मनोज कुमार सिंह, सीतापुर। शहीदों का सपना जागरूकता युवा संकल्प रैली निकल गई जिसमें भारी संख्या में युवा सम्मिलित हुए। युवाओं की प्रमुख मांगों में सबको अच्छी और सस्ती शिक्षा मिले, जात धर्म के नाम पर भेदभाव बंद हो, नौजवानों को रोजगार मिले के नारे लगाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक रैली पहुंचकर समापन हुई। उन युवाओं का कहना था आज गांव-गांव में जाति धर्म के नाम पर झगड़ा धर्म के नाम पर नफरत और झूठी अफवाह फैल रहे हैं। आए दिन कहीं ना कहीं महिलाओं और बेटियों के साथ बलात्कार और उनकी हत्या के मामले हम खबरों या सोशल मीडिया पर देखते रहते हैं। यह घटनाएं सिर्फ सोशल मीडिया पर ही नहीं बल्कि हमारे गांव खेत खलियान से ही निकाल कर आ रही हैं। एक समय था जब गांव की बेटी सब की बेटी होती थी आज घर की चौखट के बाहर खेलती बेटी कई बार बेटे भी सुरक्षित नहीं है। दूसरी तरफ अपने गांव वाले इलाकों में नजर उठा कर देखा देखी तो दिख जाएगा की कितनी ही लड़कियां स्कूल या कॉलेज दूर होने की वजह से अपनी पढ़ाई छोड़ देते हैं। लगातार महंगी होती पढ़ाई कितने ही युवा और युवतियों को कॉलेज तक पहुंचना है तो पहुंचने ही नहीं देते हैं। यह तो कुछ उदाहरण है इससे भी कठिन परिस्थितिया हर गांव या इलाके में देखने को मिल जाएंगे। इन कठिन हालात,में लड़ने के बजाय हम सब आपस में लड़ते हैं तो बेरोजगारी पढ़ाई की कमी और अस्पतालों के खराब हालात जैसे असली मुद्दे पीछे छूट जाते हैं। यही बात भगत सिंह समझाते और कहते थे की मेहनतकश आपस में नहीं बल्कि अन्याय के खिलाफ मिलकर लड़े। अगर नौजवान एकजुट होगा तो रोजगार भी मांगेगा, अच्छी शिक्षा भी मांगेगा और अपने हक भी लेगा। हमारी धरती संत कबीर दास राजगुरु अफगुल्ला खान सुखदेव और भगत सिंह की धरती है। यही भाईचारे की धरती है इसे,नफरत की आग में नहीं झौकना है।