रिश्वत मामले में पकड़े पंजाब के पूर्व DIG हरचरण सिंह भुल्लर को CBI ने 5 दिन की रिमांड पर लिया है। शनिवार को सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ CBI कोर्ट ने इसकी मंजूरी दी। शुक्रवार को CBI की तरफ से पूर्व DIG को रिमांड पर लेने के लिए अर्जी दायर की गई थी।
भुल्लर के वकील एचएस धनोहा और आरपीएस बारा ने इसका विरोध किया। लेकिन सीबीआई ने तर्क देते हुए कहा कि उन्हें और सबूत इकट्ठा करने हैं।

उधर, शनिवार सुबह ही विजिलेंस ने भी आय से अधिक संपत्ति मामले में भुल्लर को प्रोडक्शन वारंट पर लेने के लिए मोहाली कोर्ट में याचिका लगाई। विजिलेंस ने तर्क दिया कि भुल्लर जांच में सहयोग नहीं कर रहे, इसलिए रिमांड चाहिए। याचिका पर कोर्ट में सुनवाई हुई।
इस दौरान CBI के वकील ने कहा कि विजिलेंस ने सिर्फ आए से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है। प्रॉपर्टी की जांच करने के लिए रिमांड क्या करना, वो जब चाहे जेल में आकर पूछताछ कर सकती है। इस पर कोर्ट ने कहा कि 3 नवंबर को विस्तार से जवाब दीजिए। विजिलेंस ने 29 अक्टूबर को केस दर्ज किया था।
चंडीगढ़ कोर्ट में पेशी के दौरान भुल्लर की बेटी भी मौजूद रही। कोर्ट से बाहर निकलते समय भुल्लर ने बेटी को गले लगाया और कुछ देर बात की। इसके बाद उन्हें नीचे कोर्ट के बक्शी खाने में ले जाया गया।

CBI कोर्ट में वकीलों ने क्या दलीलें दीं…
- भुल्लर के मोबाइल चैट में अहम सुराग मिले: CBI ने कोर्ट में डीआईजी भुल्लर के मोबाइल से मिले अहम सबूतों का जिक्र किया। CBI वकील नरेंद्र सिंह ने बताया कि फोन चैट में कई अहम बातें सामने आई हैं। चैट से रिश्वतखोरी के एक पैटर्न का संकेत मिल रहा है।
- इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छिपाए, बरामद करना जरूरी: नरेंद्र सिंह ने कहा कि कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छिपाए हैं, जिन्हें बरामद करना जरूरी है, साथ ही पैसे के ट्रेल की जांच भी बाकी है। वहीं, भुल्लर के वकील ने कहा कि सीबीआई ने भुल्लर को प्रोडक्शन वारंट पर लेने से पहले कोई नोटिस नहीं दिया।
- रिश्वत केस में नोटिस की जरूरत नहीं: इस पर CBI वकील ने जवाब में कहा कि यह रिश्वत का मामला है और कई धाराओं के तहत दर्ज है, ऐसे में नोटिस देने की जरूरत नहीं होती। पूर्व DIG के वकील ने यह भी कहा कि भुल्लर को मोहाली कोर्ट में पेश किया जाना था, लेकिन सीबीआई ने बीच में ही एप्लिकेशन दाखिल कर दी।
- बिचौलिए से मिले सुरागों पर मांगी भुल्लर की रिमांड: इस पर CBI के वकील ने बताया कि बिचौलिए कृष्नु की रिमांड के दौरान कुछ अहम सबूत मिले हैं, इसलिए भुल्लर का रिमांड लेना जरूरी है ताकि जांच आगे बढ़ाई जा सके। पूर्व DIG और बिचौलिए कृष्नु से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करनी है। कृष्नु पहले से सीबीआई हिरासत में है।
CBI ने 3 दिन पहले केस दर्ज किया था CBI ने भुल्लर पर 29 अक्टूबर को आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया था। शिकायत में लिखा भुल्लर ने अज्ञात व्यक्तियों से मिलीभगत कर अपनी आय से अधिक संपत्ति जुटाई। वह अपने सोर्सों से अधिक संपत्ति का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके।
CBI की शिकायत में 5 खुलासे…
- रिश्वत मामले में भुल्लर और बिचौलिए को दबोचा: मंडी गोबिंदगढ़ के कारोबारी आकाश बत्ता की 11 अक्टूबर की शिकायत और 15 अक्टूबर की वेरिफिकेशन रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज किया गया। ट्रैप के दौरान बिचौलिए कृष्नु को 5 लाख रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा। बाद में भुल्लर और बिचौलिया रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया।
- 7.36 करोड़ कैश, गहने और 26 महंगी घड़ियां बरामद: शिकायत में आगे लिखा- 16 और 17 अक्टूबर को हरचरण सिंह भुल्लर के घर (मकान नंबर 1489, सेक्टर 40-बी, चंडीगढ़) पर तलाशी ली गई। इस दौरान 7 करोड़ 36 लाख 90 हजार रुपए कैश मिला। उनके बेडरूम से 2 करोड़ 32 लाख रुपए के सोने-चांदी के गहने और 26 महंगी ब्रांडेड घड़ियां मिलीं।
- 150 एकड़ जमीन और 5 लग्जरी गाड़ियां मिलीं: घर से कई प्रॉपर्टियों के कागज भी मिले। जिनमें चंडीगढ़ के 2 घरों (सेक्टर 40-बी और सेक्टर 39) और मोहाली, होशियारपुर व लुधियाना में लगभग 150 एकड़ जमीन के दस्तावेज शामिल हैं। ये प्रॉपर्टियां हरचरण सिंह, उनकी पत्नी तेजिंदर कौर, बेटे गुरप्रताप सिंह, बेटी तेजकिरण कौर और अन्य के नाम पर हैं। मर्सिडीज, ऑडी, इनोवा और फॉर्च्यूनर जैसी 5 महंगी गाड़ियां भी मिलीं।
- भुल्लर परिवार के 5 बैंक अकाउंट और 2 एफडी: भुल्लर और उनके परिवार के नाम पर 5 बैंक खाते और 2 एफडी मिलीं। HDFC बैंक में उनके सैलरी अकाउंट में अगस्त और सितंबर महीने में 4,74,140 सैलरी जमा हुई। टैक्स रिटर्न (वित्त वर्ष 2024-25) के अनुसार, उनकी कुल घोषित आय 45,95,990 थी, जिस पर 13,82,270 टैक्स देने के बाद उनकी सालाना आय लगभग 32 लाख रही।
- दो महीने में भुल्लर ने जुटाई अवैध संपत्ति: CBI ने बताया कि यह संपत्ति उनकी घोषित आय से कहीं अधिक है। इससे स्पष्ट है कि 1 अगस्त से 17 अक्टूबर के बीच हरचरण सिंह भुल्लर ने अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर अपनी आय से अधिक संपत्ति जुटाई और अवैध रूप से खुद को समृद्ध किया।
