ईरान बोला- भारत हमारा दोस्त, होर्मुज में सुरक्षित रास्ता देंगे:2-3 घंटे में ऐसा होते देखेंगे; ओमान में ड्रोन अटैक में 2 भारतीयों की मौत
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने कहा है कि ईरान भारत को सुरक्षित रास्ता देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच दोस्ताना संबंध हैं।
नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उनसे सवाल पूछा गया कि क्या ईरान भारत को होर्मुज स्ट्रेट में रास्ता देगा। इस पर फतहाली ने कहा, “हां, क्योंकि भारत हमारा दोस्त है। आप दो-तीन घंटे में ऐसा होते देखेंगे।” उनके मुताबिक भारत और ईरान के बीच लंबे समय से सहयोग और विश्वास का रिश्ता रहा है।
इसी बीच ओमान के सोहर प्रांत में ड्रोन गिरने से दो भारतीय कामगारों की मौत हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक सुरक्षा बलों ने एक ड्रोन को मार गिराया था, जिसके बाद उसका मलबा गिरने से यह हादसा हुआ।
दावा- ईरान के नए सुप्रीम लीडर का पैर काटना पड़ा
कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं और कोमा में हैं।
ब्रिटिश मीडिया द सन की रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमले में घायल होने के बाद उन्हें तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि उनकी हालत बेहद गंभीर है।
रिपोर्ट के मुताबिक हमले में चोट इतनी गहरी थी कि उनका एक पैर काटना पड़ा और लिवर को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। अस्पताल के एक हिस्से को पूरी तरह सील कर दिया गया है और वहां भारी सुरक्षा तैनात है।
मुजतबा खामेनेई को उनके पिता और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद 9 मार्च को देश का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया था। अली खामेनेई की 28 फरवरी को मौत हुई थी।
ईरानी राजदूत बोले- भारत और ईरान को एक-दूसरे की मदद करें
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने कहा है कि भारत और ईरान को एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए। नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय स्तर पर साझा हित हैं।
#WATCH | Delhi: Iran's Ambassador to India, Mohammad Fathali, says, "… This is our suffering, and vice versa. For this reason, the Government of India helps us, and we should also help the Government of India, because we share common faith and common interests. As the… pic.twitter.com/XOwKALS7iQ
— ANI (@ANI) March 13, 2026
फतहाली ने कहा कि भारत सरकार ने कई मौकों पर ईरान की मदद की है और ईरान को भी भारत के साथ सहयोग करना चाहिए। उन्होंने बताया कि ईरान के उच्च अधिकारियों ने भारत में स्थित ईरानी दूतावास को निर्देश दिए हैं कि दोनों देशों की सरकारों के बीच सहयोग बढ़ाने का रास्ता तैयार किया जाए।
इराक में अमेरिकी विमान क्रैश, सभी 6 क्रू मेंबर्स की मौत
पश्चिमी इराक में क्रैश हुए अमेरिकी एयरफोर्स के KC-135 रिफ्यूलिंग विमान में सवार सभी 6 क्रू मेंबर्स की मौत हो गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की।
CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि पश्चिमी इराक में दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान में सवार सभी छह क्रू मेंबर्स अब मृत घोषित किए जा चुके हैं।
इससे पहले अमेरिकी सेना ने 6 में से 4 क्रू मेंबर्स की मौत की पुष्टि की थी और बाकी दो की तलाश जारी थी। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के मुताबिक विमान ऑपरेशन के दौरान क्रैश हुआ था और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री बोले- नए ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा घायल
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई घायल हो गए हैं और संभव है कि वे बुरी तरह जख्मी भी हो गए हों। उन्होंने मुजतबा खामेनेई के नाम से जारी पहले कथित संदेश पर भी संदेह जताया है।
हेगसेथ ने यह भी कहा कि मुजतबा खामेनेई के नाम से जो पहला संदेश सामने आया है, उसकी प्रामाणिकता पर संदेह है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि यह स्पष्ट नहीं है कि संदेश वास्तव में उन्हीं ने जारी किया या नहीं।
ओमान में ड्रोन हमले में 2 भारतीयों की मौत
ओमान के सोहार शहर में ड्रोन हमले में 2 भारतीयों की मौत हो गई है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ड्रोन हमले में 11 लोग घायल भी हुए हैं जिनमें 10 भारतीय हैं।
विदेश मंत्रालय के गल्फ डिवीजन में अधिकारी असीम महाजन ने सरकारी ब्रीफिंग में बताया कि यह घटना मस्कट के पास स्थित सोहार शहर में हुई।
उन्होंने कहा कि भारतीय अधिकारी स्थानीय प्रशासन और संबंधित कंपनी के साथ लगातार संपर्क में हैं, ताकि घायलों को हर संभव मदद दी जा सके। साथ ही भारतीय दूतावास मृतकों के पार्थिव शरीर को भारत भेजने की प्रक्रिया में भी मदद कर रहा है।
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें…



अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रणनीति की आलोचना की है। बोल्टन का कहना है कि ट्रम्प ने ईरान को लेकर हालात का गलत आकलन किया>
उन्होंने कहा- ट्रम्प को शायद लगा था कि अमेरिका ईरान में भी वैसा ही सत्ता परिवर्तन करा सकता है जैसा उसने वेनेजुएला में करने की कोशिश की थी। लेकिन ईरान, वेनेजुएला नहीं है।
बोल्टन ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रम्प अक्सर बड़े फैसले बिना प्लानिंग के ले लेते हैं। उनके अनुसार राष्ट्रपति कई बार “तुरंत फैसले” करते हैं और दीर्घकालिक रणनीति पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते।
हालांकि बोल्टन ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना का प्रदर्शन अब तक मजबूत रहा है और ईरान की कुछ सैन्य क्षमताओं को नुकसान पहुंचाया गया है। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान को जल्दी झुकाने की उम्मीद करना गलत साबित हो सकता है।
हेगसेथ बोले- आज ईरान पर सबसे ज्यादा हमले होंगे
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि अमेरिका आज ईरान पर अब तक के सबसे ज्यादा हवाई हमले करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना युद्ध में दबाव बनाए रखेगी और अभियान को और तेज किया जाएगा। उनके मुताबिक बड़ी संख्या में फाइटर जेट और बॉम्बर विमानों से स्ट्राइक मिशन चलाए जाएंगे।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि अमेरिका ईरान की सभी अहम सैन्य क्षमताओं को खत्म करने की योजना पर आगे बढ़ रहा है। वर्जीनिया के आर्लिंगटन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने यह दावा किया।
हेगसेथ के मुताबिक अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान में 15,000 से ज्यादा सैन्य टारगेट पर हमले किए हैं। उन्होंने कहा कि इस सैन्य अभियान में दोनों देशों को बड़ी सफलता मिली है।इराक की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने देश का एयरस्पेस सोमवार दोपहर 12 बजे तक बंद रखने का ऐलान किया है। अथॉरिटी ने कहा कि यह फैसला क्षेत्र में बिगड़ते सुरक्षा हालात को देखते हुए एहतियाती तौर पर लिया गया है।
जर्मनी बोला- ईरान जंग का हिस्सा नहीं बनेंगे
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा है कि उनका देश ईरान से जुड़े युद्ध का हिस्सा नहीं है और न ही बनना चाहता है।
नॉर्वे दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई कारण नहीं है कि जर्मनी होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की सैन्य सुरक्षा देने पर विचार करे, जबकि इस अहम समुद्री रास्ते के आसपास ईरान से जुड़े हमले हो रहे हैं।
ईरान से 170 भारतीय जमीन के रास्ते आर्मेनिया पहुंचे
ईरान से करीब 170 भारतीय नागरिक जमीन के रास्ते आर्मेनिया पहुंच गए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इनमें से कुछ लोग भारत लौट चुके हैं, जबकि बाकी अगले कुछ दिनों में लौटेंगे।
जायसवाल के मुताबिक आर्मेनिया से भारत के लिए उपलब्ध कमर्शियल फ्लाइट्स के जरिए बाकी भारतीयों की वापसी भी जल्द कराई जाएगी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी ईरान के नेतृत्व से बातचीत में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है।
UN चीफ बोले- इजराइल और हिजबुल्लाह युद्ध रोकें
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इजराइल और हिजबुल्लाह से तुरंत युद्ध रोकने की अपील की है। बेरूत दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को सीजफायर कर युद्ध खत्म करना चाहिए।
गुटेरेस ने लेबनान के राष्ट्रपति भवन से कहा कि लेबनान ऐसा देश बने जहां केवल राज्य के पास ही बल प्रयोग का अधिकार हो। उन्होंने कहा कि अब हथियारबंद समूहों का समय नहीं है, बल्कि मजबूत राज्यों का समय है।
लेबनान में इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच जारी संघर्ष अब 11वें दिन में पहुंच चुका है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय संगठन युद्धविराम की अपील कर रहे हैं।
कश्मीर में फिलिस्तीन-ईरान के समर्थन में मार्च
जम्मू-कश्मीर के बडगाम में यौम-ए-कुद्स के मौके पर हजारों लोगों ने फिलिस्तीन और ईरान के समर्थन में रैली निकाली। बड़ी संख्या में पुरुष-महिलाएं और युवा इस मार्च में शामिल हुए।
यौम-ए-कुद्स रमजान के आखिरी शुक्रवार को मनाया जाता है। इस दिन दुनिया के कई देशों में फिलिस्तीन के समर्थन में रैलियां और प्रदर्शन आयोजित किए जाते हैं।
#WATCH | J&K: Thousands of people gathered in Budgam on the occasion of 'Youm-e-Quds' and held a protest march expressing solidarity with the oppressed people of Palestine and Iran.
A large congregation assembled at Markazi Imambara Budgam, following which people took out a… pic.twitter.com/hfMeYL85aN
— ANI (@ANI) March 13, 2026
ईरान में फिलिस्तीन समर्थक रैली में विस्फोट
ईरान की राजधानी तेहरान में फिलिस्तीन समर्थक अल-कुद्स डे रैली के पास विस्फोट हुआ है। ईरानी सरकारी टीवी के मुताबिक रैली के इलाके में एक साथ कई धमाकों की आवाज सुनी गई।
विस्फोट में कितने लोग हताहत हुए, इसकी अभी साफ जानकारी नहीं मिली है। अल-कुद्स डे हर साल रमजान के आखिरी शुक्रवार को मनाया जाता है। यह दिन फिलिस्तीन के समर्थन और येरुशलम (अल-कुद्स) के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शनों के लिए जाना जाता है।
तेहरान में प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाए। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने ट्रम्प और नेतन्याहू के पुतले भी जलाए। इसी दौरान विस्फोट हो गया।
🚨🚨🚨The moment of the airstrike by the #US and Israel near the massive march of the people of #Tehran (Quds Day) in support of #Palestine.
The reaction of the people is spectacular! pic.twitter.com/PPoQpk68fy
— IRIB (Islamic Republic of Iran Broadcasting) (@iribnews_irib) March 13, 2026
सऊदी अरब ने एयरस्पेस में घुसे 56 ड्रोन मार गिराए
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि शुक्रवार को देश के एयर डिफेंस सिस्टम ने उसके एयरस्पेस में घुसे 56 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर मार गिराया। मंत्रालय के मुताबिक इनमें से एक ड्रोन राजधानी रियाद के हाई-सिक्योरिटी डिप्लोमैटिक इलाके की ओर बढ़ रहा था।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सभी ड्रोन को समय रहते हवा में ही नष्ट कर दिया गया। हालांकि इन ड्रोन को किसने लॉन्च किया, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। इससे पहले गुरुवार शाम को मंत्रालय ने कहा था कि पिछले 24 घंटे में 53 ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए और पांच बैलिस्टिक मिसाइलों को भी नष्ट किया गया।
तुर्किये के एयरस्पेस में पहुंची ईरानी मिसाइल, नाटो ने मार गिराई
तुर्किये के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल उसके हवाई क्षेत्र में पहुंच गई थी, जिसे नाटो एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट कर लिया। इंटरसेप्शन के बाद मिसाइल के कुछ टुकड़े अदाना शहर के पास गिरे।
मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि पूर्वी भूमध्यसागर में तैनात नाटो एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइल को हवा में ही मार गिराया। फिलहाल इस घटना में किसी नुकसान या हताहत की जानकारी नहीं दी गई है।
तुर्किये ने कहा कि वह इस मामले में ईरान के साथ बातचीत कर रहा है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के दौरान यह तीसरी बार है जब ईरान से दागी गई मिसाइल तुर्किये की दिशा में आई, जिसे नाटो एयर डिफेंस ने इंटरसेप्ट कर लिया।
कुद्स डे रैली में नजर आए ईरानी राष्ट्रपति पजशकियान
ईरान की राजधानी तेहरान में कुद्स डे रैली के दौरान राष्ट्रपति मसूद पजशकियान लोगों के बीच पहुंचे। रमजान के आखिरी शुक्रवार को आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
⚡️ Iranians kiss and snap photos with President Pezeshkian as he joins crowd at Quds Day rally — depite threats to his life
Can any Western president move this freely among the public? https://t.co/1tvNFfi62l pic.twitter.com/t7gPPlCrTW
— RT (@RT_com) March 13, 2026
रैली के दौरान राष्ट्रपति भीड़ के बीच गए, जहां लोगों ने उनका स्वागत किया। कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और कुछ ने उन्हें किस कर समर्थन जताया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल में मिली जान से मारने की धमकियों के बावजूद राष्ट्रपति पजशकियान इस रैली में शामिल हुए और लोगों के बीच पहुंचे। कुद्स डे पर ईरान में हर साल फिलिस्तीन के समर्थन में रैलियां और प्रदर्शन आयोजित किए जाते हैं।
ईरान जंग का असर भारत पर भी पड़ रहा
ईरान जंग का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर यह संघर्ष लंबा चलता है तो भारत को तेल की कमी और विदेश से आने वाले पैसों (रेमिटेंस) दोनों में नुकसान हो सकता है।
इस जंग की वजह से दुनिया का अहम समुद्री रास्ता होर्मुज स्ट्रेट काफी हद तक प्रभावित हो गया है। दुनिया का करीब 20-30% कच्चा तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है। रास्ता प्रभावित होने से तेल की सप्लाई कम हुई है और कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं।
अल जजीरा के मुताबिक भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए मिडिल ईस्ट पर काफी निर्भर है। देश की 80% से ज्यादा गैस और करीब 60% तेल इसी रास्ते से आता है। अगर हालात ऐसे ही रहे तो भारत में ईंधन की कमी और महंगाई बढ़ने का खतरा है।
इस बीच तेल की कीमतें भी बढ़कर करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं, जो जंग से पहले के मुकाबले काफी ज्यादा है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि हालात बिगड़े तो तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है।
भारत की एक और बड़ी चिंता खाड़ी देशों में काम करने वाले करीब 91 लाख भारतीय हैं। ये लोग हर साल लगभग 50 अरब डॉलर (4.5 लाख करोड़ रुपए) भारत भेजते हैं। अगर जंग बढ़ती है और वहां नौकरियों पर असर पड़ता है तो यह पैसा कम हो सकता है, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर हालात और बिगड़े तो भारत के लिए खाड़ी देशों से इतने बड़े पैमाने पर अपने नागरिकों को निकालना भी बड़ी चुनौती बन सकता है।
ईरान को 2 लाख डॉलर की मदद देगा चीन
चीन ने ऐलान किया है कि वह ईरान को 2 लाख डॉलर (1 करोड़ 66 लाख रुपए) की मदद देगा। यह पैसा जंग में मारे गए छात्रों के माता-पिता की मदद के लिए दिया जाएगा।
चीन के विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह सहायता रेड क्रास सोसाइटी के जरिए भेजी जाएगी। यह पैसा ईरान की राहत संस्था ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी को दिया जाएगा, ताकि जिन छात्रों की मौत हुई है उनके परिवारों को मदद मिल सके।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि चीन आम लोगों पर होने वाले हमलों की निंदा करता है। जंग में नागरिकों को निशाना बनाना गलत है।