ईरान बोला- एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाने देंगे:जो देश इजराइल-अमेरिका के राजदूतों को निकालेंगे, उनके जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने देंगे
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का 11वां दिन हैं। इस बीच ईरान ने कहा है कि वह एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाने देगा। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के गुजरने को लेकर एक नई शर्त रखी है।
इजराइली मीडिया वाइनेट की रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान की सेना इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि कुछ देशों के जहाजों को इस रास्ते से गुजरने दिया जा सकता है, लेकिन इसके लिए उन देशों को पहले इजराइल और अमेरिका के राजदूतों को अपने देश से निकालना होगा।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का बहुत अहम समुद्री रास्ता है। हर साल दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है।
हालांकि अमेरिकी चैनल CNN ने कहा है कि ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों पर सिक्योरिटी टैक्स यानी सुरक्षा शुल्क लगाने की योजना बना रहा है, खासकर उन जहाजों पर जो अमेरिका के सहयोगी देशों के हैं।
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें…





तुर्किये ने देश में पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात करने का फैसला किया है। तुर्किये के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि देश की सीमाओं और हवाई क्षेत्र की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए नाटो और अन्य सहयोगी देशों के साथ भी लगातार बातचीत हो रही है।
यह डिफेंस सिस्टम विमान, क्रूज मिसाइल, टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल, ड्रोन और कुछ हद तक हाइपरसोनिक थ्रेट्स को रोकने के लिए डिजाइन की गई है।
मंत्रालय के अनुसार इन सुरक्षा उपायों के तहत तुर्किये के मालात्या शहर में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली तैनात की जा रही है, ताकि हवाई क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत की जा सके।
मालात्या शहर में क्यूरेजिक एयरबेस स्थित है, जो तुर्किये का एक महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना है। यहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और नाटो का एक प्रारंभिक चेतावनी रडार सिस्टम भी मौजूद है, जो ईरान से दागी जाने वाली मिसाइलों का पता लगाने में सक्षम है।
ट्रम्प की धमकी- होर्मुज स्ट्रेट बंद किया तो 20 गुना ताकत से हमला करेंगे
ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने होर्मुज स्ट्रेट से तेल की आवाजाही रोकने की कोशिश की तो अमेरिका उस पर अब तक से 20 गुना ज्यादा ताकत से हमला करेगा।
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अगर ईरान तेल के प्रवाह को रोकने के लिए कोई कदम उठाता है, तो अमेरिका ऐसे ठिकानों को निशाना बनाएगा जिन्हें आसानी से नष्ट किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इससे ईरान के लिए दोबारा देश को खड़ा करना लगभग असंभव हो जाएगा। ट्रम्प ने कहा कि ऐसी स्थिति में मौत और तबाही” देखने को मिलेगी, हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसी नौबत न आए।
होर्मुज स्ट्रेट ओमान और ईरान के बीच स्थित है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। दुनिया की कुल पेट्रोलियम खपत का लगभग 20 प्रतिशत इसी रास्ते से गुजरता था।
ईरान का दावा- अमेरिका-इजराइल हमलों में 193 बच्चों की मौत
ईरान सरकार की प्रवक्ता फातिमा मोहाजेरानी ने कहा है कि अमेरिका और इजराइल के हमलों में अब तक 193 बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें सबसे कम उम्र की पीड़ित आठ महीने की एक बच्ची है।
मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार मोहाजेरानी ने एक प्रेस ब्रीफिंग में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमलों में चार महीने का एक नवजात बच्चा भी घायल हुआ है।
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इन हमलों में स्वास्थ्य क्षेत्र को भी नुकसान पहुंचा है। अब तक 11 स्वास्थ्यकर्मियों की मौत हो चुकी है। उनके अनुसार कुल 52 स्वास्थ्य सेवा इकाइयों को निशाना बनाया गया है। इनमें 29 चिकित्सा केंद्र, 19 आपातकालीन इकाइयां और 16 एम्बुलेंस शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि हमलों में चार एम्बुलेंस और एक रेस्क्यू हेलिकॉप्टर भी नष्ट हो गया है।
इराक ने एयरस्पेस बंद रखने की अवधि बढ़ाई
इराक के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने देश के एयरस्पेस को बंद रखने की अवधि बढ़ा दी है। अब सभी आने-जाने और ऊपर से गुजरने वाली उड़ानों के लिए इराक का एयरस्पेस अगले 72 घंटे तक बंद रहेगा।
यह अस्थायी एहतियाती कदम आज दोपहर से लागू किया गया है और यह शुक्रवार तक जारी रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि यह फैसला क्षेत्र में जारी सुरक्षा स्थिति और हालिया घटनाओं को देखते हुए लिया गया है।
प्राधिकरण ने यह भी कहा कि हालात की लगातार समीक्षा की जा रही है और स्थिति में बदलाव होने पर आगे का फैसला लिया जाएगा।
ईरान से हजारों अफगान नागरिक वापस लौट रहे
अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान में रह रहे हजारों अफगान नागरिक देश छोड़कर सीमा पार कर रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार ईरान में करीब 30 लाख से 50 लाख तक अफगान नागरिक रहते हैं। मौजूदा हालात के कारण लगभग 2,000 लोग हर दिन सीमा पार कर अफगानिस्तान लौट रहे हैं। इनमें से कई लोग पहले ही युद्ध, हिंसा और गरीबी के कारण विस्थापित हो चुके हैं।
अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के प्रतिनिधि अराफात जमाल ने कहा कि अफगान नागरिकों के सामने मुश्किल स्थिति है। उनके लिए यह तय करना आसान नहीं है कि वे ईरान में रहें या अपने देश लौट जाएं।
ईरान बोला- हम युद्धविराम नहीं चाहते, हमलावरों को कड़ा जवाब देंगे
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने कहा है कि उनका देश अभी युद्धविराम नहीं चाहता।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ईरान पर हमला करने वालों को कड़ा जवाब दिया जाएगा, ताकि वे दोबारा ऐसा करने की हिम्मत न करें।
गालिबाफ ने कहा कि ईरान को नहीं लगता कि अमेरिका और इजराइल से बातचीत करके यह युद्ध खत्म होगा।
उनके मुताबिक, ईरान उस हालात को खत्म करना चाहता है जिसमें पहले युद्ध होता है, फिर बातचीत और सीजफायर होता है, और कुछ समय बाद फिर से युद्ध शुरू हो जाता है।
इराक के पीएम ने अमेरिका से कहा- हमले के लिए हमारी जमीन का इस्तेमाल न करे
इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने अमेरिका से कहा है कि इराक की जमीन या एयरस्पेस का इस्तेमाल पड़ोसी देशों पर हमले के लिए नहीं होना चाहिए।
उन्होंने यह बात अमेरिकी विदेश मंत्री मार्के रुबियो से फोन पर बातचीत के दौरान कही। इराक के प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका देश ईरान जंग में शामिल नहीं होना चाहता और किसी भी तरह के संघर्ष से दूर रहना चाहता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी देश इराक के एयरस्पेस का उल्लंघन नहीं करे। युद्ध शुरू होने के बाद इराक के ऊपर कई तरफ से फाइटर जेट्स और मिसाइलें गुजरते देखे गए थे।
जंग के बीच थाईलैंड में वर्क फ्रॉम होम का आदेश
पाकिस्तान के बाद अब थाईलैंड ने भी ईंधन बचाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने का आदेश दे दिया है। थाई प्रधानमंत्री अनुटिन चार्नवीराकुल ने मंगलवार को यह ऐलान किया।
थाईलैंड में सरकारी कर्मचारियों के विदेश जाने पर भी रोक लग गई है। इसके अलावा लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करने जैसे कदम भी उठाए गए हैं।
एशिया के दूसरे देशों ने भी इसी तरह के उपाय किए हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को बढ़ती तेल कीमतों को देखते हुए खर्चों में कटौती योजना का ऐलान किया है।
इसके तहत सरकारी दफ्तर हफ्ते में सिर्फ चार दिन खुलेंगे और आधे कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इस हफ्ते के अंत से स्कूल दो हफ्तों के लिए बंद रहेंगे।
वियतनाम ने लोगों से ईंधन बचाने के लिए घर से काम करने और गाड़ियों का कम इस्तेमाल करने की अपील की है, जबकि बांग्लादेश ने बिजली और ईंधन बचाने के लिए विश्वविद्यालयों को पहले ही बंद कर दिया और ईद-उल-फितर की छुट्टियां आगे बढ़ा दी हैं।
ईरान से उठने वाला धुआं पाकिस्तान तक पहुंच सकता है
पाकिस्तान के मौसम विभाग ने कहा है कि ईरान में हुए हवाई हमलों के बाद वहां से उठने वाला धुआं और प्रदूषण पाकिस्तान की हवा को भी खराब कर सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक, ईरान से आने वाली हवाएं प्रदूषण को पाकिस्तान के पश्चिमी इलाकों तक आ सकती हैं। इससे वहां की हवा की क्वालिटी खराब हो सकती है।
मौसम विभाग ने यह भी बताया कि पश्चिमी पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में 12 मार्च तक बारिश, तेज हवाएं और गरज के साथ तूफान आ सकता है।
पाकिस्तान और ईरान के बीच करीब 900 किलोमीटर लंबी सीमा है, इसलिए ईरान में होने वाली घटनाओं का असर पाकिस्तान पर भी पड़ सकता है।
इस बीच CNN की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के ऑयल स्टोरेज ठिकानों पर हमलों के बाद शहर के ऊपर अभी भी घना काला धुआं छाया हुआ है और वहां की हवा में सांस लेना मुश्किल हो गया है।

दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान जंग जारी रहती है और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही रुकती है, तो दुनिया के ऑयल मार्केट में बड़ा संकट आ सकता है।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अरामको के सीईओ अमीन नासिर ने कहा कि अगर यह परेशानी लंबे समय तक चली, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण रास्ता है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल दूसरे देशों तक भेजा जाता है। अगर यहां से तेल की सप्लाई रुकती है, तो कई देशों को परेशानी हो सकती है।
नासेर ने कहा कि इससे शिपिंग, बीमा, हवाई यात्रा, खेती और ऑटोमोबाइल जैसे कई इंडस्ट्री पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस समय दुनिया में तेल का भंडार पिछले 5 साल में सबसे कम है। इसलिए अगर सप्लाई और कम हुई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।