एमपी की भोजशाला में पूजा और नमाज साथ-साथ:वाग्देवी का हवन चलता रहा, वॉलेंटियर जैकेट में की खुदा की इबादत; 8 हजार जवानों ने संभाली सुरक्षा
मध्य प्रदेश में धार की भोजशाला में बसंत पंचमी पर मां वाग्देवी की पूजा और जुमे की नमाज साथ-साथ कराई गईं। शुक्रवार सुबह 6 बजे सूर्योदय के साथ ही हिंदू समाज ने सरस्वती पूजन शुरू कर दिया, जो सूर्यास्त तक चला। वहीं, दोपहर में 1 से 3 बजे तक भोजशाला परिसर में ही मुस्लिम समाज ने नमाज अदा की।
इस मौके पर किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी मुस्तैदी बरती। भोजशाला परिसर को 6 सेक्टर जबकि शहर को 7 जोन में बांटा गया था। स्थानीय पुलिस, सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के 8 हजार से ज्यादा जवान शहरभर में तैनात रहे। ड्रोन और एआई की मदद से कोने-कोने पर नजर रखी गई।
नमाज को लेकर अलग-अलग दावे हालांकि, नमाज पढ़ने को लेकर दो दावे सामने आए। जिला प्रशासन ने भोजशाला में ही मुस्लिम लोगों के शांतिपूर्वक नमाज अदा करने की बात कही। वहीं, गुलमोहर कॉलोनी के रहवासियों ने कहा कि डिप्टी कलेक्टर रोशनी पाटीदार, डीएसपी आनंद तिवारी ने उन्हें और उनके साथियों को 16 घंटे तक कमाल मौला मस्जिद में रोककर रखा, लेकिन उनसे नमाज नहीं पढ़वाई गई। पीछे की तरफ कुछ लोगों से नमाज पढ़वाकर वीडियो बना लिया गया।
इससे अलग, कुछ लोगों के नमाज पढ़ने की तैयारी करते हुए कमाल मौला मस्जिद के भीतर जाने का वीडियो भी सामने आया। इसमें नमाजी पीले रंग की वॉलेंटियर जैकेट पहने दिखे। एक अन्य वीडियो में लोग नमाज पढ़ने के बाद लौटते नजर आए।
देखिए, भोजशाला में पूजा-हवन की तस्वीरें…









मध्य प्रदेश के धार स्थित विवादित धार्मिक स्थल भोजशाला में बसंत पंचमी पर शुक्रवार को विशेष व्यवस्था की गई है। सूर्योदय के साथ हिंदू पक्ष ने पूजा शुरू की, जबकि दोपहर 1 से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा की जाएगी। आमतौर पर बसंत पंचमी पर पूजा और जुमे के दिन नमाज की ही अनुमति रहती है, लेकिन जब दोनों एक ही दिन पड़ते हैं तो तनाव की स्थिति बनती है।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के 8000 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं। इलाके की निगरानी ड्रोन और AI तकनीक से की जा रही है।
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि हिंदू पक्ष सूर्योदय से दोपहर 1 बजे तक और 3 बजे से सूर्यास्त तक पूजा करेगा। दोपहर 1 से 3 बजे तक परिसर खाली रहेगा। इस दौरान जुमे की नमाज होगी। कोर्ट ने शांति और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
https://x.com/i/status/2014541803098407081
https://x.com/i/status/2014543185717166258
भोजशाला परिसर का 300 मीटर क्षेत्र नो-फ्लाई जोन
भोजशाला क्षेत्र के 300 मीटर के दायरे में नो-फ्लाई जोन घोषित है। इस दायरे में ड्रोन, यूएवी, पैरा ग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून सहित ऐसी किसी भी गतिविधि पर पूरी तरह पाबंदी है। सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर भवन निर्माण सामग्री, मलबा, टायर और लावारिस गुमटियां रखने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
https://x.com/i/status/2014549805939491089
दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग जगह उपलब्ध कराने के आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा- इस बार बसंत पंचमी शुक्रवार को है। ऐसे में प्रशासन को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। हमने याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद, भारत सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज और मध्य प्रदेश राज्य की ओर से महाधिवक्ता को सुना। केएम नटराज ने ASI की ओर से भी पक्ष रखा। इसी प्रकार, आवेदक की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन की दलीलें भी सुनी गईं।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) और महाधिवक्ता ने सुझाव दिया कि जब यह स्पष्ट हो जाए कि शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच जुमे की नमाज के लिए मुस्लिम समुदाय से कितने लोग आने वाले हैं, तो उसी परिसर के भीतर एक अलग और विशिष्ट स्थान उपलब्ध कराया जाए, ताकि निर्धारित समय में नमाज अदा की जा सके। इसी प्रकार पूर्व प्रथा के अनुसार, बसंत पंचमी के अवसर पर पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान करने हेतु हिंदू समुदाय को भी अलग स्थान उपलब्ध कराया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की 20 जनवरी को लगाई गई उस याचिका पर दिया, जिसमें भोजशाला में 23 जनवरी को बसंत पंचमी पर पूरे दिन अखंड सरस्वती पूजा की अनुमति मांगी गई थी।
https://x.com/i/status/2014540426494280140