पंजाब के कबड्डी प्लेयर कुंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलौचारिया की हत्या कराने वाला बंबीहा गैंग का गैंगस्टर डोनी बल कत्ल के बाद पहली बार मीडिया के सामने आया है। उसने दावा किया कि राणा बलाचौरिया कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया के लिए काम कर रहा था। वह हमारे दुश्मनों को फाइंनेंशियली स्ट्रॉन्ग कर रहा था।

इसीलिए उसकी हत्या की गई। उसने दावा किया कि राणा ने क्लब से फिरौती वसूलने के लिए लॉरेंस से धमकी का फोन कराया था। बल ने ये भी कहा कि पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के कत्ल का बदला लेने के लिए उन्होंने 35 लोगों की लिस्ट बनाई है। इन सबका कत्ल किया जाएगा। डोनी बल ने एक यूट्यूब चैनल रितेश लक्खी-अनप्लग्ड के साथ बातचीत में ये बातें कहीं। हालांकि दैनिक भास्कर उसकी बातों और दावों की पुष्टि नहीं करता।

डोनी बल ने कबड्डी प्लेयर मर्डर को लेकर क्या दावे किए
- राणा नए प्लेयरों पर दबाव डालता था: गैंगस्टर डोनी बल ने कहा- राणा बलाचौरिया गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के लिए नए खिलाड़ियों पर दबाव डालता था। वह हमारे दुश्मनों को स्ट्रॉन्ग कर रहा था, इसी वजह से उसकी हत्या की गई। जो हमारे दुश्मन को फाइंनेंशियली स्ट्रॉन्ग करेगा, हम उसे छोड़ेंगे नहीं। राणा हमारा नुकसान कर रहा था, हमने उसका नुकसान किया है और कुछ नहीं है।
- मैसेज लगाया था लेकिन राणा नहीं माना: गैंगस्टर डोनी बल ने कहा- राणा बलाचौरिया को मैसेज लगाया था कि वह कबड्डी खिलाड़ियों को दबाए नहीं, मगर वह मान नहीं रहा था। राणा न तो कबड्डी का प्लेयर था और न ही कोई प्रमोटर, वह तो जग्गू और लारेंस के लिए काम कर रहा था। वह उनके कहने पर प्लेयरों को दबाता था। उसने ढ़ाई माह पहले लारेंस से एक क्लब वाले को फोन करवाया था कि हमारा हिस्सा रख, मेरा आदमी तुमसे पैसे लेकर जाया करेगा।
- पंजाबी सिंगर कनाडा में गोल्डी बराड़ से मिला, फिर मूसेवाला की हत्या हुई: गैंगस्टर डोनी बल ने कहा- सिद्धू मूसेवाला के मर्डर से पहले एक पंजाबी सिंगर कनाडा में गोल्डी बराड़ से मिला था। इस बारे में AAP सरकार को पता था, फिर भी मूसेवाला की सिक्योरिटी कम क्यों कराई गई। मूसेवाला के कथित मैनेजर शगनप्रीत को लेकर बल ने कहा कि वह मेरे साथ पूरे टच में था। वह मेरे साथ फोन पर जानकारी दे रहा था। इसमें लक्की पटियाल का लेना-देना नहीं है। मूसेवाला को मारने वालों के चक्कर में 35 लोग मारने हैं, बेकसूर को नहीं मारेंगे।
- पुलिस जिसे मास्टरमाइंड बता रही, वह सिर्फ दोस्त: गैंगस्टर डोनी बल ने कहा- जिस एशप्रीत को मोहाली पुलिस ने कत्ल का मास्टरमाइंड बताकर अरेस्ट किया, वह मेरा दोस्त है लेकिन उसने कभी मेरे लिए काम नहीं किया। जिस हरपिंदर को कल (17 दिसंबर) एनकाउंटर में मारा गया, उसका नाम तो मैंने आज ही सुना। उसका नाम इसमें डाला गया और मार दिया गया। अगर हम क्राइम कर रहे हैं तो पुलिस क्या कर रही है।
- जग्गू भगवानपुरिया को रेडबुल किसने पिलाई: गैंगस्टर डोनी बल ने कहा कि AAP सरकार कहती है कि गैंगस्टर दूसरी सरकारों ने पैदा किए, हम इसे खत्म कर रहे हैं। फिर जग्गू भगवानपुरिया को बटाला उपचुनाव के लिए रिमांड पर क्यों लाया गया। उसे रेड बुल क्यों पिलाई गई। तरनतारन उपचुनाव के बाद उसे वापस क्यों छोड़ा गया। कोई रिमांड क्यों नहीं लिया गया। उसके लिए जेल में पिज्जा और KFC आइटम आते हैं।
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गैंगस्टर के इन दावों पर पुलिस ने क्या कहा था…
कबड्डी में वर्चस्व के लिए की हत्या: मोहाली के SSP हरमनदीप हंस ने कहा था कि यह हत्या सिर्फ कबड्डी में वर्चस्व के लिए हुई है ताकि गैंगस्टर इस पर अपना डोमिनेंस रख सकें। इसके अलावा राणा की हत्या की कोई दूसरी वजह नहीं है। SSP ने राणा के जग्गू भगवानपुरिया से लिंक होने के शक के बारे में जरूर बात की थी। हालांकि इसे कन्फर्म नहीं किया था।
मूसेवाला का नाम जस्टिफाई करने के लिए: मोहाली के SSP हरमनदीप हंस ने कहा था कि सिद्धू मूसेवाला के कत्ल का बदला लेने जैसी कोई बात नहीं है। यह सिर्फ कत्ल को जस्टिफाई और सेंशेनलाइज करने के लिए कहा गया। पुलिस की जांच में ऐसे कोई सबूत नहीं मिले। शगनप्रीत को लेकर भी एसएसपी ने स्पष्ट तौर पर नहीं कहा था कि उसकी राणा की हत्या में कोई भूमिका है।
एशप्रीत मास्टरमाइंड, हरपिंदर ने ग्राउंड सपोर्ट दिया: जिस एशप्रीत को गैंगस्टर डोनी बल ने बेगुनाह बताया, उसको लेकर मोहाली के SSP हरमनदीप हंस ने कहा था कि उसी ने राणा की हत्या की साजिश रची। फिर 25 नवंबर को भारत आया। यहां आकर पूरी साजिश को अंजाम दिया। इसके बाद 14 तारीख को अपनी मस्कट की टिकट करवा ली और 15 को कत्ल के बाद 16 दिसंबर को देश छोड़कर जा रहा था। उसे दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा। जिस हरपिंदर को डोनी बल ने बेगुनाह बताया, उसके बारे में SSP ने कहा था कि उसने राणा की हत्या में ग्राउंड सपोर्ट उपलब्ध कराया।
हरपिंदर को मुठभेड़ में ढेर करने के बाद मोहाली SSP हरमनदीप हंस ने पूरे हत्याकांड व उसकी जांच को लेकर जानकारी दी थी। फोटो 17 दिसंबर की है।पिता ने कहा था- किसी गैंग से कोई मतलब नहीं राणा बलाचौरिया के पिता संजीव ने भी मीडिया से बातचीत में कहा था कि उनके बेटे का किसी गैंग से कोई संबंध नहीं था। ऐसी कोई बात न उन्होंने कभी सुनी और न ही कभी ऐसा कुछ सामने आया। उनका बेटा कबड्डी प्लेयर व प्रमोटर था। उसको कोई धमकी मिली हो, इसके बारे में भी हमें कोई पता नहीं था।

