मोदी बोले- सोमनाथ तोड़ने वाले इतिहास के पन्नों में सिमटे:दुर्भाग्य से देश में आज भी मंदिर पुनर्निर्माण का विरोध करने वाली ताकतें मौजूद
PM मोदी शनिवार शाम सोमनाथ पहुंचे थे। यहां सोमनाथ मंदिर पर साल 1026 में हुए पहले आक्रमण के हजार साल पूरे होने पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया जा रहा है। कार्यक्रम का नाम ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ PM ने ही रखा है।
गुजरात के सोमनाथ मंदिर पर 1000 साल पहले हुए हमले को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि उस वक्त आतताई सोच रहे थे कि वे जीत गए हैं, लेकिन आज भी सोमनाथ मंदिर में फहरा रही ध्वजा बता रही है कि हिंदुस्तान की शक्ति क्या है। दुर्भाग्य से आज भी हमारे देश में वे ताकतें मौजूद हैं, जिन्होंने सोमनाथ के पुनर्निर्माण का विरोध किया था।

पीएम ने नेहरू का नाम लिए बिना कहा कि जब सरदार पटेल ने सोमनाथ के पुनर्निर्माण की शपथ ली तो उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई। दरअसल, 1951 में मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के शामिल होने को लेकर जवाहरलाल नेहरू ने आपत्ति जताई थी।
पीएम मोदी ने मंदिर से करीब 3 किमी दूर सद्भावना ग्राउंड में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि हमें आज भी ऐसी ताकतों से सावधान रहना है, जो हमें बांटने की कोशिश में लगी हुई हैं।
पीएम ने सुबह मंदिर में करीब 30 मिनट तक पूजा-अर्चना की। शिवलिंग पर जल चढ़ाया, फूल अर्पित किए और पंचामृत से अभिषेक किया।
मोदी शनिवार शाम सोमनाथ पहुंचे थे। यहां सोमनाथ मंदिर पर साल 1026 में हुए पहले आक्रमण के हजार साल पूरे होने पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया गया।
मोदी के संबोधन की 4 बड़ी बातें…
- सोमनाथ का वजूद नहीं मिटा पाए: आज उस इतिहास के बारे में कल्पना कीजिए, 1 हजार साल पहले 1026 में गजनवी ने मंदिर को तोड़ा था। उसे लगा उसने सोमनाथ का वजूद मिटा दिया, लेकिन इसके बाद ही मंदिर का पुननिर्माण शुरू हो गया। इसके बाद खिलजी ने मंदिर तोड़ा, लेकिन जूनागढ़ के राजाओं ने फिर से मंदिर का पुननिर्माण करा दिया।
- न मंदिर नष्ट हुआ न भारत: ये भी संयोग है कि आज सोमनाथ आक्रमण के 1 हजार साल पूरे हो रहे हैं और अब इसके पुनर्निमाण के 75 साल भी पूरे हो रहे हैं। सोमनाथ को नष्ट करने के एक नहीं, अनेकों प्रयास हुए। विदेशी आंक्राताओं द्वारा कई सदियों तक भारत को खत्म करने की कोशिशें होती रहीं, लेकिन न ही सोमनाथ नष्ट हुआ, न ही भारत।
- मजहबी कट्टरपंथी कुछ नहीं बिगाड़ पाए: जब आक्रांता सोमनाथ पर हमला कर रहे थे, उन्हें लग रहा था कि उनकी तलवार सनातन सोमनाथ को जीत रही है, लेकिन वे मजहबी कट्टरपंथी यह नहीं समझ पाए कि जिस सोमनाथ को वे नष्ट करना चाहते थे। उसके नाम में ही सोम अर्थात अमृत जुड़ा है। उसमें हलाहल को पीकर भी अमर रहने का विचार जुड़ा है।
- आज भी विरोधी ताकतें मौजूद: जिस देश के पास विरासत होती है तो वह देश उस पर गर्व करता है, लेकिन हमारे देश की आजादी के बाद गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने उसी विरासत को भुला दिया। जब सरदार पटेल ने सोमनाथ के पुनर्निर्माण की शपथ ली तो उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई। तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भी मंदिर आने से रोकने की कोशिश की गई।
- पीएम ने कहा- आज उस इतिहास के बारें में कल्पना कीजिए, 1 हजार साल पहले 1026 में गजनवी ने मंदिर को तोड़ा था। उसे लगा उसने सोमनाथ का वजूद मिटा दिया। लेकिन इसके बाद ही मंदिर का पुननिर्माण शुरू हो गया। इसके बाद खिलजी ने मंदिर तोड़ा। लेकिन जूनागढ़ के राजाओं ने फिर से मंदिर का पुननिर्माण करा दिया।
- ये भी संयोग है कि आज सोमनाथ आक्रमण के 1 हजार साल पूरे हो रहे हैं। और अब इसके पुनर्निमाण के 75 साल भी पूरे हो रहे हैं। सोमनाथ को नष्ट करने के एक नहीं, अनेकों प्रयास हुए। विदेशी आंक्राताओं द्वारा कई सदियों तक भारत को खत्म करने की कोशिशें होती रहीं। लेकिन न ही सोमनाथ नष्ट हुआ, न ही भारत नष्ट हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर में पूजा की। पीएम ने शिवलिंग पर जल चढ़ाया, फिर फूल अर्पित किए और पंचामृत से अभिषेक किया। पीएम ने मंदिर में करीब 30 मिनट तक पूजा की।
थोड़ी देर में पीएम सद्भावना ग्राउंड पहुंचेंगे, वहां जनसभा को संबोधित करेंगे। इससे पहले पीएम ने सुबह शंख सर्किल पर शौर्य यात्रा निकाली। पीएम ने एक किमी लंबी यात्रा के दौरान डमरू भी बजाया।
VIDEO | Gujarat: Prime Minister Narendra Modi (@narendramodi) greets seers, saints, and devotees after offering prayers and performing puja at Shree Somnath Mandir.#SomnathSwabhimanParv
(Source – Third party)
(Full VIDEO available on https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/b9YWBA6hgF
— Press Trust of India (@PTI_News) January 11, 2026
PM मोदी शनिवार शाम सोमनाथ पहुंचे थे। यहां सोमनाथ मंदिर पर साल 1026 में हुए पहले आक्रमण के हजार साल पूरे होने पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया जा रहा है। कार्यक्रम का नाम ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ PM ने ही रखा है।
#WATCH | Gujarat | PM Narendra Modi offers prayers at Somnath Temple.
Source: DD pic.twitter.com/KV7CgXMupL
— ANI (@ANI) January 11, 2026
यह 8 से 11 जनवरी तक मनाया जा रहा है। सोमनाथ में अपने दौरे के पहले दिन, प्रधानमंत्री ने रोड शो किया था। उन्होंने सोमनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया, ऊं मंत्र के सामूहिक जप में हिस्सा लिया और ड्रोन शो देखा।
मंदिर में पूजा करते हुए पीएम की 3 तस्वीरें…



शौर्य यात्रा में शामिल पीएम की 3 तस्वीरें…


