ट्रम्प बोले-ईरान से 2 दिन में बातचीत हो सकती है:आसिम मुनीर का काम बेहतर, इसलिए पाकिस्तान में मीटिंग होने की संभावना

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत अगले 2 दिनों में फिर से शुरू हो सकती है और इसके लिए पाकिस्तान सबसे ज्यादा संभावित जगह है।

उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि हालात तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए बातचीत जल्द शुरू हो सकती है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर अच्छा काम कर रहे हैं, इसलिए वहां बातचीत होने की संभावना बढ़ गई है।

इससे पहले ईरान और अमेरिका के बीच 11 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में 21 घंटे सीजफायर वार्ता हुई थी। हालांकि यह वार्ता बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई थी।

इस्लामाबाद में 11 अप्रैल को सीजफायर वार्ता में अमेरिकी टीम का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया था।
इस्लामाबाद में 11 अप्रैल को सीजफायर वार्ता में अमेरिकी टीम का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया था।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स

  1. 15 वॉरशिप तैनात- अमेरिका ने नाकाबंदी लागू करने के लिए 15 से ज्यादा युद्धपोत तैनात किए, जिनमें USS अब्राहम लिंकन और कई डिस्ट्रॉयर शामिल बताए गए हैं।
  2. चीन का 4 सूत्री प्रस्ताव- चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मिडिल ईस्ट में शांति के लिए चार सूत्रीय प्रस्ताव देते हुए सभी देशों की संप्रभुता और सुरक्षा का सम्मान जरूरी बताया।
  3. ईरान को अरबों का नुकसान- ईरान का दावा है कि अमेरिका और इजराइल के हमलों से उसे करीब 270 अरब डॉलर का नुकसान हुआ।
  4. फिर सीजफायर वार्ता संभव- अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर इस हफ्ते फिर बैठक हो सकती है, इस्लामाबाद और जेनेवा संभावित जगह मानी जा रही हैं।
  5. ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं- ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह बातचीत के बजाय अपनी शर्तें थोपना चाहता है और शुरुआत से ही भरोसे के लायक नहीं रहा है।

इससे पहले अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी लागू करने की बात कही। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, एक दिन पहले भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से ईरान के बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले जहाजों को रोकने की घोषणा की थी।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि नाकेबंदी का मकसद ईरान की तेल बिक्री रोकना है। ट्रम्प के मुताबिक, कई अन्य देश भी इस प्रयास में अमेरिका का साथ दे रहे हैं। ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान हुआ है और उसकी नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 158 जहाज तबाह किए जा चुके हैं।

नाकेबंदी के ऐलान के बाद वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल आया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 104 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।

इस बीच वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में हुई वार्ता के विफल होने के बाद अमेरिका ईरान पर दोबारा सैन्य हमले करने पर भी विचार कर रहा है। व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि सभी विकल्प खुले हैं और हालात के हिसाब से आगे का फैसला लिया जाएगा।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स

  1. चीन को धमकी- ट्रम्प ने चीन को साफ चेतावनी दी है कि अगर उसने ईरान की सैन्य मदद की, तो अमेरिका उस पर 50% तक भारी टैरिफ लगा देगा।
  2. होर्मुज की नाकाबंदी- ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी करेगी और ईरान को टोल देने वाले जहाजों को भी रास्ते में रोक लिया जाएगा।
  3. इजराइली मंत्री का मस्जिद दौरा- इजराइल के मंत्री बेन गविर के अल अक्सा मस्जिद दौरे पर जॉर्डन ने विरोध जताया और इसे भड़काऊ कदम बताते हुए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कहा।
  4. ईरान ने टोल मांगा- ईरान ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह उसके कंट्रोल में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को रियाल में टोल देना जरूरी होगा।
  5. 50 लोग गिरफ्तार- ईरान में करीब 50 लोगों को जासूसी के आरोप में पकड़ा गया है, जिन पर अमेरिका और इजराइल को संवेदनशील जानकारी देने का आरोप है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ऐलान किया है कि अमेरिकी नेवी अब होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की नाकाबंदी करेगी।

उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि जो भी जहाज इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करेगा, उसे रोका जाएगा और जांच की जाएगी। खास तौर पर उन जहाजों पर नजर रखी जाएगी, जिन्होंने ईरान को टोल दिया है।

ट्रम्प ने कहा कि जो जहाज ईरान को गैरकानूनी टोल देंगे, उन्हें सुरक्षित रास्ता नहीं दिया जाएगा। इससे ईरान की आर्थिक ताकत कम की जाएगी। अमेरिका किसी भी स्थिति के लिए तैयार है। जरूरत पड़ने पर युद्ध खत्म करने के लिए कार्रवाई करेगा।

इससे पहले ईरान के उप संसद अध्यक्ष हाजी बाबाई ने कहा था कि यह स्ट्रेट ईरान के कंट्रोल में है। उन्होंने इसे तेहरान की रेड लाइन बताया और कहा कि यहां से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी करेंसी रियाल में टोल देना होगा।

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