दत्तात्रेय होसबाले बोले- ईरान युद्ध पर भारत का स्टैंड सही:संघ चाहता है कि दुनिया में शांति हो, भारतीयता-हिंदुत्व मानसिकता नहीं जीवनशैली है

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हरियाणा में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के आखिरी दिन रविवार को सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच ईरान को लेकर भारत के स्टैंड पर कहा कि भारत हित में सरकार सही कर रही है, ऐसा विश्वास है कि सरकार का स्टैंड सही है। उन्होंने कहा कि

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संघ पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंधों पर जोर देता है। बांग्लादेश और नेपाल में सामाजिक और राजनीतिक उथल-पुथल के बाद नई सरकारें बनी हैं। दोनों देशों में शांति-स्थिरता और उनका भारत के साथ अच्छा संबंध पूरे एशिया के विकास और सुरक्षा के लिए जरूरी है।

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हालांकि, उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर भी चिंता जताई। होसबाले ने कहा- भारतीयता क्या है, हिंदुत्व क्या है, इसकी एक स्पष्ट अवधारणा होनी चाहिए। यह केवल एक मानसिकता नहीं बल्कि एक जीवनशैली है।

आरएसएस के पानीपत में सेवा केंद्र में संघ प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले। (फाइल फोटो)
आरएसएस के पानीपत में सेवा केंद्र में संघ प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले। (फाइल फोटो)

आइए जानें होसबाले ने सवालों के क्या जवाब दिए….

सवाल- क्या आरएसएस के स्ट्रक्चरल बदलाव होने जा रहा है?

जवाब: दायित्व में कुछ बदलाव होगा, तो उसके बारे में घोषणा की जाएगी। कुछ चीजें सार्वजनिक की जाएंगी।

सवाल: ईरान के प्रति भारत के स्टैंड पर संघ की क्या राय है?

जवाब: जो हो रहा है उसमें संघ की भूमिका नहीं है। ऐसा विश्वास है कि भारत सरकार देश के हित में सही काम कर रही होगी। संघ चाहता है कि दुनिया में शांति हो।

सवाल: संघ में मुस्लिम और महिलाओं को मेंबरशिप पर क्या स्टैंड है?

जवाब: किसी भी मजहब का व्यक्ति यहां आ सकता है, भगवा झंडे को प्रणाम कर सकता है। मुस्लिम कार्यकर्ता पहले भी संघ में बहुत हैं। महिलाओं के संघ में भूमिका पर कहा कि सिर्फ शाखा की वर्किंग में महिलाएं शामिल नहीं होतीं, लेकिन संघ की अन्य और भी कार्य प्रणाली है जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं।

सवाल: बेसहारा गोवंश को लेकर संघ क्या कर रहा है?

जवाब: सरकार और नगर निगम लगातार प्रयास कर रही है। लेकिन लोगों को समझना होगा कि गाय सिर्फ दूध के लिए ही नहीं है, उनका मूत्र, गोबर भी बहुत उपयोगी है। इसीलिए उन्हें सड़कों पर बेसहारा नहीं छोड़ना चाहिए।

सवाल: BJP से RSS का क्या संबंध है?

जवाब: हमारी देश के लिए बहुत विचारधाराएं हैं। इन विचारधाराओं को सिर्फ BJP ने ही अपनाया। बाकी पार्टियों ने RSS के लिए दरवाजे बंद रखे। इसीलिए संघ के कई लोग राजनीति में उतरे और देश हित के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं।

सवाल: UGC विवाद पर पर क्या कहेंगे?

जवाब: यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसीलिए संघ इस विषय पर अपने विचार नहीं रखेगा। कोर्ट के निर्णय के बाद ही संघ कुछ कह सकता है।

सवाल: क्या हरियाणा के पानीपत में हेडक्वार्टर बनेगा?

जवाब: यहां ग्राम विकास के कार्य हमेशा चलते रहते हैं। यहां अभी हम 3 साल बाद बैठक कर रहें हैं। संघ कार्यकर्ताओं ने अपने विचार रखने के लिए कई जगह बनाई हुई है। यहां हम मशरूम की खेती करते हैं। यहां बहुत से कोर्स चलते हैं।

पानीपत के इसी साधना केंद्र में पैरलल मुख्यालय बनाने की तैयारी है।
पानीपत के इसी साधना केंद्र में पैरलल मुख्यालय बनाने की तैयारी है।

हरियाणा में भी RSS का बड़ा केंद्र विकसित करने की तैयारी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) उत्तर भारत के लिए हरियाणा में बड़ा केंद्र विकसित करने की तैयारी में है। इसका प्रस्ताव हरियाणा के पानीपत में चल रही अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में रखा जाएगा। पानीपत के पट्टीकल्याणा में बना माधव दृष्टि साधना केंद्र करीब 25 एकड़ में फैला है। इसे नागपुर मुख्यालय की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।

रणनीतिक दृष्टि से अनुकूल होने के कारण संघ यहां से कई उत्तर भारतीय राज्यों को एक साथ साधने की तैयारी में है। दिल्ली से निकटता और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण माधव सृष्टि को और अधिक अपग्रेड किया जाएगा। 8 साल पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत ने पट्टीकल्याणा में सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र की आधारशिला रखी थी।

RSS की 3 दिवसीय सभा की अहम बातें

संघ ने अपने तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में आखिरी दिन कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव और सुझाव रखे। इनमें आरएसएस के दायित्व परिवर्तन भी शामिल रहा। आरएसएस के शताब्दी वर्ष (2025-26) की वार्षिक रिपोर्ट पेश की गई।

यहां केरल और तमिलनाडु समेत दक्षिण के राज्यों और पूर्वोत्तर में संघ की गतिविधियों और सामने आई चुनौतियों का जिक्र किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि एक वर्ष में देश में संघ की 88,949 शाखाएं लगाई गईं। जो पिछले साल से 5,820 ज्यादा हैं।

गुरु तेग बहादुर व संत शिरोमणि रविदास जयंती से मैसेज

सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष में सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व पर कई कार्यक्रम किए गए। वहीं संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती पर इस साल कार्यक्रम हो रहे हैं। यह समरता का संदेश है।

3 दिन में 32 संगठनों ने दिए सुझाव

माधव सृष्टि में चल रहे तीन दिवसीय सभा के अंतिम दिन आरएसएस के सरसंघ चालक का संबोधन होगा। इससे पहले दो दिन में आरएसएस की विचारधारा से जुड़े 32 संगठनों ने सुझाव रखे। 1487 पदाधिकारियों ने यहां भाग लिया।

संघ में बदलाव और अगले साल की योजना पर सहमति लेंगे

बता दें कि संघ प्रमुख मोहन भागवत संघ के स्ट्रक्चरल बदलावों के साथ ही अगले एक साल तक होने वाले कार्यों को लेकर आज सभा से स्वीकृति लेंगे।

उन राज्यों पर ध्यान, जिनमें BJP नहीं जीती

आरएसएस प्रतिनिधि सभा के पहले दिन चर्चा के केंद्र में वो राज्य रहे, जिनमें BJP या तो कभी सत्ता में नहीं रही, या दमदार उपस्थिति नहीं है। संघ के शीर्ष नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया कि आगले दो वर्षों में मुख्य ध्यान चार राज्यों- केरल, तमिलनाडु, पंजाब और पश्चिम बंगाल पर केंद्रित रहेगा। इन राज्यों में संघ अपने कार्य विस्तार के लिए माइक्रो-मैनेजमेंट और नए सांगठनिक स्ट्रक्चर पर जोर दे रहा है।

पंजाब में राष्ट्रीय सिख संगत को एक्टिव करेंगे

आरएसएस पंजाब को एक चुनौती के रूप में ले रही है। वहां कभी भाजपा अपने दम पर सरकार नहीं बना सकती है। असल में पंजाब की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों में कट्टर हिंदुत्व की विचारधारा का सिखों के साथ तालमेल बैठना आसान नहीं। इसलिए पंजाब में राष्ट्रीय सिख संगत को नए सिरे से एक्टिव किया जाएगा। संघ यह मैसेज देना चाहता है कि सिखों और हिंदुओं का रिश्ता ‘नख-मांस’ जैसा है। पंजाब में अगले साल के शुरु में चुनाव होने हैं।

पंजाब को लेकर आरएसएस की 4 रणनीति

  • राष्ट्रीय सिख संगत का मिशन ‘डोर-टू-डोर’: सिखों से सीधा संवाद स्थापित करने के लिए ‘राष्ट्रीय सिख संगत’ दल को फिर से सक्रिय किया जा रहा है। यह दल पंजाब के गांवों में घर-घर जाकर संपर्क साधेगा और भ्रांतियों को दूर कर राष्ट्रवादी विचारों का प्रसार करेगा।
  • सामाजिक समरसता और ममता संगम: पंजाब के विभिन्न जिलों में मातृशक्ति के विशेष ‘ममता संगम’ सम्मेलन आयोजित किए हैं। इन सम्मेलनों के दौरान जो सुझाव या चुनौतियां आईं, उनके आधार पर आगे की तैयारी होगी।
  • नशे के खिलाफ युद्ध स्तर पर मुहिम: पंजाब की सबसे बड़ी समस्या ‘ड्रग्स’ को लेकर संघ ने अपनी चिंता जताई है। बैठक में तय हुआ कि संघ अपने स्वयंसेवकों के माध्यम से गांव-गांव में नशा मुक्ति अभियान छेड़ेगा, ताकि युवाओं को विनाश से बचाया जा सके।
  • ‘पंच प्रभुदन’ और प्रवासियों से संपर्क: पंजाब से भारी संख्या में युवा विदेशों की ओर पलायन कर रहे हैं। संघ ‘पंच प्रभुदन’ कार्यक्रम के तहत विदेशों में बसे पंजाबी और सिख समुदाय से संपर्क साधेगा, ताकि उन्हें अपनी मिट्टी और संस्कृति से दोबारा जोड़ा जा सके।
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