TMC की स्ट्रैटजी बनाने वाली फर्म पर ED का छापा:ममता पहुंचीं; कहा- मेरी पार्टी के दस्तावेज ले जा रहे, क्या शाह का यही काम
इन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने गुरुवार को कोलकाता में पॉलिटिकल कंसलटेंट फर्म I-PAC के ऑफिस और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की। प्रतीक जैन ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के आईटी सेल के हेड भी हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की जा रही है।
सीएम ममता बनर्जी को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, वे प्रतीक जैन के घर पर पहुंच गईं। उन्होंने कहा, क्या ईडी और अमित शाह का काम पार्टी की हार्ड डिस्क और उम्मीदवारों की सूची जब्त करना है? यह एक घटिया और शरारती गृह मंत्री है, जो देश की सुरक्षा नहीं कर पा रहा है।
सीएम ने कहा कि मेरी पार्टी के सभी दस्तावेज उठा ले जाया जा रहा है। एक तरफ वे पश्चिम बंगाल में SIR के जरिए मतदाताओं के नाम हटाने का काम कर रहे हैं। दूसरी तरफ इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।
ED ने कहा- छापेमारी अवैध कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने कहा कि कोलकाता में I-PAC कार्यालय पर छापे पूरी तरह सबूतों के आधार पर किए जा रहे हैं। यह किसी राजनीतिक दल या चुनाव से जुड़ा मामला नहीं है। यह कार्रवाई अवैध कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े केस में हो रही है। फिलहाल 10 ठिकानों पर तलाशी जारी है। 6 पश्चिम बंगाल और 4 दिल्ली में।
एजेंसी ने बताया कि जांच में कैश जनरेशन, हवाला ट्रांसफर से जुड़े परिसर शामिल हैं। किसी भी पार्टी कार्यालय की तलाशी नहीं ली गई। कुछ संवैधानिक पदों पर बैठे लोग दो ठिकानों पर पहुंचे, अवैध दखल दिया और दस्तावेज छीन लिए।
ममता खाली हाथ आईं, घर से बाहर निकलीं तो हाथ में फाइल थी छापेमारी के दौरान प्रतीक जैन अपने घर पर ही मौजूद थे। यह कार्रवाई सुबह से जारी थी, लेकिन करीब 11:30 बजे के बाद मामला बढ़ा। सबसे पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचे। कुछ समय बाद सीएम ममता बनर्जी खुद लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के घर पहुंचीं। ममता वहां कुछ देर रुकीं। जब बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल दिखाई दी। इसके बाद वे I-PAC के ऑफिस भी गईं।



भाजपा ने कहा- ममता ने केंद्रीय एजेंसियों के काम में दखल दिया बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा, ‘मैं छापेमारी पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। ED डिटेल्स दे सकती है। ममता बनर्जी केंद्रीय एजेंसियों के काम में दखल दिया। ममता ने आज जो किया, वह जांच में बाधा डालना था। मुख्यमंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। IPAC ऑफिस में वोटर लिस्ट क्यों मिली। क्या IPAC कोई पार्टी ऑफिस है।’
- I-PAC (Indian Political Action Committee) एक पॉलिटिकल कंसलटेंट फर्म है। इसके डायरेक्टर प्रतीक जैन है।
- यह राजनीतिक दलों को चुनावी रणनीति, डेटा-आधारित कैंपेन, मीडिया प्लानिंग और वोटर आउटरीच में मदद करती है।
- I-PAC पहले Citizens for Accountable Governance (CAG) थी। इसकी शुरुआत 2013 में प्रशांत किशोर ने प्रतीक के साथ की थी। बाद में इसका नाम I-PAC रखा गया।
- प्रशांत किशोर के हटने के बाद I-PAC की कमान प्रतीक के पास आ गई।
- प्रशांत ने बाद में बिहार में ‘जन सुराज’ पार्टी बनाई।
- I-PAC तृणमूल कांग्रेस (TMC) के साथ 2021 से जुड़ी है।