पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग:तमिलनाडु में 23 अप्रैल, असम-केरल-पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोटिंग; नतीजे 4 मई को
चुनाव आयोग ने रविवार को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया। बंगाल में दो फेज 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी।
तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में सिंगल फेज में चुनाव होंगे। तमिलनाडु में 23 अप्रैल, केरल, असम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होगा। पांचों राज्यों का रिजल्ट 4 मई को आएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि पांच राज्यों-यूटी में 17.4 करोड़ मतदाता हैं। यहां 824 सीटों पर चुनाव होने हैं। इन राज्यों में आज से ही आचार संहिता लागू हो गई है।
2021 में इन सभी पांच राज्यों के चुनाव का ऐलान 26 फरवरी को किया गया था। पिछली बार बंगाल में 8 चरणों में चुनाव हुए थे। असम में 3 और तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में सिंगल फेज में वोटिंग हुई थी। पांचों विधानसभाओं का कार्यकाल मई-जून में खत्म हो रहा है।
4 राज्यों में SIR, तमिलनाडु में सबसे ज्यादा नाम कटे
जिन पांच राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें SIR के बाद तमिलनाडु से सबसे ज्यादा वोटर्स के नाम कटे हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,14,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली SIR में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं। राज्य में अब 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं।
वहीं पश्चिम बंगाल दूसरे नंबर पर है जहां करीब 58 लाख लोगों के नाम कटे हैं। फिर केरल में 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में सबसे कम 77 हजार लोगों के नाम SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से हटाए गए। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) कराया गया था।
सभी राज्यों की विधानसभा सीटों और उपचुनाव पर मतगणना 4 मई को होगी.
असम
असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में चुनावी सरगर्मियां ज़ोरों पर हैं.
126 सीटों वाली असम विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 20 मई, 2026 को ख़त्म होने वाला है.
साल 2016 में 60 सीटों पर जीत हासिल कर पहली बार सत्ता में आई बीजेपी ने 2021 में भी एक जैसा ही प्रदर्शन किया था.
बीजेपी ने कुल 93 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 60 सीट पर जीत दर्ज की और उसके नेतृत्व वाले एनडीए ने कुल 126 सीटों में से 75 सीटों पर जीत दर्ज की थी. हालांकि, 2016 के मुक़ाबले एनडीए को बीते चुनाव में 11 सीटों का घाटा हुआ था.
असम में बीते कुछ दिनों से अल्पसंख्यकों का मुद्दा काफ़ी सुर्खियों में रहा है. राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा कई बार अपने बयानों की वजह से विवादों में भी रहे हैं.
यहाँ कांग्रेस पार्टी भी सत्ता में वापसी की कोशिश में लगी है और उसने प्रियंका गांधी को स्क्रीनिंग कमेटी का प्रमुख बनाया है. प्रियंका गांधी ने राज्य का दौरा भी शुरू कर दिया है.
पश्चिम बंगाल
94 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस सत्ता में है और यहां बहुमत का आंकड़ा 148 सीटों का है. इस समय टीएमसी के पास 223 सीटें हैं.
हालाँकि राज्य में साल 2021 के चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने 213 जबकि बीजेपी ने 77 सीटें जीती थीं.
पश्चिम बंगाल में टीएमसी साल 2011 से लगातार सत्ता में है.
इस बार हो रहे विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा सियासी मुक़ाबला इसी राज्य में माना जा रहा है.
एक तरफ लगातार तीन बार चुनाव जीत कर सरकार बनाने वाली ममता बनर्जी हैं तो वहीं दूसरी तरफ अपनी पूरी ताक़त से राज्य की सत्ता हासिल करने की कोशिश में लगी बीजेपी है.
राज्य में हुमायूं कबीर ने टीएमसी से बग़ावत कर अपनी नई पार्टी बना ली है और उन्होंने कुछ इलाक़ों में एक नया सियासी समीकरण बनाने की कोशिश की है.
इस साल के चुनाव में इस बात पर भी नज़र होगी कि हुमायूं कबीर की सियासत से किस पार्टी को फ़ायदा होता है और किसे नुक़सान.
तमिलनाडु
दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु में बीजेपी लगातार अपनी सियासी ताक़त बढ़ाने के प्रयास में लगी है. यहां विधानसभा की 234 सीटें हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में डीएमके गठबंधन ने 159 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि एआईएडीएमके को 75 सीटों पर जीत मिली थी. बीजेपी ने पिछले विधानसभा चुनाव में तमिलनाडु की 4 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी. जबकि कांग्रेस को 18 सीटों पर जीत मिली थी.
तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने राज्य में डिलिमिटेशन को एक बड़ा मुद्दा बनाया है और केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वो दक्षिण भारतीय राज्यों की राजनीतिक ताक़त को कम करने की कोशिश कर रही है. इस बार के चुनाव में तमिलनाडु का मुक़ाबला भी काफ़ी रोचक हो सकता है. यहां बीजेपी का प्रदर्शन दक्षिण भारतीय राज्यों में उसकी नई तस्वीर पेश कर सकती है.
केरल
केरल की बात करें तो यहां विधानसभा की 140 सीटें हैं. साल 2021 में हुए चुनावों में वामपंथी गठबंधन लेफ़्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने जीत हासलि की थी. एलडीएफ़ ने इन चुनावों में 99 सीटों पर जीत हासिल की थी. जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन यूडीएफ़ को 41 सीटें मिली थीं. बीजेपी केरल में भी लगातार पार्टी को मज़बूत करने में लगी है. इस बार का चुनाव बीजेपी के लिए भी राज्य में काफ़ी अहम माना जा रहा है. राज्य में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 115 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे. हालाँकि उसे किसी भी सीट पर जीत नहीं मिली थी और पार्टी के 84 उम्मीदवारों की ज़मानत ज़ब्त हो गई थी.
पुडुचेरी
साल 2021 में पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 6 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि एआईएनआरसी को दस और डीएमके को छह सीटों पर जीत मिली थी. इस केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा की कुल 30 सीटें हैं.
बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष बोले- मेरा नाम वोटर लिस्ट में नहीं
5 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव की तारीखों के ऐलान पर पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष सुवंकर सरकार ने कहा- चाहे चुनाव एक चरण में हो या दो चरण में, कांग्रेस का सिर्फ एक ही रुख है कि वैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से नहीं हटाए जाने चाहिए।
#WATCH | Kolkata: On the announcement of dates of polls in 5 states/UTs, West Bengal Congress President Suvankar Sarkar, says, "Whether it's one phase or two, the Congress's only stance is that the names of valid voters should not be removed from the voter list… Our sole demand… pic.twitter.com/WcSTSk0HmX
— ANI (@ANI) March 15, 2026
बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा- हमारी मांग है कि 23 अप्रैल से पहले जिन 60 लाख वोटरों के नामों पर विचार किया जा रहा है, उन्हें स्पष्ट किया जाए। जब तक यह स्पष्ट नहीं होगा, तब तक यह चुनाव कैसे हो सकता है? मैं एक वैध मतदाता हूं, लेकिन मेरा नाम वोटर लिस्ट में नहीं है। मेरी चुनाव आयोग से मांग है कि सभी वैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में शामिल किए जाएं।
TMC सांसद कीर्ति आजाद बोले- बंगाल में भाजपा की हार तय
TMC सांसद कीर्ति आजाद ने कहा- भाजपा एक ऐसी पार्टी है जो हर बात पर शिकायत करती है और रोती रहती है। उसका मुख्य काम लोगों के बीच भ्रम और झूठ फैलाना है। हमारा सवाल है कि भाजपा को हार का सामना करने के लिए कितने चरण चाहिए। चाहे सात चरण हों, आठ चरण हों या दो चरण, उन्हें हार का सामना करना ही पड़ेगा।
VIDEO | Delhi: On West Bengal poll dates announcement, TMC MP Kirti Azad (@KirtiAzaad) says, “The Bharatiya Janata Party is a party that constantly complains and cries over everything. Its main work is to spread confusion and lies among people. Our question is how many phases the… pic.twitter.com/V0YB5UwGoZ
— Press Trust of India (@PTI_News) March 15, 2026
केरल में CPI(M) ने 73 उम्मीदवारों और 6 निर्दलीय उम्मीदवारों की घोषणा की
VIDEO | Thiruvananthapuram, Kerala: CPI(M) leader MV Govindan announces 73 party candidates and 6 independent candidates for 2026 assembly polls.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/ZOwQb0rLxg
— Press Trust of India (@PTI_News) March 15, 2026