आंध्र प्रदेश के वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़, 10 की मौत:एकादशी पर ज्यादा भीड़ से रेलिंग टूटी; महिलाएं और बच्चे चिल्लाते रहे, लोग रौंदते गए

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आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्थित काशीबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर में शनिवार को एकादशी के दौरान भगदड़ मचने से 10 लोगों की मौत हो गई। इनमें 8 महिलाएं और 2 बच्चे हैं। 25 से ज्यादा लोगों का इलाज चल रहा है। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर में आने-जाने का रास्ता एक ही है। आज भारी भीड़ के दौरान रास्ता जाम हो गया। लोगों की धक्का-मुक्की की वजह से रेलिंग टूट गई। इससे भगदड़ मच गई।

सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। श्रीकाकुलम के पुलिस अधीक्षक (SP) केवी महेश्वर रेड्डी ने बताया कि मंदिर के प्रशासक हरिमुकुंद पांडा पर ‘गैर-इरादतन हत्या’ (IPC की धारा 304) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

फोटो में देखें… इसी जगह रेलिंग टूटी

हादसा सीढ़ियों पर हुआ। 20 सीढ़ी चढ़कर मंदिर तक पहुंचा जाता है।
हादसा सीढ़ियों पर हुआ। 20 सीढ़ी चढ़कर मंदिर तक पहुंचा जाता है।
भगदड़ और रेलिंग टूटने के समय का फुटेज।
भगदड़ और रेलिंग टूटने के समय का फुटेज।

भगदड़ के बाद कई महिलाएं बेहोश हो गईं

भगदड़ के कई वीडियो सामने आए हैं, जिसमें मंदिर की सीढ़ियों पर लोगों की भारी भीड़ दिखाई दी। इनमें महिलाएं, बच्चें और कई बुजुर्ग भी थे। इसी दौरान रेलिंग गिर गई और लोग भीड़ से दबने लगे। महिलाएं और बच्चे बाहर निकलने के लिए चीखते-चिल्लाते दिखे। कई तो अपनी जान बचाने के लिए लोगों के ऊपर चढ़कर निकलते दिखे।

वहीं, हादसे ही बाद के वीडियो में लोग भीड़ में दबी महिलाओं और बच्चों को बाहर निकालते दिखे। महिलाएं भगदड़ वाली जगह पर इधर-उधर बेसुध पड़ी दिखाई दीं। लोगों ने भीड़ में से महिलाओं को उनके हाथ-पैर पकड़कर खींचते दिखाई दिए।

आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री अनीता ने बताया कि मंदिर में हर हफ्ते करीब 1500 से 2000 श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। आज एकादशी होने की वजह से श्रद्धालुओं की संख्या बहुत अधिक थी। उन्होंने बताया कि मंदिर पहली मंजिल पर स्थित है और यहां जाने के लिए 20 सीढ़ियां हैं। इसी दौरान धक्का-मुक्की हुई और भगदड़ मच गई। उधर, स्वास्थ मंत्री सत्य प्रकाश ने दावा किया कि आज 25 हजार से ज्यादा लोग दर्शन के लिए पहुंच गए थे, जबकि मंदिर की क्षमता इतनी नहीं है।

मंदिर के बारे में नॉलेज, जिसे जानना जरूरी है

श्रीकाकुलम वेंकटेश्वर मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर (श्री विष्णु) की पूजा की जाती है।
श्रीकाकुलम वेंकटेश्वर मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर (श्री विष्णु) की पूजा की जाती है।
  • काशीबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर को 4 महीने पहले अगस्त में दर्शन के लिए खोला गया था। मंदिर 13 एकड़ में फैला। निर्माण में 10 साल लगे।
  • मंदिर के मालिक 95 साल के हरिमुकुंद पांडा हैं।
  • मंदिर की डिजाइन और स्थापत्य कला पूरी तरह तिरुमला श्री वेंकटेश्वर मंदिर से प्रेरित है।
  • निर्माण में पारंपरिक दक्षिण भारतीय मंदिर वास्तुकला का इस्तेमाल किया गया है।
  • प्रवेश और निकास द्वार एक ही है।
  • घटना के समय मंदिर परिसर निर्माणाधीन था।

मंदिरों में भगदड़ की पिछली 3 घटनाएं….

27 जुलाई, 2025- हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भगदड़, 8 की मौत

हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में 27 जुलाई को सुबह 9:15 बजे भगदड़ मच गई थी। इसमें 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हुए। यह मंदिर पहाड़ के ऊपर बना हुआ है और यहां पहुंचने के लिए करीब 800 सीढ़ियां चढ़नी होती हैं।

एक चश्मदीद संतोष कुमार ने बताया था कि मंदिर पहुंचने के लिए करीब 25 सीढ़ियां बची थीं, तभी हादसा हुआ। रविवार को भीड़ बहुत ज्यादा थी। इस बीच कुछ लोग वहां लगे तार को पकड़कर आगे बढ़े। इस दौरान कुछ तार छिल गए और उनमें करंट आ गया। इससे अफरा-तफरी मच गई और सीढ़ियों पर गिरने से लोग मारे गए।

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