रूस के दावे ने मचाई हलचल, यूक्रेन पर विदेशी सैनिकों के लड़ने का आरोप; कहा- इन्हें खत्म…

Russia Ukraine War: यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष में रूस ने नया दावा किया है कि यूक्रेनी मोर्चों पर विदेशी सैनिक भी लड़ रहे हैं. क्रेमलिन ने मंगलवार को यह जानकारी दी और चेतावनी जारी की कि ऐसे विदेशी लड़ाकों पर कार्रवाई की जाएगी.

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Russia Ukraine War: यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष में रूस ने नया दावा किया है कि यूक्रेनी मोर्चों पर विदेशी सैनिक भी लड़ रहे हैं. क्रेमलिन ने मंगलवार को यह जानकारी दी और चेतावनी जारी की कि ऐसे विदेशी लड़ाकों पर कार्रवाई की जाएगी. रूसी अधिकारियों का कहना है कि उनकी सेना लगातार लड़ाई के क्षेत्र में विदेशी भाषाओं की आवाजें सुन रही है, जिसमें विशेषकर अंग्रेजी और फ्रेंच शामिल हैं.

रूस लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि नाटो के सैनिक और यूरोपीय खुफिया एजेंसियां यूक्रेन में सक्रिय हैं. रूसी जासूसों के अनुसार, मोर्चों पर इस तरह की गतिविधियां जारी हैं और रूस उन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकता. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मीडिया से कहा, “हमारी सेना विदेशी भाषाओं और गतिविधियों की लगातार निगरानी कर रही है. ऐसे विदेशी लड़ाकों की मौजूदगी के प्रति हमारी प्रतिक्रिया सक्रिय रहेगी.”

 “सैनिक यूक्रेन में नहीं हैं”

वहीं, नाटो और अमेरिका इस दावे को खारिज करते आए हैं. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उनके सैनिक यूक्रेन में नहीं हैं. हालांकि अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और यूरोप की खुफिया एजेंसियां यूक्रेन में मौजूद हैं, लेकिन ये सीधे युद्ध में भाग नहीं ले रही हैं. उनका मुख्य उद्देश्य युद्ध क्षेत्र की जानकारी और रणनीतिक सलाह देना है.

रूस-बेलारूस में वार्ता की संभावना नहीं

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने स्पष्ट किया है कि उनका देश शांति वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में अपने क्षेत्रों को छोड़ने या रूस की शर्तों को मानने वाला नहीं है. उन्होंने कहा कि वार्ता कहीं भी हो सकती है, लेकिन रूस या बेलारूस में नहीं.

इससे पहले ट्रंप और पुतिन के बीच हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में शांति वार्ता होने की योजना थी, लेकिन रूस की सख्त शर्तों के कारण बैठक संभव नहीं हो सकी. जेलेंस्की ने जोर देकर कहा कि उनका देश अपनी सीमाओं की रक्षा करेगा और किसी भी हिस्से को रूस को नहीं देगा.

जेलेंस्की ने अमेरिकी सांसदों से की अपील

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अमेरिकी सांसदों से रूस पर और कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि हाल ही में रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंध पर्याप्त नहीं हैं. जेलेंस्की ने यह भी कहा कि यूक्रेन को अगले दो से तीन वर्षों तक यूरोपीय सहयोगियों से वित्तीय सहायता की जरूरत होगी, ताकि देश युद्ध और पुनर्निर्माण दोनों में स्थिर रह सके.

उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्थिक और सैन्य सहयोग के बिना युद्ध में टिके रहना और अपने नागरिकों की सुरक्षा करना मुश्किल होगा. जेलेंस्की ने कहा कि यूरोप और अमेरिका का समर्थन यूक्रेन की रणनीति और क्षेत्रीय अखंडता के लिए अहम है.

संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

यूक्रेन में विदेशी सैनिकों की मौजूदगी के रूस के दावे ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ा दी है. विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तविकता में यह दावे राजनीतिक दबाव और युद्ध की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं. वहीं, यूक्रेन के प्रतिरोध और उनके सहयोगियों की मदद ने युद्ध क्षेत्र में रूस के आक्रामक रुख को चुनौती दी है.

जेलेंस्की ने कहा कि उनका देश किसी भी स्थिति में अपने नागरिकों और क्षेत्रों को नहीं छोड़ेगा. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह रूस के खिलाफ कड़े कदम उठाए और यूक्रेन के पुनर्निर्माण और सुरक्षा में सहयोग करे.

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