दिल्ली ब्लास्ट को सरकार ने आतंकी घटना माना:आतंकी कनेक्शन में संदिग्ध दूसरी कार फरीदाबाद के पास खड़ी मिली, एक व्यक्ति हिरासत में
केंद्र सरकार ने दिल्ली कार ब्लास्ट को आतंकी हमला माना है। बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लाल किला के पास हुए टेरर अटैक पर प्रस्ताव पारित किया गया।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रस्ताव पढ़ते हुए कहा- मंत्रिमंडल ने इस आतंकी घटना को ‘राष्ट्र-विरोधी ताकतों ने अंजाम दिया गया जघन्य कृत्य’ बताया। जांच एजेंसियों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकार की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति है।

इधर पुलिस ने आशंका जताई थी कि दिल्ली धमाके में शामिल आतंकियों के पास एक नहीं, बल्कि दो कारें थीं। लाल रंग की इस फोर्ड इकोस्पोर्ट कार का नंबर DL10-CK-0458 है। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को इसकी तलाश के लिए दिल्ली के साथ पड़ोसी राज्यों यूपी और हरियाणा में अलर्ट जारी किया गया था।
अलर्ट जारी होने के बाद बुधवार शाम को ही कार को हरियाणा के खंदावली गांव के पास से बरामद किया गया। यह कार डॉ. उमर उन नबी के नाम पर रजिस्टर्ड है। FSL और NSG की टीम ने कार की जांच की है। स्थानीय लोगों ने कहा- कार मंगलवार से यहां पर थी।


दो साल से विस्फोट जमा कर रही थी शाहीन
दिल्ली धमाका करने वाले आतंकियों का ग्रुप फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से संचालित हो रहा था। सूत्रों के मुताबिक धमाकों की साजिश जनवरी से की जा रही थी। फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. शाहीन शाहिद ने बताया कि वह पिछले दो साल से विस्फोटक जमा कर रही थी।
शाहीन और उसके साथियों को मिलाकर एक व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल बनाया गया था। यानी इसमें पेशेवर लोगों को शामिल किया गया था। इसमें शामिल आतंकी जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद नाम के संगठनों जुड़े थे।
घायलों से मिले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार दोपहर भूटान से लौटे। वे एयरपोर्ट से सीधे LNJP अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट के घायलों के इलाज का जायजा लिया और डॉक्टरों से भी बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि साजिश को अंजाम देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

देशभर में रेलवे स्टेशन, मॉल में धमाकों की साजिश थी
दिल्ली ब्लास्ट को अंजाम देने वाले आतंकियों ने देशभर में 200 बम (IEDs) से 26/11 जैसे हमले करने की साजिश रची थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली के लाल किला, इंडिया गेट, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब और गौरी शंकर मंदिर जैसी जगह धमाके किए जाने थे।
आतंकियों के टारगेट पर गुरुग्राम और फरीदाबाद के साथ देशभर के रेलवे स्टेशनों और बड़े मॉल्स भी थे। जांच एजेंसियों का कहना है कि वे धार्मिक स्थलों पर हमला कर देश में सांप्रदायिक तनाव फैलाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने कश्मीर के पुलवामा, शोपियां और अनंतनाग के डॉक्टरों को चुना, ताकि वे बिना रोकटोक कहीं भी जा सकें।
दिल्ली धमाके से जुड़े 4 अपडेट्स…
- कार चलाने वाले आतंकी डॉक्टर उमर की मां का DNA कलेक्ट कर लिया गया है। जांच के लिए उसे AIIMS की फॉरेंसिक लैब में भेजा गया है।
- विस्फोट में शामिल हुंडई i20 कार फरीदाबाद स्थित एक सेकेंड-हैंड कार शोरूम ‘रॉयल कार जोन’ ने बेची थी। शोरूम का मालिक हिरासत में लिया गया है।
- फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर डॉ भूपिंदर कौर ने बयान जारी करते हुए कहा कि, कैंपस में केमिकल लाने की बात गलत है।
- घटना वाली जगह से करीब 40 सैंपल कलेक्ट किए गए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि एक सैंपल में अमोनियम नाइट्रेट होने की संभावना है।
कार धमाका सुसाइड कार बॉम्बिंग जैसा हमला नहीं था
सूत्रों के अनुसार, कार ने किसी टारगेट को टक्कर नहीं मारी, न किसी बिल्डिंग में घुसी, यानी यह सुसाइड कार बॉम्बिंग जैसा हमला नहीं था। उमर विस्फोट में मारा जा चुका है। पुलिस ने उसकी मां का DNA सैंपल लिया है, ताकि धमाके के अवशेष में मिले शव के टुकड़ों की पहचान हो सके।
लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास सोमवार शाम करीब 6.52 बजे सफेद i20 कार में ब्लास्ट हुआ था। इसमें 12 लोगों की मौत हुई। सूत्रों का कहना है कि कार में विस्फोट सामाग्री वही थी, जो फरीदाबाद से 10 नवंबर को धमाके से पहले जब्त की गई थी।
तुर्किए सरकार ने कहा- भारत में हुए आतंकी हमले से हमारा संबंध नहीं
तुर्किये सरकार ने भारत के कुछ मीडिया रिपोर्ट्स को झूठी और भ्रामक मुहिम बताते हुए खारिज कर दिया है। इन रिपोर्ट्स में कहा गया था कि तुर्किये का भारत में हो रही आतंकी गतिविधियों से संबंध है।
तुर्किये के डायरेक्टरेट ऑफ कम्युनिकेशंस के सेंटर फॉर काउंटरिंग डिसइंफॉर्मेशन ने X पर कहा- भारत के कुछ मीडिया आउटलेट्स में जानबूझकर ऐसी खबरें चलाई जा रही हैं कि तुर्किये आतंकवादियों को लॉजिस्टिक, आर्थिक या कूटनीतिक मदद देता है। ये सब एक दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा हैं, जिसका मकसद भारत-तुर्किये संबंधों को नुकसान पहुंचाना है।
बयान में कहा गया कि तुर्किये हर तरह के आतंकवाद का विरोध करता है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई रोल निभा रहा है। तुर्किये ने साफ कहा कि भारत या किसी अन्य देश में कट्टरपंथी गतिविधियों में उसकी कोई भूमिका नहीं है।
चिदंबरम बोले- सरकार होम-ग्रोउन टेररिस्ट से बाकिफ
कांग्रेस नेता चिदंबरम ने कहा- मैंने पहले भी कहा था और पहलगाम आतंकी हमले के बाद भी दोहराया था कि आतंकवादियों के दो प्रकार हैं- एक विदेशी प्रशिक्षण प्राप्त कर भारत में घुसपैठ करने वाले और दूसरे घरेलू आतंकवादी। मैंने ये बात संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान भी कहा थी, लेकिन तब मेरा मजाक उड़ाया गया और ट्रोल किया गया।
उन्होंने कहा कि मुझे कहना होगा कि सरकार ने तब भी और अब भी इस पर चुप्पी साधी रखी, क्योंकि सरकार जानती है कि होम-ग्रोउन टेररिस्ट भी हैं।