अविमुक्तेश्वरानंद बोले-मैं कहीं भाग नहीं रहा हूं, सामना करूंगा:जिन छात्रों के यौन शोषण का आरोप, वह हमारे गुरुकुल के नहीं
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बच्चों से यौन शोषण की FIR होने के बाद प्रयागराज पुलिस ने जांच तेज कर दी है। सोमवार दोपहर पुलिस टीम वाराणसी पहुंची। टीम शंकराचार्य से पूछताछ कर सकती है। जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी कर सकती है।
इधर, सोमवार सुबह शंकराचार्य ने वाराणसी के आश्रम में वकीलों के साथ बैठक की। माना जा रहा कि वे गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं। बैठक के बाद शंकराचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा-मैं कहीं भाग नहीं रहा हूं। पुलिस का सामना करूंगा। जिन छात्रों के यौन शोषण का आरोप लगा है, वे उनके गुरुकुल के नहीं हैं। जनता को यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं है, जहां भाजपा सरकार नहीं है, उस राज्य की पुलिस से जांच कराई जाए।
रविवार को पुलिस शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी के साथ माघ मेला क्षेत्र पहुंची। वहां उस स्थान का निरीक्षण किया गया, जहां शंकराचार्य का शिविर लगा था। पुलिस ने शिविर के आने-जाने के रास्तों और आसपास के इलाके का नक्शा तैयार किया।
दरअसल, 24 जनवरी को आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी। उन्होंने माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों के साथ यौन शोषण के आरोप लगाए थे। इसके बाद 8 फरवरी को उन्होंने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में केस दायर किया।
13 फरवरी को दो बच्चों को कोर्ट में पेश किया। 21 फरवरी को बच्चों के बयान कैमरे के सामने दर्ज किए गए। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR हुई। मामले में अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2–3 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा- शंकराचार्य के ऊपर आरोप लगाना भारतीय जनता पार्टी को बहुत महंगा पड़ेगा। यह पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी के लिए ताबूत की आखिरी कील साबित होगा, क्योंकि वे ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने हमेशा सच बोला है।
निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी प्रकाशानंद महाराज ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन किया। कहा- संत सत्ता के साथ नहीं सत्य के साथ रहता है। उन्होंने शंकराचार्य पर दर्ज FIR पर कहा- पूरे मामले की जांच किसी दूसरे राज्य में हो, जहां बीजेपी की सरकार न हो। क्योंकि यूपी पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगी, ऐसा लगता नहीं है।
