खालिदा जिया के बेटे की 17 साल बाद बांग्लादेश वापसी:एयरपोर्ट पर एक लाख लोग पहुंचे, 3 घंटे रोड शो किया; शेख हसीना पर एक भी शब्द नहीं बोले
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान 17 साल बाद देश लौट आए हैं। वे गिरफ्तारी से बचने के लिए 2008 में लंदन भाग गए थे। तब हसीना सरकार में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के कई मामले चल रहे थे।
आज तारिक के स्वागत में उनकी पार्टी BNP के 1 लाख से ज्यादा कार्यकर्ता जुटे। ढाका एयरपोर्ट से लेकर 300 फीट रोड तक रोड शो किया। इस 13 किलोमीटर के रास्ते को कवर करने में उन्हें 3 घंटे का समय लगा।
300 फीट रोड पर तारिक ने 17 मिनट भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम देश में शांति कायम करेंगे और नया बांग्लादेश बनाएंगे। हालांकि उन्होंने शेख हसीना को लेकर एक शब्द भी नहीं कहा।
बांग्लादेश में अगले साल 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं। खालिदा जिया के बीमार होने की वजह से माना जा रहा है कि रहमान अगले PM के दावेदार हो सकते हैं।
तारिक बोले- बांग्लादेश सभी धर्मों के लोगों का है

तारिक रहमान ने अपने भाषण में कहा, “आज बांग्लादेश की जनता बोलने का अपना अधिकार वापस पाना चाहती है।”
उन्होंने आगे कहा, “अब समय आ गया है कि हम सब मिलकर देश का निर्माण करें। यह देश पहाड़ों और मैदानों के लोगों का है, मुसलमानों, हिंदुओं, बौद्धों और ईसाइयों का है। हम एक सुरक्षित बांग्लादेश बनाना चाहते हैं, जहां हर महिला, पुरुष और बच्चा सुरक्षित रूप से घर से निकल सके और लौट सके।”
तारिक ने भाषण में कहा कि उनके पास देश को बेहतर बनाने के लिए एक प्लान है।
उन्होंने कहा कि “चाहे पुरुष हों, महिलाएं हों या बच्चे, बांग्लादेश की शांति और गरिमा को बनाए रखना हमेशा हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। हम सब मिलकर काम करेंगे और अपने बांग्लादेश का निर्माण करेंगे।”
तारिक रहमान ने अपने भाषण के दौरान मार्टिन लूथर किंग जूनियर का जिक्र किया।
रहमान ने मार्टिन लूथर के ‘मेरा एक सपना है’ भाषण का जिक्र करते हुए कहा-
“हमें बांग्लादेश में शांति की रक्षा हर कीमत पर करनी होगी। मेरे पास अपने देशवासियों के लिए एक प्लान है।”
मार्टिन लूथर किंग जूनियर अमेरिका के प्रसिद्ध बैप्टिस्ट पादरी, नागरिक अधिकार कार्यकर्ता और अहिंसक आंदोलन के नेता थे। उन्हें अमेरिका का गांधी भी कहा जाता है। उन्होंने महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांतों से प्रेरणा लेकर अफ्रीकी-अमेरिकियों (अश्वेतों) के खिलाफ नस्लीय भेदभाव और अलगाव के विरुद्ध संघर्ष किया था।
तारिक के स्वागत की 6 तस्वीरें…






NCP सीटों के समझौते के लिए जमात-ए-इस्लामी के साथ बातचीत कर रही है। जमात महासचिव मिया गोलाम परवार ने बीबीसी बांग्ला से इस मामले की पुष्टि की।
इससे पहले, डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन के संयोजक अब्दुल कादर ने गुरुवार को एक पोस्ट में लिखा, “युवा राजनीति की कब्र खोदी जा रही है। NCP आखिरकार जमात के साथ सीधा गठबंधन कर रही है। उन्होंने मुट्ठी भर नेताओं के हितों को साधने के लिए देश भर के लोगों और कार्यकर्ताओं की उम्मीदों को कुचलकर आत्मघाती फैसला किया है। अगर सब ठीक रहा तो इस गठबंधन की घोषणा कल ही हो सकती है। और इसके साथ ही NCP जमात की गोद में बैठ जाएगी।”
अब्दुल कादर ने यह भी लिखा कि जहां NCP जमात से 50 सीटें चाहती थी, वहीं बातचीत के अंतिम चरण में इसे 30 सीटों पर अंतिम रूप दिया गया। गठबंधन की शर्तों के अनुसार, NCP शेष 270 सीटों पर कोई भी उम्मीदवार खड़ा नहीं कर पाएगी। NCP इन सीटों पर जमात का समर्थन करेगी।
अब्दुल कादर ने लिखा, “समझौते के तहत तय की जाने वाली 30 सीटों पर कौन बैठेगा, इसकी जिम्मेदारी जमात की ओर से NCP के एक सदस्य को सौंपी गई है। जमात के भरोसेमंद लोगों में से एक नासिर उद्दीन पटवारी और अब्दुल्ला मोहम्मद ताहिर जमात की ओर से होंगे। ये दोनों मिलकर एनसीपी के 30 उम्मीदवारों को अंतिम रूप देंगे।”
इस मामले पर NCP ने अब तक कोई जानकारी नहीं दी है।
शेख हसीना की पार्टी बोली- तारिक की वापसी का मकसद एकतरफा चुनाव कराना
शेख हसीना की अवामी लीग के छात्र संगठन ने तारिक की वापसी को लेकर BNP पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि तारिक रहमान की घर वापसी से देश में राजनीतिक अस्थिरता बढेगी। इस वापसी का एक ही मकसद है एकतरफा चुनाव करवाना।
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश स्टूडेंट्स लीग के अध्यक्ष सद्दाम हुसैन ने इसे “फासीवादी राजनीति” करार दिया। हुसैन ने कहा, ” तारिक की वापसी से बांग्लादेश की समस्याएं हल नहीं होंगी। इससे एकतरफा चुनाव होंगे और फासीवादी राजनीति जारी रहेगी। वह 2004 के हमले से जुड़े कई मामलों में दोषी ठहराए गए अपराधी हैं और उन्होंने न्यायिक प्रक्रियाओं को दरकिनार कर दिया है।