शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई:फैसला सुरक्षित; सरकारी वकील ने कहा- वो बहुत पावरफुल, केस प्रभावित करेंगे
राज्य सरकार के वकीलों ने जमानत का पुरज़ोर विरोध किया। कहा, शंकराचार्य बहुत पावरफुल हैं। जमानत मिल गई तो केस को प्रभावित करेंगे। ये मामला नजीर बन जाएगा। सब सुनवाई के लिए हाईकोट आ जाएंगे।निचली अदालत की कार्रवाई पर असर पड़ेगा। जबकि शांकराचार्य को पहले वहां जाना चाहिए था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा ने अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने जारी आदेश में कहा कि फैसला आने तक गिरफ्तारी नहीं होगी। वही निर्देश दिए कि शंकराचार्य जांच में एजेंसी व पुलिस का सहयोग करें। अग्रिम जमानत की सुनवाई पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, कोर्ट का जो भी फैसला होगा, वह मंजूर होगा। चाहे फैसला कुछ भी हो, विद्यामठ में रंगभरी एकादशी होगी। चुप रहता तो आराम से रहता, लेकिन आत्मा को क्या जवाब देता।
अदालत में शंकराचार्य का पक्ष वकील पी एन मिश्रा ने रखा, जबकि राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल पेश हुए। अब मार्च के तीसरे हफ्ते में केस की सुनवाई होगी।
शंकराचार्य ने बटुकों के यौन उत्पीड़न मामले में 24 फरवरी को अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई थी। गिरफ्तारी पर रोक लगने से शंकराचार्य के मठ में जश्न का माहौल है।
दरअसल, तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने 173 (4) के तहत जिला कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जज (रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट) विनोद कुमार चौरसिया के आदेश के बाद झूंसी थाने की पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बटुकों से कुकर्म की FIR दर्ज की थी।




सुनवाई से पहले शंकराचार्य ने काशी में दैनिक भास्कर से बात की थी। उन्होंने कहा-
सच को सामने लाने के लिए नार्को टेस्ट सहित जो भी हो, वो होना चाहिए। झूठ की उम्र लंबी नहीं होती। सभी प्रमाण पेश किए जाएंगे। फैसला पक्ष में न आने पर उच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) का रुख करेंगे।

इससे पहले, शंकराचार्य के वकील श्रीनाथ त्रिपाठी को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी अजीत कुमार सरोज को पुलिस ने करीब 20 घंटे बाद पकड़ा। आरोपी लॉ का छात्र है। वाराणसी कचहरी में ही प्रैक्टिस करता है। आरोपी ने पूछताछ में बताया- पड़ोसी को फंसाने के लिए यह मैसेज भेजा था।
बता दें कि श्रीनाथ त्रिपाठी को बुधवार देर रात जान से मारने की धमकी मिली थी। उनके मोबाइल पर आए मैसेज में लिखा था- वाराणसी की कचहरी को बम से उड़ा देंगे, तुम्हें भी।
जानिए पूरा मामला
- प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ था। इसके 8 दिन बाद 24 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। इसमें माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण के आरोप लगाए थे।
- पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई।
- FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात आरोपी बनाए गए। 24 फरवरी को शंकराचार्य ने प्रयागराज एडिशनल कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की।
- 26 फरवरी को शंकराचार्य के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट आ गई। पुलिस सूत्रों का दावा है कि बच्चों के साथ कुकर्म की पुष्टि हुई है। इधर, एक पीड़ित बटुक पहली बार मीडिया के सामने आया। ‘आज तक’ को दिए इंटरव्यू में दावा किया- मैं अध्ययन के लिए गया था, तभी मेरा शोषण किया गया।