चीन बोला- अमेरिका मादुरो को तुरंत रिहा करे:राष्ट्रपति को अगवा करना गलत; वेनेजुएला पर हमले से न्यूयॉर्क मेयर ममदानी भी नाराज
चीन ने अमेरिका से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को तुरंत रिहा करने की मांग की है। दोनों इस समय अमेरिका की हिरासत में हैं। अमेरिकी सेना ने उन्हें वेनेजुएला की राजधानी काराकास से पकड़कर अमेरिका ले जाया है।
चीनी विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में कहा कि राष्ट्रपति को इस तरह अपने देश ले जाना गलत है। इस मुद्दे का हल बातचीत से होना चाहिए। इससे पहले भी चीन ने अमेरिका की कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी पर नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे ‘एक्ट ऑफ वॉर’ बताया और कहा कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी कानून दोनों का उल्लंघन है।
अमेरिकी सैनिकों ने 2 जनवरी की रात वेनेजुएला पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को अगवा कर लिया था। इसके बाद उन्हें न्यूयॉर्क लाया गया है, जहां उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। उन पर हथियार-ड्रग्स से जुड़े मामलों में मुकदमा चलाया जाएगा।
सऊदी से ज्यादा तेल फिर भी दाने-दाने को मोहताज वेनेजुएला

यह कहानी एक ऐसे देश की है जिसके पास सऊदी अरब से भी ज्यादा तेल है, लेकिन पिछले एक दशक में उसने अपनी 80% जीडीपी गंवा दी। कभी दुनिया के सबसे अमीर देशों में शामिल इस देश ने अपनी दौलत का ऐसा मिसमैनेजमेंट किया कि आज वहां के लोग देश छोड़ रहे हैं।
बात हो रही है ‘वेनेजुएला’ की, जिस पर शनिवार 3 जनवरी को अमेरिका ने हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया है। हजारों किलोमीटर दूर दक्षिण अमेरिका में हो रही इस हलचल का असर भारत में आम आदमी पर भी पड़ सकता है।
अमेरिकी सांसद बोले- पुतिन जेलेंस्की को गिरफ्तार कर लें तो क्या होगा
भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने भी ट्रम्प के मिलिट्री एक्शन की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह पुतिन भी जेलेंस्की को गिरफ्तार कर लें तो क्या होगा। उन्होंने कहा कि यह दुनिया के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम कर सकता है।

इलॉन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस स्टारलिंक ने वेनेजुएला में 3 फरवरी तक लोगों को मुफ्त ब्रॉडबैंड इंटरनेट देने का ऐलान किया है। स्टारलिंक सैटेलाइट के जरिए मोबाइल ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा देती है।
इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था नेटब्लॉक्स के मुताबिक, शनिवार को राजधानी कराकास के कुछ इलाकों में अचानक इंटरनेट सेवा बाधित हो गई। संस्था ने कहा कि यह बाधा अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान बिजली कटौती से जुड़ी हो सकती है।
स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स में भी दावा किया गया है कि राजधानी के कई हिस्सों में इंटरनेट पूरी तरह ठप है।
वेनेजुएला पहले से ही ऑनलाइन सेंसरशिप की समस्या से जूझता रहा है। मादुरो सरकार के दौरान फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को समय-समय पर ब्लॉक किया गया था।
नाटो के पूर्व चीफ बोले- वेनेजुएला पर कंट्रोल करना बहुत मुश्किल होगा
नाटो के एक पूर्व चीफ ने CNN से बातचीत में कहा कि वेनेजुएला में बढ़ती दुश्मनी अमेरिका के लिए खतरा पैदा कर सकता है। खासकर तब जब वह अपनी सेना के जरिए वहां से तेल हासिल करने की कोशिश करेगा।
रिटायर्ड जनरल वेस्ली क्लार्क ने कहा,
पहले भी ऐसा देखा गया है कि जब कोई बड़ी ताकत सिर्फ संसाधन लूटने के लिए किसी देश में घुसती है, तो वहां के लोग इसे पसंद नहीं करते। भले ही राष्ट्रपति यह दावा करें कि ये संसाधन अमेरिकी हैं, अमेरिका ने पहले निवेश किया था और बाद में उनका राष्ट्रीयकरण कर लिया गया था।

उन्होंने कहा कि अगर कोई देश दुश्मन बन जाए, तो वहां के तेल पर सिर्फ कब्जा बनाए रखना आसान नहीं होता।
‘ट्रम्प के पहले कार्यकाल में मादुरो को हटाने का प्लान बना था’
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पहले कार्यकाल के दौरान भी वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने का प्लान बनाया गया था, लेकिन इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका।
बोल्टन ने बताया कि ट्रम्प उस वक्त वेनेजुएला के तेल में काफी दिलचस्पी ले रहे थे। उनकी टीम ट्रम्प को मादुरो को हटाने के विचार के लिए तो राजी कर पाई, लेकिन लंबे समय तक उन्हें इस पर ध्यान फोकस्ड नहीं रख सकी।
उन्होंने यह भी कहा कि उस समय वेनेजुएला का विपक्ष मानता था कि सिर्फ आर्थिक दबाव डालकर ही मादुरो की सरकार को कमजोर किया जा सकता है।
बोल्टन के मुताबिक, ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में विदेश मंत्री और कार्यवाहक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रुबियो इस मुद्दे पर ट्रम्प को कार्रवाई के लिए मनाने में सफल रहे।
अमेरिका रक्षामंत्री बोले- वेनेजुएला पर हमला इराक से उलट
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि वेनेजुएला पर हमला, इराक पर हमले के बिल्कुल उलट है।
उन्होंने CBS न्यूज से बातचीत में कहा कि अमेरिका ने दशकों तक इराक में समय दिया, पैसा और खून बहाया। इसके बदले में अमेरिका को कुछ नहीं मिला, लेकिन इस बार ट्रम्प ने कहानी को पलट दिया है।
हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका को वेनेजुएला पर लिए एक्शन के बाद उसके संसाधनों तक पहुंच हासिल होगी। उन्होंने कहा कि इससे किसी देश को अपने संसाधनों का इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है, वह भी बिना अमेरिकी सैनिकों का खून बहाए।
अमेरिकी हमले के बाद वेनेजुएला का मिलिट्री बेस तबाह
तस्वीरें वेनेजुएला के सबसे बड़ा मिलिट्री बेस फुएर्टे टियूना की हैं। यहीं से शनिवार को मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ा गया था। इन तस्वीरों में जले हुए वाहन और बुरी तरह क्षतिग्रस्त इमारतें दिखाई दे रही हैं।



पकड़े जाने के बाद राष्ट्रपति मादुरो की 6 तस्वीरें…





