नेपाल चुनाव- भारत विरोधी नेता केपी ओली की हार:बालेन शाह ने 50,000 वोटों से हराया, 4 साल पुरानी पार्टी की ऐतिहासिक जीत
नेपाल में आम चुनाव की मतगणना जारी है। 165 सीटों पर शुरुआती रुझान आ चुके हैं। रैपर और काठमांडू के मेयर रहे बालेन शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को 50 हजार वोटों से हरा दिया है।
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के बालेन शाह और ओली झापा-5 सीट से चुनाव लड़ रहे थे। यहां बालेन शाह को 68,348 वोट मिले, जबकि केपी शर्मा ओली को 18,734 वोट मिले। ओली को भारत विरोधी नेता माना जाता है। उन्होंने झापा-5 सीट से 2017 और 2022 का चुनाव जीता था।
बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। RSP ने अब तक 62 सीटें जीत ली हैं, जबकि 60 सीटों पर आगे चल रही है। यह पार्टी सिर्फ 4 साल पहले एक पत्रकार रहे रबि लामिछाने ने बनाई थी।
पिछले साल सितंबर में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद 5 मार्च को हुए चुनाव में 58% लोगों ने वोट डाले। वोटों की गिनती पूरी होने में 3 से 4 दिन लगने की उम्मीद है। चुनाव आयोग ने कहा है कि 9 मार्च तक काउंटिंग पूरी करने की कोशिश की जाएगी।
नेपाल में 2 तरीके से सांसदों का चुनाव
नेपाल में चुनाव की व्यवस्था मिश्रित चुनाव प्रणाली पर आधारित है। यानी यहां दो तरीकों से सांसद चुने जाते हैं- सीधे चुनाव से और पार्टी को मिले कुल वोट के हिसाब से।
सीधा चुनाव (फर्स्ट पास्ट द पोस्ट)
संसद की 275 में से 165 सीटों पर सीधे चुनाव होता है। हर इलाके (निर्वाचन क्षेत्र) में लोग अपने उम्मीदवार को वोट देते हैं। जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं, वही जीतता है।
वोट % के आधार पर सीटें (प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन)
बाकी बची 110 सीटें पार्टियों को मिले कुल वोट प्रतिशत के आधार पर मिलती हैं। इसमें वोटर किसी उम्मीदवार को नहीं बल्कि किसी पार्टी को वोट देती है। पूरे देश में पार्टी को जितने प्रतिशत वोट मिलते हैं, उसी हिसाब से उन्हें संसद में सीटें मिलती हैं।
इस सिस्टम का मकसद यह है कि छोटे दलों और अलग-अलग सामाजिक समूहों को भी संसद में जगह मिल सके और कोई एक पार्टी पूरी तरह हावी न हो।
PM मोदी ने सफल चुनाव कराने पर नेपाल को बधाई दी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल में सफल रहे चुनाव के बाद नेपाल की जनता और सरकार को बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लैटफोर्म X पर लिखा “मैं नेपाल के लोगों और सरकार को चुनाव के सफल आयोजन पर दिल से बधाई देता हूं। अपने नेपाली भाइयों और बहनों को अपने डेमोक्रेटिक अधिकारों का इतने जोश के साथ इस्तेमाल करते देखना बहुत अच्छा लग रहा है। भारत नेपाल के लोगों और उनकी नई सरकार के साथ मिलकर काम करने के अपने वादे पर कायम है।”
RSP को मिली बंपर सफलता की वजह क्या है
नेपाल में मिश्रित चुनाव प्रणाली होने के कारण आमतौर पर किसी एक पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलना मुश्किल माना जाता था। लेकिन RSP को करीब दो-तिहाई सीटें मिलती दिख रही है।
संविधान बनने के बाद यह पहली बार है कि किसी एक पार्टी को इतनी सीटें मिल रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि काठमांडू के मेयर के रूप में बालेन शाह की साफ छवि भी इस समर्थन का एक बड़ा कारण है।
राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर लोक राज बराल ने कहा कि गगन थापा के नेतृत्व में नेपाली कांग्रेस ने अपनी पुरानी छवि से उबरने की कोशिश की, लेकिन कम समय के कारण वे पूरी तरह सफल नहीं हो पाए।
बराल के अनुसार RSP के पक्ष में यह लहर इसलिए बनी क्योंकि लोग पुरानी पार्टियों से नाराज और निराश हो चुके थे। पिछले सरकारें लोगों को बुनियादी सेवाएं देने में असफल रहीं और बालेन शाह की लोकप्रियता ने भी इस लहर को मजबूत किया।
हालांकि उनका कहना है कि ऐसी लहरें स्थायी नहीं होतीं, अगर सरकार में आने के बाद प्रदर्शन अच्छा न हो।
नेपाल चुनाव के अब तक के नतीजे…
सीधा चुनाव (फर्स्ट पास्ट द पोस्ट)- कुल सीटें-165
| पार्टी | जीत | बढ़त |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी | 62 | 62 |
| नेपाली कांग्रेस | 10 | 9 |
| CPN-UML | 3 | 8 |
| नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) | 2 | 6 |
| अन्य | 2 | 3 |
अब तक कुल वोटों की गिनती- 4 लाख
वोट % के आधार पर (प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन)- कुल सीटें-110
| पार्टी | वोट हासिल | प्रतिशत |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी | 2.7 लाख | 54% |
| नेपाली कांग्रेस | 83 हजार | 16% |
| CPN-UML | 66 हजार | 13% |
| नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) | 27 हजार | 5% |
| अन्य | 62 हजार | 12% |
नेपाल चुनाव से जुड़ीं 5 तस्वीरें…




