राजस्थान, एमपी, यूपी, बंगाल समेत 12 राज्यों में होगा SIR:आज रात फ्रीज होगी वोटर लिस्ट; कल से प्रोसेस शुरू, 7 फरवरी तक चलेगी
बिहार के बाद उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत देश के 12 राज्यों में विशेष इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कल से शुरू होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को इसका ऐलान किया। उन्होंने बताया कि बिहार के बाद SIR का दूसरा फेज है। इसमें मतदाता सूची के अपडेशन, नए वोटरों के नाम जोड़ने और त्रुटियों को सुधारने का काम किया जाएगा। आज रात से ही इन राज्यों में वोटर लिस्ट फ्रीज हो जाएगी। ज्ञानेश कुमार ने बताया कि मतदान अधिकारियों का प्रशिक्षण मंगलवार से शुरू होगा। हमने SIR की शुरुआत बिहार से की थी। यहां SIR कामयाब रहा। इसे लेकर राज्य में जीरो शिकायत मिली।

UP-MP समेत 12 राज्यों में SIR
- अंडमान निकोबार
- छत्तीसगढ़
- गोवा
- गुजरात
- केरल
- लक्षद्वीप
- मध्य प्रदेश
- पुडुचेरी
- राजस्थान
- तमिलनाडु
- उत्तर प्रदेश
- पश्चिम बंगाल
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि देश में 21 साल पहले आखिरी विशेष गहन पुनरीक्षण किया गया था। उन्होंने बताया कि SIR में सभी योग्य मतदाताओं को जोड़ा जाएगा और अयोग्य मतदाताओं को वोटर लिस्ट से बाहर किया जाएगा। सीईसी ने आगे कहा कि चुनावों से पहले SIR किया जाना सबसे ज्यादा जरूरी है।
अंतिम SIR कट-ऑफ डेट के रूप में काम करेगी
- राज्यों में अंतिम SIR कट-ऑफ डेट के रूप में काम करेगी, ठीक उसी तरह जैसे बिहार की 2003 की वोटर लिस्ट का उपयोग चुनाव आयोग ने SIR के लिए किया था।
- अधिकांश राज्यों में वोटर लिस्ट का अंतिम बार SIR 2002 और 2004 के बीच हुआ था। दिल्ली में 2008 में और इससे पहले उत्तराखंड में 2006 में SIR हुआ था।
- अधिकांश राज्यों ने अपने-अपने राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में हुए अंतिम SIR के अनुसार वर्तमान वोटर्स का मिलान लगभग पूरा कर लिया है।
- SIR का प्राथमिक उद्देश्य विदेशी अवैध प्रवासियों के जन्म स्थान की जांच करके उन्हें बाहर निकालना है। यह कदम बांग्लादेश और म्यांमार सहित विभिन्न राज्यों में अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई के मद्देनजर महत्वपूर्ण है।