तुर्किये के जवाब में भारत ने साइप्रस का मुद्दा उठाया:कहा- UN के मुताबिक समाधान हो; राष्ट्रपति एर्दोगन ने UN में कश्मीर मुद्दे का जिक्र किया था
तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में एक बार फिर जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया। उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत के जरिए कश्मीर मुद्दे को हल करने की वकालत की थी।
तुर्किये के कश्मीर मुद्दा उठाने के जवाब में भारत ने भी साइप्रस का मुद्दा उठाया है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस से बात की है। इस दौरान उन्होंने साइप्रस विवाद को संयुक्त राष्ट्र (UN) नियमों के मुताबिक हल करने की बात कही है।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। दरअसल तुर्किये ने 1974 में साइप्रस के उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर लिया था, तब से वहां विवाद की स्थिति बनी हुई है।
भारत के आज के बयान से तीन दिन पहले तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने UN में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया था। इस पर जायसवाल ने कहा कश्मीर मुद्दे पर हमारा स्टैंड 10 साल से पूरी तरह क्लियर है।
भारत ने मोदी-पुतिन को लेकर नाटो चीफ का बयान खारिज किया
जायसवाल ने नाटो प्रमुख मार्क रुटे के उस बयान को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था पीएम मोदी ने यूक्रेन वॉर मुद्दे पर राष्ट्रपति पुतिन से बात की है।
#WATCH | Delhi | MEA Official Spokesperson Randhir Jaiswal says, "We have seen the statement by NATO Secretary General Mark Rutte regarding a purported phone conversation between Prime Minister Narendra Modi of India and President Vladimir Putin of Russia. This statement is… pic.twitter.com/cuWzj3SeoB
— ANI (@ANI) September 26, 2025
जायसवाल ने कहा कि ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई। उन्होंने नाटो से सावधानी से बयान देने को कहा। इसके साथ यह भी कहा कि भारत अपने लोगों के लिए सस्ती बिजली और देश की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाता रहेगा।
हाल ही में मार्क रुटे ने कहा था कि अमेरिका ने जो टैरिफ भारत पर लगाए हैं, उसका असर रूस पर भी पड़ रहा है। उनके मुताबिक, टैरिफ की वजह से भारत ने रूस से उसकी यूक्रेन युद्ध रणनीति को लेकर जवाब मांगा है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी इस बारे में रूसी राष्ट्रपति पुतिन से बात कर रहे हैं।
अन्य मुद्दों पर भारतीय विदेश मंत्रालय का बयान…
- अमेरिका का नया टैरिफ- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने गुरुवार को 1 अक्टूबर से दवाओं और कुछ अन्य चीजों पर 100% तक टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि सरकार इस मामले को देख रही है और इसका असर समझने की कोशिश कर रही हैं।
- अमेरिका से भारतीयों की वापसी- जायसवाल ने बताया कि इस साल जनवरी से अब तक 2,417 भारतीय अमेरिका से वापस आए। ये लोग सही दस्तावेजों के बिना वहां थे। भारत चाहता है कि लोग कानूनी तरीके से विदेश जाएं। अवैध तरीके से विदेश जाने वालों को रोकने के लिए केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है। लोगों को जागरूक करने और झूठे नौकरी के ऑफर से बचने की सलाह दी गई है।
- ईरान में किडनैपिंग का खतरा- जायसवाल ने कहा कि ईरान में कुछ भारतीयों का अपहरण हुआ है। भारत और ईरान में टूरिज्म के लिए वीजा की जरूरत नहीं पड़ती है, लेकिन नौकरी के लिए यह जरूरी है। कुछ लोग झूठ बोलकर भारतीयों को ईरान नौकरी के लिए भेज रहे हैं। सरकार ने लोगों को ऐसे ऑफर से बचने और सावधान रहने को कहा है।
- सिका देशों से दोस्ती- 25 सितंबर को भारत ने सिका (मध्य अमेरिका के देशों) के मंत्रियों से मुलाकात की। भारत इन देशों के साथ डिजिटल तकनीक, फूड सिक्योरिटी और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर काम कर रही है। यह दोस्ती ग्लोबल साउथ के बीच एकजुटता के लिए अहम है।
- रूसी सेना में भारतीय- जायसवाल ने बताया कि 27 भारतीय रूसी सेना काम कर रहे हैं। भारत ने रूस से उनकी रिहाई की मांग की है और उनके परिवारों से बात कर रहा है। सरकार ने लोगों को रूसी सेना में भर्ती के ऑफर से दूर रहने को कहा, क्योंकि यह बहुत खतरनाक है।