जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में दो आतंकी ढेर:घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे; सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों पर फायरिंग की थी
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में शनिवार को सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया है। भारतीय सेना ने आतंकियों के खिलाफ शुक्रवार को सर्च ऑपरेशन चलाया था। सेना को नियंत्रण रेखा (LoC) के पार से घुसपैठ की खुफिया जानकारी मिली थी।
भारतीय सेना की यूनिट चिनार कॉर्प्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों की जवाबी फायरिंग में दो आतंकी मारे गए। सेना ने इसे ‘ऑपरेशन पिंपल’ नाम दिया है। ऑपरेशन अभी जारी है।
इससे पहले 5 नवंबर को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के छत्रू इलाके में मुठभेड़ हुई थी। आतंकियों की फायरिंग से एक जवान घायल हो गया था। अधिकारियों के अनुसार, सेना की मदद से पुलिस ने आतंकियों के खिलाफ जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया था।
कुपवाड़ा में 26 दिन पहले भी दो आतंकी मारे गए थे
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में 13 अक्टूबर को सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को मार गिराया था। यह ऑपरेशन भारत-पाकिस्तान बॉर्डर (LOC) के पास कुंबकडी के जंगल में चला था। आतंकियों ने यहां से घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसे सुरक्षाबलों ने नाकाम किया।
8 सितंबर: आरएस पुरा बॉर्डर के पास घुसपैठिया गिरफ्तार

जम्मू के आरएस पुरा सेक्टर में इंटरनेशनल बॉर्डर से एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को गिरफ्तार किया गया था। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा का रहने वाला सिराज खान नाम के घुसपैठिए को ऑक्ट्रोई चौकी पर तैनात BSF जवानों ने देखा था। कुछ राउंड फायरिंग के बाद उसे बॉर्डर फेंसिंग के पास गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके पास से कुछ पाकिस्तानी करेंसी भी मिली थी।
अगस्त में आतंकियों के खिलाफ 2 ऑपरेशन हुए
- गुरेज सेक्टर में मारे गए थे 2 आतंकी: 26 अगस्त में जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में हुई एक मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए थे। उनमें से एक की पहचान बागू खान के रूप में हुई, जिसे ‘ह्यूमन GPS’ कहा जाता था। सुरक्षा बलों को दशकों से इसकी तलाश थी क्योंकि वह 1995 से 100 से ज्यादा घुसपैठ की कोशिशों में शामिल था।
- कुलगाम में चला था सबसे लंबा ऑपरेशन: 1 से 12 अगस्त श्रीनगर से लगभग 70 किलोमीटर दूर कुलगाम में ऑपरेशन अखल नामक एक ऑपरेशन चलाया गया। इसमें लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का एक आतंकवादी मारा गया। इसकी पहचान पुलवामा निवासी हारिस डार के रूप में हुई थी।
22 अप्रैल: पहलगाम आतंकी हमले में 26 टूरिस्ट्स की मौत
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने 26 टूरिस्ट्स की हत्या की थी। इसके बाद 7 मई को भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाक में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी।
सेना ने 100 आतंकियों को मार गिराया था। दोनों देशों के बीच 10 मई की शाम 5 बजे से सीजफायर पर सहमति बनी थी।
28 जुलाई: पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड समेत 3 आतंकी ढेर

जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के दाचीगाम नेशनल पार्क के पास हरवान इलाके में 28 जुलाई को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में तीन पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें पहलगाम हमले का मुख्य आरोपी हाशिम मूसा भी शामिल था।
सेना ने यह कार्रवाई ऑपरेशन महादेव के तहत की थी। बाकी दो आतंकियों की पहचान जिबरान और हमजा अफगानी के रूप में हुई। जिबरान 2024 के सोनमर्ग सुरंग प्रोजेक्ट पर हुए हमले में शामिल था।
आतंकियों के पास से अमेरिकी M4 कार्बाइन, AK-47, 17 राइफल और ग्रेनेड मिले थे। कुछ और संदिग्ध सामान भी बरामद हुआ।