ट्रम्प ने 19 देशों के लोगों की नागरिकता प्रक्रिया रोकी:ग्रीन कार्ड भी नहीं मिलेगा; नेशनल गार्ड्स पर अफगान शरणार्थी के हमले के बाद फैसला

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 19 देशों के नागरिकों को अमेरिकी नागरिकता और ग्रीन कार्ड देने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रोक दी है। यह फैसला पिछले महीने व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड्स पर एक अफगान शरणार्थी की गोलीबारी के बाद लिया गया है।

इन देशों में अफगानिस्तान, म्यांमार, बुरुंडी, चाड, कांगो, क्यूबा, इक्वेटोरियल गिनी, इरीट्रिया, हैती, ईरान, लाओस, लीबिया, सिएरा लियोन, सोमालिया, सूडान, टोगो, तुर्कमेनिस्तान, वेनेजुएला और यमन शामिल हैं।

यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) कहा है कि इन 19 देशों के सभी इमिग्रेशन, नागरिकता और ग्रीन कार्ड से जुड़े आवेदन होल्ड पर रहेंगे। ट्रम्प पहले ही इन देशों पर ट्रैवल बैन लगा चुके हैं।

आदेश के मुताबिक 20 जनवरी 2021 के बाद अमेरिका पहुंचे लोगों की दोबारा जांच और इंटरव्यू किया जाएगा।

USCIS के मुताबिक नेशनल गार्ड पर हुए हमले ने दूसरे देशों के नागरिकों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया की खामियां उजागर की हैं। इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है।
USCIS के मुताबिक नेशनल गार्ड पर हुए हमले ने दूसरे देशों के नागरिकों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया की खामियां उजागर की हैं। इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है।

ट्रम्प बोले- इमिग्रेशन नीतियों ने अमेरिकियों की जिंदगी खराब की है

ट्रम्प का कहना है कि इन कदमों से अवैध और परेशानी पैदा करने वाली आबादी को कम किया जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि दूसरी विश्व युद्ध के बाद अमेरिका में इस तरह की सामाजिक समस्याएं नहीं थीं, लेकिन अब गलत इमिग्रेशन नीतियों की वजह से अपराध और अव्यवस्था बढ़ गई है।

उनका मानना है कि तकनीकी तरक्की के बावजूद इमिग्रेशन की गलत नीतियों ने आम अमेरिकियों की जिंदगी खराब कर दी है। ट्रम्प ने साफ कहा, “इस समस्या का पूरा इलाज सिर्फ रिवर्स माइग्रेशन यानी लोगों को वापस उनके देश भेजना ही है।”

अफगान शरणार्थी ने नेशनल गार्ड्स को गोली मारी थी

अमेरिका में 26 नवंबर को व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड्स के 2 जवानों को गोली मार दी गई थी। हमले में दोनों की मौत हो गई थी। इस मामले में एक अफगान शरणार्थी को हिरासत में लिया गया।

FBI अधिकारियों के मुताबिक, हमलावर 29 साल का रहमानुल्लाह लाकनवाल था। वह अगस्त 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिका आया था। उसने 2024 में शरणार्थी के दर्जे के लिए अप्लाई किया था और उसे अप्रैल 2025 में मंजूरी मिली थी।

क्या होता है ग्रीन कार्ड

ग्रीन कार्ड को कानूनी तौर पर स्थायी निवासी कार्ड के नाम से जाता है। इससे अमेरिका में परमानेंट तौर पर रहने और काम करने का अधिकार मिलता है, बशर्ते व्यक्ति ऐसे अपराध में शामिल न हो जिससे इमिग्रेशन कानूनों का उल्लंघन होता हो। USA फैक्ट्स के मुताबिक, 2013 से 2022 तक अमेरिका में 7.16 लाख भारतीयों को ग्रीनकार्ड मिला है।

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