आतंकी बाबरी का बदला लेना चाहते थे:देशभर में 32 कारों से धमाके की साजिश थी; दिल्ली कार ब्लास्ट इसी का हिस्सा था
पुलिस ने आशंका जताई थी कि दिल्ली धमाके में शामिल आतंकियों के पास एक नहीं, बल्कि दो कारें थीं। बुधवार को इसकी तलाश के लिए दिल्ली के साथ पड़ोसी राज्यों यूपी और हरियाणा में अलर्ट जारी किया गया था। इसके बाद हरियाणा के खंदावली गांव में लावारिस गाड़ी की खबर सामने आई। इस गाड़ी की जांच के लिए NSG बॉम्ब स्क्वाड की टीम पहुंची है। गाड़ी अभी तक पूरी तरह से खोली नहीं गई है। सोर्स के अनुसार गाड़ी जहां मिली, वह उमर के ड्राइवर की बहन का घर था।
लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए धमाके की जांच में गुरुवार को बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आतंकी 6 दिसंबर, यानी बाबरी मस्जिद ढहाए जाने की बरसी के दिन दिल्ली समेत कई जगह धमाके करना चाहते थे।
इसके लिए उन्होंने 32 कारों का इंतजाम किया था। इनमें बम और विस्फोटक सामग्री भरकर धमाके किए जाने थे। इनमें ब्रेजा, स्विफ्ट डिजायर, इकोस्पोर्ट और आई20 जैसी गाड़ियां शामिल थीं। जांच एजेंसियों को अब तक चार कारें बरामद हो चुकी हैं।
हरियाणा पुलिस की टीम अल फलाह यूनिवर्सिटी से रवाना
#WATCH | Haryana Police personnel exit the premises of Al Falah University in Faridabad, where a probe into the Faridabad terror module case is underway.
Dr Muzammil worked at Al Falah University in Faridabad. pic.twitter.com/8f8BON2Q03
— ANI (@ANI) November 13, 2025
10 नवंबर जिस आई20 कार में धमाका हुआ था, वह इसी सीरियल रिवेंज अटैक का हिस्सा थी। ब्लास्ट से अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लोग घायल हैं, जिनमें से तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है।
CCTV फुटेज की 2 तस्वीरें…


वहीं, केंद्र सरकार ने दिल्ली कार ब्लास्ट को आतंकी हमला माना है। बुधवार को कैबिनेट मीटिंग में टेरर अटैक पर प्रस्ताव पारित किया गया।
ब्लास्ट से जुड़ी दूसरी गाड़ी की जांच जारी


पुलिस ने आशंका जताई थी कि दिल्ली धमाके में शामिल आतंकियों के पास एक नहीं, बल्कि दो कारें थीं। बुधवार को इसकी तलाश के लिए दिल्ली के साथ पड़ोसी राज्यों यूपी और हरियाणा में अलर्ट जारी किया गया था। इसके बाद हरियाणा के खंदावली गांव में लावारिस गाड़ी की खबर सामने आई।
इस गाड़ी की जांच के लिए NSG बॉम्ब स्क्वाड की टीम पहुंची है। गाड़ी अभी तक पूरी तरह से खोली नहीं गई है। सोर्स के अनुसार गाड़ी जहां मिली, वह उमर के ड्राइवर की बहन का घर था।
दिल्ली ब्लास्ट में 3 खुलासे…
- पहला: जनवरी में लाल किले की रेकी की थी- दिल्ली को दहलाने की साजिश जनवरी से रची जा रही थी। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल डंप डेटा से पता चला कि फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मुजम्मिल गनी और धमाके में कथित रूप से मारे गए डॉ. उमर नबी ने जनवरी में कई बार लाल किले की रेकी की थी। दोनों ने वहां की सुरक्षा-और भीड़ का पैटर्न समझा था। पुलिस को शक है कि आतंकियों की प्लानिंग 26 जनवरी पर लाल किले पर हमले की थी, जो तब नाकाम हो गई।
- दूसरा: दिल्ली में 6 दिसंबर को हमले का प्लान था – नबी दिल्ली में 6 दिसंबर को हमला करना चाहता था, लेकिन मुजम्मिल की गिरफ्तारी से प्लान बिगड़ गया। यह बात 8 आरोपियों से पूछताछ में सामने आई हैं। इस अंतरराज्यीय मॉड्यूल का केंद्र फरीदाबाद में था। गिरफ्तार आतंकियों में 6 डॉक्टर हैं। श्रीनगर का रहने वाला एक अन्य संदिग्ध डॉ. निसार फरार है। वह डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ कश्मीर का अध्यक्ष भी है। अलफलाह में पढ़ा रहा था। जम्मू-कश्मीर सरकार ने डॉ. निसार को बर्खास्त कर दिया है।
- तीसरा: खाद की बोरी बता विस्फोटक जुटा रहा था गनी– फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में काम कर रहा कश्मीरी डॉ. मुजम्मिल गनी खाद की बोरियां बताकर किराए के कमरे में विस्फोटक सामग्री जमा कर रहा था। 20 दिन पहले मुजम्मिल कमरे में कुछ बोरियां रखने आया था, तब पड़ोसियों ने उससे पूछा था कि इसमें क्या है? जवाब में मुजम्मिल ने कहा था कि ये खाद के कट्टे हैं। इन्हें कश्मीर ले जाना है। इस कमरे से 100 मीटर दूर एक मकान में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस ने फुटेज जब्त कर लिए हैं।
दिल्ली पुलिस ने यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की
दिल्ली पुलिस ने यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने कहा है कि रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन और एयरपोर्ट पर समय से पहले पहुंचें, ताकि जांच के दौरान देर न हो। यात्रियों को ट्रेन छूटने से 1 घंटे पहले, मेट्रो के लिए 20 मिनट पहले और अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए 3 घंटे पहले पहुंचने की सलाह दी गई है।
दिल्ली ब्लास्ट की जांच में ED की एंट्री, टेरर फंडिंग की जांच करेगी
दिल्ली लाल किला ब्लास्ट में NIA, NSG, IB और दिल्ली पुलिस के बाद 5वीं जांच एजेंसी ED की एंट्री हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय इस बात की जांच करेगा कि डॉक्टरों ने विस्फोटक खरीदने के लिए 23 लाख रुपए कहां से जुटाए थे। ED अल-फलाह यूनिवर्सिटी के लेन-देन की जांच भी करेगी।
जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों का दावा है कि आरोपी डॉ. मुजम्मिल, डॉ. आदिल, उमर और शाहीन ने मिलकर लगभग 20 लाख रुपए जुटाए, जो उमर को दिए थे।
इन लोगों ने गुरुग्राम, नूंह और आसपास के इलाकों से IED तैयार करने के लिए 3 लाख रुपए का 20 क्विंटल से ज्यादा NPK फर्टिलाइजर खरीदा था। उमर और मुजम्मिल के बीच पैसों का विवाद भी था।
असम में दिल्ली धमाके का समर्थन करने पर 17 लोग गिरफ्तार
#WATCH | Assam CM Himanta Biswa Sarma says, "As of now, we have arrested 17 people, who have directly or indirectly lauded the Delhi blast. We have zero tolerance towards this. We are currently examining over 100 social media posts. We will continue to arrest such people until we… pic.twitter.com/lu2w9re6ly
— ANI (@ANI) November 13, 2025
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि अब तक दिल्ली धमाके की तारीफ करने या समर्थन करने वाले 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा, “हम ऐसे लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर किए गए 100 से ज्यादा पोस्ट की जांच चल रही है। जब तक इस पूरे नेटवर्क को खत्म नहीं कर देते, कार्रवाई जारी रहेगी।”
आतंकी उमर की आखिरी 24 घंटे की मूवमेंट ट्रैक
पुलिस ने 50 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज के आधार पर डॉ. उमर नबी के आखिरी 24 घंटे की पूरी मूवमेंट ट्रैक की। जांच में पता चला है कि वह रविवार यानी 9 नवंबर की रात फरीदाबाद से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के रास्ते निकला और हरियाणा के नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका में एक ढाबे पर रुका। वहीं उसने कार में ही रात गुजारी। अगली सुबह वह फिर एक्सप्रेसवे से होते हुए धीरे-धीरे दिल्ली की ओर आया। रास्ते में उसने दो बार रुककर चाय पी और फोन चेक किया। CCTV फुटेज में वह सुबह 8:13 बजे बादरपुर टोल पार करता दिखा। इसके बाद उसने ओखला, कनॉट प्लेस, अशोक विहार और सेंट्रल दिल्ली के इलाकों में चक्कर लगाए। दोपहर में अशोक विहार में एक ढाबे पर खाना खाया, फिर वह रामलीला मैदान के पास असफ अली रोड की एक मस्जिद गया, जहां उसने तीन घंटे तक कार पार्किंग में बिताए और नमाज पढ़ी। पुलिस को शक है कि इसी दौरान उसे अगले निर्देश मिले। 3:19 बजे उसकी सफेद Hyundai i20 कार को लाल किला पार्किंग में खड़ा देखा गया। कार करीब तीन घंटे तक वहीं रही। 6:22 बजे वह कार मेट्रो स्टेशन की तरफ बढ़ी और 6:52 बजे जबरदस्त धमाके के साथ फट गई। इस विस्फोट में 13 लोगों की मौत और 25 से ज्यादा लोग घायल हुए।

कानपुर के बाद हापुड़ से डॉक्टर को उठाया, यह मुजम्मिल का क्लासमेट
यूपी एटीएस एक्शन मोड में है। 24 घंटे के भीतर जम्मू-कश्मीर के रहने वाले दो डॉक्टरों को हिरासत में लिया है। आज दोपहर हापुड़ के मेडिकल कॉलेज से गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर फारुख को उसके हॉस्टल से उठाया। फारुख ने फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल शकील के साथ पढ़ाई की है। मुजम्मिल के पास ही विस्फोटक बरामद हुआ था।
आतंकी उमर धमाके वाले दिन मेवात में दिखा था
आतंकी उमर नबी धमाके से पहले हरियाणा के मेवात गया था। वहां की फिरोजपुर झिरका टोल प्लाजा की CCTV फुटेज में उसकी कार दिखाई दी, जिसमें विस्फोटक सामग्री भरी हुई थी। यह फुटेज 10 नवंबर की सुबह, यानी धमाके वाले दिन की है। जांच में पता चला है कि विस्फोटक में इस्तेमाल की गई खाद (फर्टिलाइज़र) उमर ने मेवात से ही खरीदी थी, वह भी डॉ. मुझमिल की गिरफ्तारी से पहले।