शहीद ए आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के 96वें शहादत दिवस के मौके पर आवामी एकता मंच के प्रतिनिधि मंडल ने नौजवान भारत सभा के सदस्य क्रांति कुमार की पुत्री उर्वशी शर्मा और उनके पति कंवल नैन शर्मा का किया अभिनंदन
एडवोकट संजय कुमार, पानीपत, 23 मार्च । सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राममोहन राय, आम आदमी पार्टी के पानीपत प्रमुख प्रीत पाल खेड़ा, इंडियन एसोसिएशन लॉयर्स सचिव एडवोकेट पवन सैनी, आल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन सदस्य भानू सैनी के साथ आवामी एकता मंच का एक प्रतिनिधि मंडल आज भगत सिंह के साथी क्रांति कुमार की बेटी उर्वशी शर्मा जी से मिला और शहादत दिवस के मौके पर शहीदों के विचारों को फैलाने का प्रण लिया। आज 23 मार्च को शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को अंग्रेजी सरकार ने फांसी पर चढ़ा दिया था।
आवामी एकता मंच के संयोजक एडवोकेट संजय कुमार ने बताया कि क्रांति कुमार भगत सिंह के साथ नौजवान भारत सभा से जुड़े हुए थे और उनके साथ मिलकर काम किया। क्रांति कुमार का असली नाम हंसराज था लेकिन हंसराज नाम का ही एक अंग्रेजों का मुखबिर था तो भगत सिंह ने हंसराज का नाम बदलकर क्रांति कुमार रखा था। क्रांति कुमार ने अपने जीवन के लगभग साढ़े 13 साल अंग्रेजी शासनकाल में जेल के अंदर बिताए।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राममोहन राय जी ने कहा कि पानीपत को गर्व है कि शहीद भगत सिंह के अनन्य साथी क्रांति कुमार ने पानीपत को अपनी कर्मभूमि बनाया और यहां उन्होंने पत्रकारिता की। लेकिन पंजाब विभाजन के बाद सांप्रदायिक उन्मादियों की भीड़ ने उन्हें 15 मार्च 1966 को लाल बत्ती चौक स्थित टक्कर की एक दुकान में जिंदा जलाकर मार डाला। उन्होंने कहा कि वे भगत सिंह के सच्चे भरोसेमंद साथी थे। जब भगत सिंह को जेल से कोई भी लेख या कागज बाहर भेजना होता था या कोई भी फाइल जेल में मंगवानी होती थी तो वह सबसे ज्यादा भरोसा क्रांति कुमार पर ही किया करते थे। क्रांति कुमार शहीद चंद्रशेखर आजाद द्वारा स्थापित नौजवान भारत सभा के महासचिव रहे।