अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत:ट्रम्प बोले- 48 नेता एक झटके में खत्म हुए, इजराइल ने दूसरे दिन फिर हमला किया
अमेरिकी सेना ने शनिवार रात B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स के जरिए ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने रविवार को X पर पोस्ट कर इसकी पुष्टि की।
Last night, U.S. B-2 stealth bombers, armed with 2,000 lb. bombs, struck Iran’s hardened ballistic missile facilities. No nation should ever doubt America's resolve. pic.twitter.com/6JpG73lHYW
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 1, 2026
CENTCOM ने कहा कि 2,000 पाउंड के बमों से लैस B-2 विमानों ने ईरान के मजबूत मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया। सेना ने हमले का वीडियो भी शेयर किया।
गौरतलब है कि पिछले साल भी अमेरिका ने व्हाइटमैन एयर फोर्स बेस (मिसौरी) से उड़ान भरने वाले B-2 बॉम्बर्स का इस्तेमाल कर ईरान के अंडरग्राउंड परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। हालांकि इस बार विमानों ने किस बेस से उड़ान भरी, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
खामेनेई की मौत के बाद ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने दुख जताया है। ईरानी न्यूज एजेंसी फार्स के मुताबिक, IRGC ने कहा कि ‘हमने एक महान नेता खो दिया है और पूरा देश उनका शोक मना रहा है।’
इजराइली वायुसेना ने बताया कि उसने अमेरिका के साथ मिलकर पिछले 24 घंटे में ईरान पर 1,200 से ज्यादा बम गिराए हैं। खामेनेई के ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर 30 मिसाइलों से हमला किया गया। इसमें उनकी बेटी-दामाद, बहू और पोती समेत कॉम्प्लेक्स में मौजूद 40 कमांडर्स भी मारे गए हैं।
खामनेई के मारे जाने पर ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिन की छुट्टी घोषित कर दी गई है। वहीं, ईरानी सेना ने इजराइल समेत मिडिल-ईस्ट के कई देशों में हमले शुरू कर दिए हैं। इजराइल में एक हमले में 9 लोगों की मौत हो गई है। तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत भी हो गई है।
ईरान में सत्ता संभालने के लिए फिलहाल तीन लोगों की एक अस्थायी समिति बनाई गई है। इस समिति में देश के राष्ट्रपति मसूद पजश्कियान, न्यायपालिका के प्रमुख मोहसेनी एजेही और धर्मगुरु अली रजा अराफी शामिल हैं।





ईरान में 200 की मौत, 740 घायल
इजराइल और अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत 10 बड़े शहरों को निशाना बनाया है। इनमें 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 740 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 148 छात्राओं की मौत हो गई और 45 घायल हैं।
ईरान का पलटवार- इजराइल समेत 9 देशों पर हमला
ईरान ने जवाब में इजराइल समेत मिडिल-ईस्ट के 9 देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। उसने कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब व UAE में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया। UAE के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर दुबई के पाम होटल एंड रिसोर्ट और बुर्ज खलीफा के पास ड्रोन हमला किया।
ईरानी सेना ने खतरनाक अभियान की शुरुआत की घोषणा की है। सेना ने कहा कि यह हमला कुछ ही देर में शुरू होगा और क्षेत्र में कब्जे वाले क्षेत्रों और अमेरिकी आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुन लिया गया है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खामेनेई की मौत का दावा किया था। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि इतिहास के सबसे क्रूर व्यक्तियों में से एक खामेनेई मारा गया। यह ईरान की जनता के साथ-साथ अमेरिका और दुनियाभर के देशों के लिए न्याय है।
🎥 خروش زنجانیها درپی شهادت حضرت آیتالله خامنهای https://t.co/wzZh5pHCpY pic.twitter.com/I1dwGwWuAk
— خبرگزاری فارس (@FarsNews_Agency) March 1, 2026
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खामेनेई की मौत का दावा किया था। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा-

इतिहास के सबसे क्रूर व्यक्तियों में से एक खामेनेई मारा गया। यह ईरान की जनता के साथ-साथ अमेरिका और दुनियाभर के देशों के लिए न्याय है।

दरअसल, इजराइल और अमेरिका ने शनिवार को ईरान में राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर हमला किया। ईरान ने भी इजराइल पर पलटवार करते हुए जवाबी हमले किए।
इजराइल-अमेरिका और ईरान जंग से जुड़ी 7 तस्वीरें…







अयातुल्ला अली खामेनेई के बारे में जानिए…
- अयातुल्ला अली खामेनेई का जन्म 19 अप्रैल 1939 को ईरान के धार्मिक शहर मशहद में एक मौलवी परिवार में हुआ था। वे खोमैनी शाह की नीतियों के खिलाफ थे और इस्लामी शासन की वकालत करते थे।
- 1963 में शाह के खिलाफ भाषण देने पर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। धीरे-धीरे वे सरकार विरोधी आंदोलन का बड़ा चेहरा बन गए और खोमैनी के भरोसेमंद सहयोगी माने जाने लगे।
- 1979 में ईरान में इस्लामी क्रांति हुई और शाह की सरकार गिर गई। खोमैनी देश लौटे और नई इस्लामी सरकार बनाई। खामेनेई को क्रांतिकारी परिषद में जगह मिली और बाद में उप रक्षामंत्री बनाया गया।
- 1981 में तेहरान की एक मस्जिद में भाषण के दौरान खामेनेई पर बम हमला हुआ। उसी साल एक और बम धमाके में तत्कालीन राष्ट्रपति की मौत हो गई। इसके बाद हुए चुनाव में खामेनेई भारी बहुमत से जीतकर ईरान के तीसरे राष्ट्रपति बने।
- 1989 में खोमैनी के निधन के बाद खामेनेई को देश का सर्वोच्च नेता यानी ‘रहबर’ बनाया गया। इसके लिए संविधान में बदलाव भी किया गया। समर्थक उन्हें इस्लामी व्यवस्था का मजबूत रक्षक मानते हैं, जबकि आलोचक उन पर सख्त और कट्टर शासन चलाने का आरोप लगाते हैं।
खामेनेई की 3 तस्वीरें…



ईरान में 200 लोगों की मौत, 740 घायल
शनिवार रात ईरान की राजधानी तेहरान और उसके आसपास कई स्थानों पर हमले हुए थे। ईरानी सरकारी मीडिया ने राजधानी में कई धमाकों की पुष्टि की थी।
ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों से अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 740 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने दी है।
ईरान के एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 85 छात्राओं की मौत हो गई, जबकि 45 घायल हैं। इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर किए हमले में 10 बड़े शहरों को निशाना बनाया।