केजरीवाल बोले- मोदी, शाह ने हमारे खिलाफ षड्यंत्र रचा:अदालत के फैसले के बाद दिल से बड़ा बोझ उतरा; जनता जानती है कि हम ईमानदार
अगस्त 2022 में CBI की चार्जशीट के आधार पर ED ने भी इस मामले में केस दर्ज किया था। ED के मामले भी अभी सुनवाई जारी है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि CBI मामले में केजरीवाल समेत अन्य लोगों के बरी होने के कारण ये सभी ED मामले में भी बरी हो सकते हैं। क्योंकि ED का मामला अब कमजोर पड़ गया है।
दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़े CBI केस में बरी होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पार्टी दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पूर्व CM ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने हमारे खिलाफ षड्यंत्र रचा। वे AAP को हरा नहीं पाए तो खत्म करने जुट गए।
केजरीवाल ने कहा- आज मेरे दिल से बड़ा बोझ उतर गया है। मोदी-शाह ने हमारे खिलाफ इतने केस बनाए। हमारे पीछे ED, CBI, पुलिस छोड़ी। एक समय AAP के टॉप 5 नेता जेलमें थे, लेकिन आप कुछ नहीं बिगाड़ सके। अब तो केवल कत्ल कराकर ही केजरीवाल को कंट्रोल कर सकते हैं।
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पूर्व CM ने कहा- भाजपा ने पिछले 4 साल ‘शराब घोटाला’ शब्द का खूब इस्तेमाल किया। आज के समय में जब सारी संस्थाओं, अथॉरिटीज को धमकाया का जा रहा है तब कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला दिया है। इतना बड़ा न्याय करने के लिए जज साहब ने वाकई बहुत हिम्मत दिखाई है। ज्यूडिशियरी और जज का बहुत धन्यवाद।
#WATCH | Delhi | AAP national convener Arvind Kejriwal, along with party leaders and workers, heads to the party office from his residence.
He was acquitted in the Delhi excise policy case by a Delhi court today. pic.twitter.com/DvgTfJtCnd
— ANI (@ANI) February 27, 2026
केजरीवाल-सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपी बरी
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़े CBI केस में शुक्रवार सुबह केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने CBI को भी कड़ी फटकार लगाई।
कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी की चार्जशीट में कई ऐसी खामियां हैं जिनका किसी गवाह या बयान से कोई लेना-देना नहीं है। स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने कहा कि केजरीवाल को बिना किसी ठोस सबूत के फंसाया गया है।
कोर्ट ने सिसोदिया और अन्य आरोपियों को आरोपमुक्त करते हुए कहा कि CBI आरोप साबित करने में विफल रही है। हजारों पन्नों की चार्जशीट में ऐसी चीजें हैं जो किसी भी गवाह के बयान का समर्थन नहीं करती। जज ने कहा कि चार्जशीट में भ्रामक बयान हैं।
#WATCH | Delhi | AAP national convener Arvind Kejriwal on his way to the party office from his residence
He was acquitted in the Delhi excise policy case by a Delhi court today. pic.twitter.com/W3vY1ejKKp
— ANI (@ANI) February 27, 2026
केजरीवाल ने कहा- आज देश का व्यापारी, उद्योगपति, किसान, युवा दुखी है। ट्रम्प रोज मोदी जी को गाली देते हैं। PM मोदी उनसे कुछ नहीं कह सकते हैं। मोदी जी भीगी बिल्ली बन गए हैं।
केजरीवाल ने कहा- जब कोई सबूत नहीं है तो ऊपर की कोर्ट में भी CBI कहां से सबूत लगागी। कोर्ट ने हमें डिस्चार्ज किया, क्योंकि कोई केस बनता ही नहीं है। ED का मामला भी खत्म हो गया है। हम अगले हफ्ते एप्लीकेशन डालेंगे।
केजरीवाल ने कांग्रेस की भी आलोचना की। उन्होंने कहा- कांग्रेसियों को शर्म नहीं आती, उनका कोई भी जेल में नहीं गया।
केजरीवाल ने कहा- AAP सरकार ने दिल्ली में 500 स्कूल बनाए, 200 सड़के बनाईं। आप (भाजपा) 5000 स्कूल बनाओ, 2 हजार सड़कें बनाओ। इसके बाद AAP को कोई नहीं पूछेगा। यमुना का बुरा हाल है, स्कूलों की हालत खराब हैं, सड़के खराब हैं, मोहल्ला क्लिनिक खराब हैं।
पूर्व CM ने कहा- इस षडयंत्र के कारण मेरे परिवार को बहुत परेशानी हुई। मेरी मां अस्पताल गईं, वो बहुत रोईं। सिसोदिया की पत्नी को गंभीर बीमारी है। मोदी और शाह के षड़यंत्र के कारण दिल्ली के 3 करोड़ लोग खामियाजा भुगत रहे हैं। मेरा चैलेंज है। दिल्ली में आज चुनाव करा दो अगर 10 से ज्यादा तुम्हारी सीटें आ जाएं तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।
केजरीवाल ने कहा- मैंने जिंदगी में इज्जत और ईमानदारी कमाई है। एक पैसा नहीं कमाया, ये लोग उसी पर चोट करना चाहते थे। इसलिए षड्यंत्र रचा। कोर्ट में आज साफ हुआ केजरीवाल, सिसोदिया, संजय सिंह और आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदारी हैं।
पूर्व CM ने कहा- कई लोग कहते हैं कि जेल से आने के बाद केजरीवाल क्यों चुप हो गया। नेताओं को फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि उनकी चमड़ी मोटी है। लेकिन मैं कोई नेता नहीं हूं। मुझे फर्क पड़ता है। मेरे परिवार पर पत्थर उछाले गए, मुझे फर्क पड़ता है।
केजरीवाल ने कहा- आज मेरे दिल से बड़ा बोझ उतर गया है। एक समय AAP के टॉप 5 नेता जेलमें थे, लेकिन कुछ नहीं बिगाड़ सके। अब तो केवल कत्ल कराकर ही केजरीवाल को कंट्रोल कर सकते हैं। बिना कत्ल कराए ये लोग केजरीवाल को संभाल नहीं सकते हैं।
केजरीवाल ने कहा- आप जान रहे हैं कि बीते 4 साल से ED, CBI और अन्य संस्थाओं की मदद से हमारे ऊपर शराब घोटाला का केस चला। आज कोर्ट को फैसला लेना था कि मुकदमा चलाया जाए कि नहीं। क्या पर्याप्त सबूत हैं। कोर्ट ने लगभग 600 पेज के आदेश में कहा कि इतना भी सबूत, बयान नहीं है कि इस केस में मुकदमा चलाया जा सके। अगर केस चलता तो सबूत रखे जाते लेकिन कोर्ट ने कहा कि इतना फर्जी, बेकार केस है कि इसमें एक भी सबूत और गवाह नहीं है। ये पूरा षड्यंत्र किसने रचा आपको पता है। ये नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने रचा।
फिलहाल कानूनी तौर पर ऐसे मामले में जांच एजेंसियां दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का रुख करती हैं। CBI अब राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील कर सकती है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट भी जा सकती है।
CBI का दावा है कि केजरीवाल के करीबी विजय नायर दिल्ली एक्साइज बिजनेस के स्टेकहोल्डर्स के संपर्क में थे। वे शराब नीति में उन्हें फायदा देने के बदले पैसों की मांग करते थे। नायर वो जरिया थे, जिन्होंने केजरीवाल के लिए BRS नेता के. कविता की अध्यक्षता वाले साउथ ग्रुप के लोगों से डील की।
CBI के मुताबिक, नायर ने ही शराब नीति में फायदा देने के बदले में साउथ ग्रुप के लोगों से ₹100 करोड़ वसूले थे। दो अन्य आरोपियों- विनोद चौहान और आशीष माथुर के माध्यम से इन पैसों को गोवा भेजा गया।
जांच एजेंसी का कहना है कि केजरीवाल के निर्देश पर इस ₹100 करोड़ की रकम में से ₹44.5 करोड़ कैश गोवा विधानसभा चुनाव में खर्च किया या। इसलिए केजरीवाल चुनाव के दौरान गलत तरीके से कमाए पैसों का इस्तेमाल करने के भी जिम्मेदार हैं, क्योंकि इसका फायदा AAP को ही मिला है।
CBI के अनुसार AAP के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने वाले गोवा के दो पूर्व विधायकों ने आरोप लगाया था कि उन्हें एक पार्टी वालंटियर ने चुनाव खर्चों के लिए कैश दिए थे। एजेंसी ने अवैध रुपए लेने और उसके इस्तेमाल के लिए AAP के गोवा प्रभारी दुर्गेश पाठक को भी जिम्मेदार ठहराया है।
एजेंसी का दावा है कि शराब नीति के तीन स्टेकहोल्डर्स- शराब निर्माताओं, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं का एक गुट तैयार हुआ था। सभी ने अपने-अपने फायदे के लिए नियमों का उल्लंघन किया। पब्लिक सर्वेंट्स और साजिश में शामिल अन्य आरोपियों को आर्थिक लाभ मिला, लेकिन सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।