बिगड़े हालातों पर भाजपा की चिंता:पंजाब DGP से मिले भाजपाई; कहा- धक्केशाही के विरोध में करेंगे रैली, अप्रिय घटना के लिए पुलिस जिम्मेदार
भाजपा के वरिष्ठ नेता मदन मोहन मित्तल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। जब पहले हिंदु सिख के भाईचारे को आतंकवाद ने नहीं टूटने दिया, वो आप अब तोड़ना चाहते हैं?हम उस भाईचारे को मजबूत कर सभी लोगों को कहेंगे कि पंजाब पुलिस कुछ नहीं करती, कैप्टन की सरकार कुछ नहीं करती।
चंडीगढ़। भारतीय जनता पार्टी पंजाब के शिष्ट-मंडल ने सोमवार को वरिष्ठ नेता मदन मोहन मित्तल की अध्यक्षता में पंजाब में बिगड़ चुकी कानून-व्यवस्था को लेकर DGP पंजाब दिनकर गुप्ता से मुलाकात की। इसके बाद मित्तल मीडिया से रूबरू हुए और बोले कि एक महीने से अधिक का समय हो गया है और लगातार पंजाब में कानून व्यवस्था बिगड़ रही है।
वे बोले,हमने DGP पंजाब से कहा है कि भाजपा के जिन नेताओं के घरों के आगे धरने लगे हैं, आप उनमें से एक नहीं उठवा पाए। हमने DGP से कहा है कि हम उन वर्कर्स के घरों में जाकर उनका हालचाल पूछेंगे। पूरे पंजाब में रैली करेंगे। अगर इस दौरान कोई अप्रिय घटना होगी तो उसके लिए पंजाब पुलिस जिम्मेदार होगी।
मित्तल ने आगे बताया कि हम इसके लिए कार्यालय में बैठक कर डिटेल कार्यक्रम बनाएंगे। पंजाब की गलियों में उतरकर वर्कर्स का हौसला बढ़ाएंगे और पंजाब की शांति की मांग करेंगे। हम जनता से कहेंगे कि आपका साथ देंगे, आपके लिए लड़ेंगे-मरेंगे और जो कार्रवाई करने की जरूरत होगी करेंगे। बेरोजगारी, भ्रष्टाचार दूर करेंगे। जनता को विश्वास देना चाहते हैं कि हम आपके साथ खड़ेंगे।
हमने पहले पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। जब पहले हिंदु सिख के भाईचारे को आतंकवाद ने नहीं टूटने दिया, वो आप अब तोड़ना चाहते हैं? हम उस भाईचारे को मजबूत कर सभी लोगों को कहेंगे कि पंजाब पुलिस कुछ नहीं करती, कैप्टन की सरकार कुछ नहीं करती।
इसके बाद मित्तल ने कांग्रेस MP रवनीत बिट्टू पर प्रहार करते हुए कहा कि हमें उनके बयान को गंभीरता से लेना चाहिए जिसमें उन्होंने कहा कि लाशों के ढेर बिछा देंगे। कांग्रेस विधायक गुरकीरत कोटली ने बयान दिया है कि ट्रॉलियां हम भेज रहे हैं और एजिटेशन करवा रहे हैं। कैप्टन सरकार ही इन सब को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने आगे कहा कि इन सब के बारे में DGP से बात करने पर वह संतुष्ट नहीं हैं।
DGP कांग्रेस की भाषा बोल रहा है अपनी संवैधानिक ड्यूटी नहीं दे रहा है। जिन नेताओं के घरों के सामने धरना दिया जा रहा है, पुलिस ये कह रही है कि हमने उन्हें अपने दो सिपाही दे दिए हैं। पर दो आदमी दे देना कुछ नहीं होता, ये सुरक्षा की गारंटी नहीं। हम तो ये कहते हैं कि जब तक आप धरने पर बैठे लोगों को नहीं उठाएंगे तो हम समझेंगे कि आप भी उनके साथ मिले हुए हैं। रहने, जीने का जो संवैधानिक राइट है, उसकी एन्क्रोचमेंट हो रखी है। उसपर कानून बेहद क्लियर है और उसपर कार्रवाई करनी चाहिए।