कनाडा में भारतीय छात्र की हत्या, यूनिवर्सिटी में गोली मारी:कैंपस में सुरक्षा अलर्ट जारी, आरोपी फरार; 3 दिनों में 2 भारतीयों का मर्डर

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कनाडा के यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के पास भारतीय मूल के 20 वर्षीय छात्र शिवांक अवस्थी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह टोरंटो में 2025 की 41वीं हत्या है। यह घटना कैंपस के पास होने से छात्रों में डर का माहौल है और यूनिवर्सिटी ने भी सुरक्षा अलर्ट जारी किया।

पुलिस के अनुसार, 23 दिसंबर को दोपहर में हत्या की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर शिवांक अवस्थी को गोली लगी हालत में पाया और मौके पर ही उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

संदिग्ध पुलिस के आने से पहले मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने लोगों से संदिग्ध से जुड़ी कोई भी जानकारी मिलने पर सूचना देने की अपील की है।

टोरंटो में 3 दिन के अंदर दो भारतीयों का हत्या हुई। इससे पहले 20 दिसंबर को भारतीय मूल की महिला हिमांशी खुराना का उसके पार्टनर ने मर्डर कर दिया था।

भारतीय दूतावास दुख जताया, कहा- परिवार से संपर्क में हैं

टोरंटो में भारतीय दूतावास ने इस दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि वे शिवांक के परिवार से संपर्क में हैं।

स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर हर संभव मदद मुहैया करा रहे हैं। दूतावास ने अपने बयान में शिवांक को एक युवा भारतीय डॉक्टरल छात्र बताया है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में उन्हें लाइफ साइंसेज का अंडरग्रेजुएट छात्र भी कहा गया है।

कनाडा में भारतीय मूल की महिला की हत्या

इसी शहर में कुछ दिन पहले ही एक अन्य भारतीय महिला हिमांशी खुराना की हत्या हुई थी। वो 30 साल की थीं और टोरंटो में रहती थीं। पुलिस ने मामले में एक संदिग्ध की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया।

पुलिस के मुताबिक हिमांशी खुराना की हत्या उसके पार्टनर अब्दुल गफूरी ने की थी।
पुलिस के मुताबिक हिमांशी खुराना की हत्या उसके पार्टनर अब्दुल गफूरी ने की थी।

पुलिस के अनुसार, 19 दिसंबर 2025 की रात वेलिंगटन स्ट्रीट वेस्ट इलाके से एक महिला के लापता होने की सूचना मिली।

अगली सुबह 20 दिसंबर को पुलिस ने एक घर के अंदर महिला का शव बरामद किया। पुलिस ने मौत को हत्या मानकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि संदिग्ध अब्दुल गफूरी (32 साल) पीड़िता को जानता था।

यह मामला पार्टनर के साथ हिंसा से जुड़ा है। अब्दुल गफूरी पर हत्या का आरोप लगाया गया है।

कनाडा में भारतीयों के खिलाफ हेट क्राइम्स बढ़ रहा

स्टैटिस्टिक्स कनाडा 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, कनाडा में साउथ एशियन खासकर भारतीयों के खिलाफ हेट क्राइम्स 2019 से 2023 तक 200% से ज्यादा बढ़े हैं। 2024-2025 में ऑनलाइन हेट स्पीच 1350% तक बढ़ी है।

इसके पीछे मुख्य कारण क्या हैं?

  1. इमिग्रेशन से जुड़ी नाराजगी और रेसिज्म: कनाडा में भारतीय छात्रों और इमिग्रेंट्स की संख्या तेजी से बढ़ी है (2022 में 3 लाख से ज्यादा भारतीय छात्र)। कुछ कनाडाई लोग इसे हाउसिंग क्राइसिस, जॉब्स की कमी और पब्लिक सर्विसेज पर बोझ मानते हैं। इससे एंटी-इमिग्रेंट सेंटिमेंट बढ़ा है, जो हेट क्राइम्स और ऑनलाइन अब्यूज में दिखता है। सर्वे में 64% भारतीयों ने कहा कि उनके खिलाफ नफरत बढ़ रही है।
  2. हेट क्राइम्स और पॉलिटिकल टेंशन: भारत-कनाडा संबंधों में तनाव (खालिस्तान मुद्दे पर) से कुछ ग्रुप्स में एंटी-इंडिया सेंटिमेंट बढ़ा है। भारत सरकार ने कई बार एडवाइजरी जारी की कि हेट क्राइम्स और क्रिमिनल वायलेंस बढ़ रहे हैं।
  3. छात्रों की कमजोर स्थिति: कई भारतीय छात्र पार्ट-टाइम जॉब्स करते हैं, देर रात काम से लौटते हैं या कम सुरक्षित इलाकों में रहते हैं, जिससे वे अपराध का शिकार आसानी से बन सकते हैं।

भारतीय छात्रों का वीजा रिजेक्शन बढ़ा

हाल ही में कनाडा ने भारतीय छात्रों के लिए स्टडी वीजा (स्टडी परमिट) के नियम 2025 में सख्त किए हैं, जिससे आवेदनों की संख्या और अप्रूवल रेट दोनों कम हुए हैं। अगस्त 2025 में भारतीय छात्रों के लिए 74% तक रिजेक्शन रेट देखी गई है।

ये बदलाव मुख्य रूप से हाउसिंग क्राइसिस, हेल्थकेयर पर बोझ और इमिग्रेशन को कंट्रोल करने के लिए किए गए हैं।

  1. स्टडी परमिट की कैप (सीमा): 2025 में कनाडा कुल 4,37,000 स्टडी परमिट जारी करने का लक्ष्य रखा है, जो 2024 से 10% कम है। यह कैप प्रांतों और टेरिटरीज में बांटी गई है। इससे नए छात्रों की संख्या सीमित हो गई है, और भारतीय छात्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं क्योंकि भारत से सबसे ज्यादा आवेदन आते हैं।
  2. प्रोविंशियल एटेस्टेशन लेटर (PAL) अनिवार्य: ज्यादातर स्टडी परमिट आवेदनों के साथ प्रांत से PAL या TAL (प्रोविंशियल/टेरिटोरियल एटेस्टेशन लेटर) लगाना जरूरी है। मास्टर्स और डॉक्टरल स्टूडेंट्स को भी अब 2025 से यह चाहिए (पहले छूट थी)। बिना PAL के आवेदन प्रोसेस नहीं होंगे।
  3. SDS प्रोग्राम बंद: भारतीय छात्रों के लिए पॉपुलर स्टूडेंट डायरेक्ट स्ट्रीम (SDS) प्रोग्राम 2024 के अंत में बंद हो गया। अब सभी को सामान्य प्रक्रिया से आवेदन करना पड़ता है, जो ज्यादा समय लेती है और सख्त है।
  4. फाइनेंशियल रिक्वायरमेंट बढ़ी: स्टडी परमिट के लिए फंड्स प्रूफ अब CAD 20,635 से ज्यादा (पहले 10,000 था), और सितंबर 2025 के बाद कुछ अपडेट्स में CAD 22,895 तक दिखाना पड़ सकता है (ट्यूशन फीस के अलावा)। इससे छात्रों को ज्यादा बैंक बैलेंस दिखाना जरूरी है।
  5. वीजा रिजेक्शन रेट बहुत ऊंची: 2025 में भारतीय छात्रों के 70-80% आवेदन रिजेक्ट हो रहे हैं (2023 में सिर्फ 30-40% थे)। इसके पीछ के कारणों में फ्रॉड का डर, कमजोर डॉक्यूमेंट्स, फाइनेंशियल प्रूफ की कमी या इंटेंट टू लीव (कनाडा छोड़ने की मंशा) पर शक शामिल है।
  6. परमिट कैंसिलेशन के नए पावर: फरवरी 2025 से बॉर्डर और इमिग्रेशन ऑफिसर्स को स्टडी/वर्क परमिट कैंसिल करने का ज्यादा अधिकार मिला है, अगर उन्हें लगे कि व्यक्ति परमिट की शर्तें पूरी नहीं कर रहा या कनाडा नहीं छोड़ेगा। इससे हजारों परमिट रद्द हो सकते हैं।
  7. कॉलेज चेंज और PGWP पर सख्ती: कनाडा पहुंचने के बाद कॉलेज बदलना मुश्किल हो गया – नया परमिट चाहिए, रिजेक्ट होने पर देश छोड़ना पड़ सकता है। पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के लिए अब स्पेसिफिक फील्ड्स (जैसे हेल्थकेयर, STEM) और लैंग्वेज प्रूफ (CLB 7 या ज्यादा) जरूरी है।
  8. वर्क आवर्स लिमिट: पढ़ाई के दौरान पार्ट-टाइम वर्क (वीक में 24 घंटे तक) की लिमिट है, और ऑफ-कैंपस वर्क पर भी सख्ती बढ़ी है।

 

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