल दक्षिणी ईरान में है और उस पर शनिवार को हमला हुआ था। उसी दिन अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिकी सेना जानबूझकर किसी स्कूल को निशाना नहीं बनाती। वहीं इजराइल ने कहा है कि वह इस घटना की जांच कर रहा है।
जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अली बहरेनी ने इस हमले को गलत और “आपराधिक” बताया है। उनका कहना है कि इस हमले में 180 छात्राओं की मौत हुई है।

ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसके जवाबी हमलों में पहले दो दिनों के अंदर करीब 650 अमेरिकी सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं। यह जानकारी चीनी न्यूज एजेंसी शिनहुआ ने दी है।
IRGC के प्रवक्ता के मुताबिक, ईरान ने बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के हेडक्वार्टर और सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से कई हमले किए। ईरान ने यह भी दावा किया कि उसके मिसाइल हमलों से एक अमेरिकी सैन्य जहाज को भारी नुकसान पहुंचा।
जंग में अमेरिका के दावे…
- ईरान के 17 जहाज तबाह कर दिए गए, जिनमें एक पनडुब्बी भी शामिल है।
- इस ऑपरेशन में 50,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक शामिल हैं।
- करीब 200 फाइटर जेट, दो एयरक्राफ्ट कैरियर और बम गिराने वाले विमान शामिल हैं।
- ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइलें और ड्रोन को भारी नुकसान हुआ है।
- अमेरिका ने इस जंग को एपिक फ्यूरी नाम दिया है। इसका मतलब भयंकर गुस्सा होता है।
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें…




