एक्‍सक्‍लूस‍िव: सरकार को यकीन- इंडिगो ने की गलती, सीईओ तलब, अब बड़े एक्‍शन की तैयारी

इंडिगो पर सरकार ने सख्‍त रुख अपना ल‍िया है. ज‍िस तरह लोगों को परेशानी हुई, उसके बाद जो रिपोर्ट्स सामने आई हैं, उससे साफ लग रहा क‍ि इंडिगो की गलती है और फैक्‍ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट आने एक्‍शन होना तय है. यह जानकारी न्‍यूज18 को सिव‍िल एव‍िएशन मिन‍िस्‍ट्री के सूत्रों ने दी है.न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक इंडिगो मामले में जांच के लिए बना DGCA का पैनल बुधवार को CEO पीटर्स एल्बर्स और COO इसिड्रे पोरक्वेरस को बुला सकता है। ये जांच का हिस्सा है। 5 दिसंबर को बने 4 सदस्यीय पैनल को ऑपरेशनल रुकावटों की असली वजहों का पता लगाने का काम सौंपा गया है।

0 117
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) में मची हालिया अफरा-तफरी पर केंद्र सरकार ने बेहद सख्त रुख अपना लिया है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Civil Aviation Ministry) ने कहा क‍ि सरकार का मानना है कि इस पूरे संकट में इंडिगो की गलती है. मंत्रालय को यकीन है कि एयरलाइन ने स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया और चीजों को हल्के में लेने की भूल की है. इस मामले में अब जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) आज ही इंडिगो के सीईओ (CEO) और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) को कारण बताओ नोटिस जारी करने जा रहा है. हालांकि, सरकार किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई जल्दबाजी में नहीं करेगी, बल्कि इसके लिए मंत्रालय द्वारा गठित ‘फैक्ट फाइंडिंग कमेटी’ की रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा. कुछ ही देर बाद खबर आई क‍ि सीईओ को फैक्‍ट फाइंडिंग कमेटी ने तलब कर ल‍िया है.
मूडीज ने इंडिगो की रेटिंग निगेटिव कर दी है। मूडीज के मुताबिक इंडिगो ने नए एविएशन रेगुलेशन के लिए प्लानिंग नहीं की, जिसके कारण फ्लाइट्स में बड़े पैमाने पर रुकावटें आईं। मूडीज ने कहा कि फ्लाइट्स में रुकावटें इंडिगो की प्लानिंग और ओवरसाइट में बड़ी चूक दिखाती हैं, क्योंकि नए रेगुलेशन के बारे में एक साल से ज्यादा समय से पता था।
राज्यसभा में बोले सिविल एविएशन मिनिस्टर-सभी को नियम मानना होगा

इंडिगो संकट पर राज्यसभा में सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू ने कहा कि जिन भी पैसेंजर्स को देरी और कैंसिलेशन की वजह से दिक्कत हुई है, उनके लिए सख्त सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CARs) लागू हैं। एयरलाइन ऑपरेटर्स को इन रिक्वायरमेंट्स को मानना ​​होगा। सॉफ्टवेयर इशू के बारे में, एक इंक्वायरी की गई है। इस सेक्टर में लगातार टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन होता रहता है। सरकार की तरफ से हमारा विजन देश में एविएशन सेक्टर के लिए टॉप ग्लोबल स्टैंडर्ड्स रखना है।

विपक्ष ने लोकसभा में मांग की कि सरकार देश को बताए कि इंडिगो फ्लाइट में रुकावट और देश भर के अलग-अलग एयरपोर्ट पर लोगों को हो रही परेशानी के बाद वह क्या कर रही है।

स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि सिविल एविएशन मिनिस्टर के राममोहन नायडू आज या कल लोअर हाउस में इस मामले पर डिटेल में बयान देंगे।

जूनिटर हॉकी वर्ल्ड कप खिलाड़ियों की फैमिली बोली- इंडिया में फ्लाइट्स बुक नहीं कर रहे

जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप के दौरान इंडिगो की फ्लाइट्स में देरी और कैंसिलेशन से चेन्नई पहुंचे खिलाड़ियों के परिवारों का ताजमहल और अन्य जगह घूमने का प्लान कैंसिल हो गया है। खिलाड़ियों के फैमिली ने कहा कि अब वे भारत में फ्लाइट्स बुक नहीं कर रहे हैं बल्कि सड़क के रास्ते ही सफर कर रहे हैं। चेन्‍नई-मदुरै में 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चल रहे टूर्नामेंट में 24 टीमें हिस्सा ले रही हैं।

इंडिगो फ्लाइट संकट की बीच एयरलाइन ने DGCA की नोटिस का जवाब दिया है। इंडिगो ने कहा कि हमें इस घटना पर अफसोस है और अपने कस्टमर्स से माफी मांगते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) फेज II की चुनौतियों के बारे में DGCA से बात कर रहे थे।

एयरलाइन के मुताबिक दिक्कतें दिसंबर की शुरुआत में शुरू हुईं, जब कुछ कारणों की वजह से ऑन-टाइम नेटवर्क परफॉर्मेंस कम हो गया। इसी के साथ क्रू की उपलब्धता पर भी असर पड़ा। सारी परेशानियों के दूर करने के लिए 5 दिसंबर को पूरा सिस्टम रीबूट किया।

वहीं सोमवार को कंपनी ने दावा किया कि उन्होंने 100% नेटवर्क रीस्टोर कर लिया है। 91% फ्लाइट्स ऑनटाइम ऑपरेट हो रही हैं जो रविवार से 75% ज्यादा है। इसी बीच सोमवार को ही इंडिगो की 500 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हुईं।

उधर, राज्यसभा में सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि इंडिगो संकट उसके क्रू रोस्टरिंग और इंटरनल प्लानिंग सिस्टम में समस्याओं के कारण हुआ। इससे यात्रियों को काफी दिक्कतें हुईं। हम इसे हल्के में नहीं लेंगे। जांच जारी है। हम ऐसा एक्शन लेंगे जो दूसरों के लिए मिसाल बने।

इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है जिसमें इंडिगो की फ्लाइट के अंदर कबूतर उड़ता दिखाई दे रहा है। ये फ्लाइट बेंगलुरु से वडोदरा जा रही थी।

इंडिगो ने DGCA को जवाब में कहा- असल वजह पता नहीं

इंडिगो ने DGCA को जारी जवाब में कहा कि इस समय ऑपरेशन में आई मुश्किलों की असल वजहों का पता लगाना मुमकिन नहीं है। DGCA के मैनुअल में SCN के लिए पंद्रह दिन का जवाब देने का टाइमलाइन है, जिससे पता चलता है कि एक पूरा रूट कॉज एनालिसिस(RCA) करने के लिए और समय चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इन्कार किया

सुप्रीम कोर्ट ने इंडिगो के खिलाफ दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। CJI सूर्यकांत ने कहा कि भारत सरकार पहले ही इस मुद्दे पर एक्शन ले चुकी है। मामले की सुनवाई 10 दिसंबर को होगी।

कंपनी का दावा- पायलट पर्याप्त, बफर कम

इंडिगो ने कहा- मौजूदा संकट की वजह जानने के लिए ‘रूट कॉज एनालिसिस’ होगा। एक अधिकारी ने बताया, नई एफडीटीएल व्यवस्था लागू होने के चलते क्रू प्लानिंग में बफर की कमी संकट का प्रमुख कारण रही। हमारे पास पायलटों की कमी नहीं। बस दूसरी एयरलाइन जितना ‘बफर’ स्टाफ नहीं था। संसद की परिवहन, पर्यटन और संस्कृति मामलों की समिति भी इंडिगो और डीजीसीए के अधिकारियों को तलब कर सकती है।

एयरलाइन ने एक बयान जारी कर ये भी बताया कि कंपनी ने 4 दिसंबर को ही क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) बनाया था जो रोज समस्या को हल करने के लिए मीटिंग्स कर रहा है। इंडिगो ने कहा कि 5 से 15 दिसंबर तक की गई बुकिंग कै पूरा रिफंड कर दिया गया है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, सरकार का यह दृढ़ मत है कि इंडिगो प्रबंधन परिचालन को संभालने में विफल रहा है. सूत्रों ने बताया, मंत्रालय पूरी तरह से आश्वस्त है कि गलती इंडिगो की तरफ से हुई है. ऐसा लगता है कि एयरलाइन ने अपने मार्केट डोमिनेंस और सिस्टम को ‘ग्रांटेड’ ले लिया था, जिसके कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा.
New Delhi: Luggage of passengers piled up at the Indira Gandhi International Airport amid IndiGo flight disruptions, in New Delhi, Monday, Dec. 8, 2025. (PTI Photo/Arun Sharma) (PTI12_08_2025_000222B)
द‍िल्‍ली एयरपोर्ट पर यात्र‍ियों के बैगेज कुछ इस तरह बिखरे पड़े हुए हैं.
यह टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि डीजीसीए और मंत्रालय लगातार एयरलाइंस के साथ संपर्क में थे. मंत्रालय पहले से ही संभावित चुनौतियों को लेकर आगाह कर रहा था, लेकिन इसके बावजूद इंडिगो का रिस्पॉन्स सिस्टम चरमरा गया. सरकार का मानना है कि जब आप देश की सबसे बड़ी एयरलाइन चलाते हैं, तो आपकी जिम्मेदारी भी सबसे बड़ी होती है, जिसे निभाने में कहीं न कहीं चूक हुई है.
Leave A Reply

Your email address will not be published.