बांग्लादेश हाई कमीशन ने भारत में वीजा सर्विस रोकी:सुरक्षा का हवाला दिया; कहा- हादी हत्याकांड के आरोपी के भारत भागने की जानकारी नहीं

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बांग्लादेश हाई कमीशन ने भारत में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने सभी वीजा और काउंसलर सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह रोक अगले आदेश तक लागू रहेगी। इससे पहले अगरतला में बांग्लादेश कॉन्सुलेट भी वीजा सर्विस पर रोक लगा चुका है। यह फैसला शनिवार को हाई कमीशन के बाहर हुए प्रदर्शन के बाद लिया गया।

दूसरी तरफ बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने भी यह साफ किया कि इस बात की कोई पुख्ता जानकारी नहीं है कि छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के आरोपी ने भारत में शरण ली है।

गृह मंत्रालय के IG रफीकुल इस्लाम ने बताया कि मुख्य आरोपी फैसल करीम मसूद के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हादी की मौत के बाद आरोपी के भारत में शरण लेने का दावा किया जा रहा था।

हादी को 12 दिसंबर को गोली मारी गई थी, 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई थी
हादी को 12 दिसंबर को गोली मारी गई थी, 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई थी

कल भारत ने भी चटगांव में वीजा सर्विस रोकी थी

रविवार को भारत ने सुरक्षा हालात को देखते हुए चटगांव स्थित अपने असिस्टेंट हाई कमीशन में वीजा सर्विसेज को बंद कर दिया था। यह फैसला भारत विरोधी प्रदर्शनों के बाद लिया गया था।

चटगांव में भीड़ ने गुरुवार को भारतीय असिस्टेंट हाई कमिश्नर के आवास के पास पहुंच गई और पथराव भी किया। इसके अलावा खुलना, राजशाही और ढाका में भी भारतीय दफ्तरों के बाहर बड़े पैमाने पर भारत विरोधी नारे लगाए गए थे।

भारतीय वीजा आवेदन सेंटर ने कहा है कि 21 दिसंबर से अगली सूचना तक वहां वीजा का काम नहीं होगा।
भारतीय वीजा आवेदन सेंटर ने कहा है कि 21 दिसंबर से अगली सूचना तक वहां वीजा का काम नहीं होगा।

2 दिन पहले बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर प्रदर्शन हुआ

बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या के विरोध में शनिवार रात को दिल्ली में बांग्लादेश हाई-कमीशन के बाहर प्रदर्शन हुआ था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ किया कि यह प्रदर्शन बेहद छोटा और शांतिपूर्ण था। इससे बांग्लादेश उच्चायोग की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं था।

उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर बांग्लादेश के कुछ मीडिया संस्थानों में भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। हकीकत यह है कि प्रदर्शन में सिर्फ 20 से 25 युवा शामिल थे।

बांग्लादेश ने भारत के इस बयान को खारिज करते हुए कहा है कि स्थिति इससे कहीं ज्यादा गंभीर थी। ढाका ने कहा कि इस घटना को भ्रामक प्रचार कहना ठीक नहीं है।

बांग्लादेश बोला- भारत ने मामले को हल्का बताया

बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार एम. तौहीद हुसैन ने रविवार को कहा कि भारत ने इस घटना को जरूरत से ज्यादा हल्का बनाकर पेश किया है।

उन्होंने सवाल उठाया कि 25–30 लोगों का समूह इतने सुरक्षित कूटनीतिक क्षेत्र तक कैसे पहुंच गया। उनका कहना था कि सामान्य परिस्थितियों में ऐसा संभव नहीं होना चाहिए था, जब तक कि उन्हें वहां तक पहुंचने की अनुमति न दी गई हो।

तौहीद हुसैन ने यह भी कहा कि प्रदर्शन में सिर्फ हत्या के विरोध तक ही सीमित नारे नहीं लगे, बल्कि अन्य बयान भी दिए गए। उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेशी मीडिया में छपी खबरें भ्रामक नहीं थीं और काफी हद तक सही थीं।

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