RBI ने रेपो रेट 0.4 फीसदी घटाकर 4 फीसदी किया, बैंकों को कम ब्याज दरों पर मिलेगा लोन
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कोरोना आपदा के बीच दो महीने में आरबीआई गवर्नर की तीसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस
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अब तक अर्थव्यवस्था में तेजी लाने और लिक्विडिटी बढ़ाने के उपायों की घोषणा कर चुके हैं गवर्नर
नई दिल्लीः रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिदांस दास ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की है.उन्होंने बताया कि मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी ने अपनी तीन दिन की बैठक में रेपो रेट में कटौती का फैसला किया है. ये कटौती 0.4 फीसदी की होगी और इस तरह रेपो रेट घटकर 4 फीसदी पर आ गया है जो कि पहले 4.4 फीसदी था.
पीएमआई 11 साल के निचले स्तर पर
- कोरोनावायरस की वजह से दुनिया की अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ है। अप्रैल में ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई घटकर 11 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया। डब्ल्यूटीओ के मुताबिक, दुनिया में कारोबार इस साल 13-32% तक घट सकता है।
- दो महीने के लॉकडाउन से देश में आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इंडस्ट्री वाले टॉप-6 राज्यों के ज्यादातर इलाके रेड और ऑरेंज जोन में हैं। इन राज्यों की इंडस्ट्री का आर्थिक गतिविधियों में 60% कॉन्ट्रिब्यूशन होता है।
पिछले दो महीनों में तीसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस
कोरोनावायरस संबंधी उपायों से निपटने के लिए पिछले दो महीनों में आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की यह तीसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस है। आरबीआई गवर्नर ने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस 27 मार्च और दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस 17 अप्रैल को की थी। इन दोनों प्रेस कॉन्फ्रेंस में गवर्नर ने अर्थव्यवस्था में तेजी लाने और बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए कई उपायों की घोषणा की थी।
सरकार कर चुकी है करीब 21 लाख करोड़ के प्रोत्साहन पैकेज का ऐलान
कोरोना आपदा से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने करीब 21 लाख करोड़ रुपए के आत्मनिर्भर भारत प्रोत्साहन पैकेज का ऐलान किया है। इसमें गरीब मजदूरों को नकद कैश और अनाज, एमएसएमई को 3 लाख करोड़ रुपए की क्रेडिट गारंटी, एनबीएफसी-एमएफआई को क्रेडिट गारंटी, मनरेगा मजदूरों के लिए अतिरिक्त आवंटन समेत किसानों के लिए कई उपाय किए गए हैं। यह प्रोत्साहन पैकेज भारत की जीडीपी के करीब 10.5 फीसदी के बराबर है।
एमपीसी की बैठक 3 से 5 जून को होनी थी लेकिन इसे पहले ही कर लिया गया है और 20-22 मई के दौरान की गई बैठक में अधिकांश सदस्य रेपो रेट घटाने के पक्ष में थे. इस तरह रिवर्स रेपो रेट को घटाकर 3.35 फीसदी कर दिया गया है.
रेपो रेट घटाने से बैंकों को आरबीआई से कम ब्याज पर कर्ज मिल सकेंगे और इसका फायदा बैंक अपने ग्राहकों को देंगे जिसके बाद ग्राहकों की ईएमआई कम हो सकती है.
आरबीआई के हाल में किए गए फैसले
इससे पहले आरबीआई ने 27 अप्रैल को एलान कर म्यूचुएल फंड निवेशकों को स्पेशल लिक्विडिटी फैसिलिटी के तहत 50 हजार करोड़ रुपये देने का एलान किया था. वहीं 17 अप्रैल को भी आरबीआई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और इसमें एनबीएफसी और सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) के लिये 50 हजार करोड़ रुपये के टारगेटेड एलटीआरओ की घोषणा की थी. वहीं इसके साथ नाबार्ड, सिडबी और राष्ट्रीय आवास बैंक के लिये 50 हजार करोड़ रुपये की विशेष व्यवस्था की थी.