पाल की पहली महिला पीएम बनीं सुशीला कार्की:राष्ट्रपति ने शपथ दिलाई; कैबिनेट में कोई Gen-Z नेता नहीं
सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला अंतरिम पीएम बन गई हैं। उन्हें राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में शपथ दिलाई। इस कैबिनेट में Gen-Z प्रदर्शनकारियों का कोई भी नेता शामिल नहीं है।
सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस भी रह चुकीं हैं। उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया था। यह कैबिनेट आज रात ही पहली बैठक करेगी।
सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस रह चुकी हैं। उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया था। उधर, नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संसद भंग कर दी है। Gen-Z नेता संसद को भंग करने की मांग पर अड़े थे।
दूसरी तरफ, नेपाल में सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान भारतीय पत्रकारों के साथ मारपीट और बदसलूकी की कई घटनाएं सामने आई हैं। आज भी दो भारतीय पत्रकारों के साथ बदसलूकी और मारपीट की गई।
नेपाल में 9 सितंबर को Gen-Z आंदोलनकारियों ने तख्ता पलट किया था। संसद, राष्ट्रपति भवन और पीएम ओली के निजी आवासों को आग लगा दी थी। इस हिंसा में अब तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है। 1000 से ज्यादा लोग जख्मी हैं।
नेपाल से जुड़े शुक्रवार के 10 बड़े अपडेट्स
- सुशीला कार्की अंतरिम पीएम बनेंगी, कुछ देर में शपथ ग्रहण; उन्हें मेयर बालेन शाह का समर्थन भी मिला है।
- भारतीय पत्रकारों के साथ पहचान पूछकर मारपीट की गई। कुछ लोगों ने गलत रिपोर्टिंग का आरोप लगाया है।
- आज सेना और Gen-Z के बीच बैठक का दूसरा दौर, जिसमें अंतरिम सरकार और संसद भंग करने पर चर्चा हुई।
- काठमांडू में हालात सामान्य होने लगे हैं। सेना गश्त कर रही है, दुकानें खुलीं और मलबा साफ किया जा रहा है।
- भारत ने विशेष उड़ानों से नागरिकों को निकालना शुरू; आंध्र प्रदेश के 140 लोग सुरक्षित लौटे।
- कई भारतीय सोनौली और पानीटंकी जैसे बॉर्डर से भी वापस आ रहे हैं।
- दिल्ली-काठमांडू बस नेपाल में फंसी है, वहीं अयोध्या के 8 यात्री हिलसा में अटके हैं।
- भारतीय वॉलीबॉल टीम को भारतीय दूतावास ने बचाया; मेंबर उपासना गिल की वीडियो अपील वायरल हुई थी।
- एसएसबी ने नेपाल की जेल से भागे 67 कैदियों को भारत में घुसने से पकड़ा।
- गाजियाबाद की राजेश गोला की होटल आगजनी में मौत, होटल कारोबार 50% गिरा, जरूरी सामान महंगे हुए।
Gen-Z प्रदर्शनकारी नेपाल कैबिनेट में शामिल नहीं होंगे
नेपाल की जेन-Z कोर कमेटी के सदस्यों ने कहा है कि वे सुशीला कार्की के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे, लेकिन कैबिनेट में कोई पद नहीं लेंगे। इसके बजाय, वे अंतरिम सरकार के कामकाज की निगरानी करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुशीला कार्की के साथ कुलमान घीसिंग, ओम प्रकाश अर्याल और बालानंद शर्मा भी शपथ लेंगे।

केपी ओली की पार्टी ने संसद भंग करने का विरोध किया
नेपाल में संसद भंग करने के फैसले का राजनीतिक दलों ने विरोध शुरू कर दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल के महासचिव शंकर पोखरेल ने इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
पोखरेल ने देशवासियों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों से इस फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरने की अपील की है।
राष्ट्रपति भवन के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सुशीला कार्की के शपथ ग्रहण से पहले नेपाल के राष्ट्रपति भवन शीतल निवास के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। बड़ी संख्या में सेना के जवान भवन के सामने मौजूद हैं।
- नेपाल में अंतरिम कैबिनेट की पहली बैठक आज रात
सुशीला कार्की के शपथ ग्रहण के बाद नेपाल में अंतरिम कैबिनेट आज रात ही पहली बैठक करेगी। इस दौरान सरकार जरूरी कामकाज से जुड़ी नीतियों पर कुछ बड़े फैसले ले सकती है।
- राष्ट्रपति भवन में होगा सुशीला कार्की का शपथ ग्रहण
सुशीला कार्की का शपथ ग्रहण नेपाल के राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में होगा। नेपाल के 2015 के संविधान के मुताबिक, प्रधानमंत्री, उप-प्रधानमंत्री और मंत्रियों को पदभार ग्रहण करने से पहले राष्ट्रपति के सामने शीतल निवास में शपथ ग्रहण करना होता है। बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने इस भवन में आग लगा दी थी।
- घीसिंग, आर्यल और बालानंद शर्मा मंत्री बन सकते हैं
सुशीला कार्की के साथ, कुलमन घीसिंग, ओम प्रकाश आर्यल और बालानंद शर्मा भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
- सुशीला कार्की ने BHU से पढ़ाई की है
नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस रहीं सुशीला कार्की आज नेपाल की अंतरिम पीएम बनेंगी। उनके नाम पर सहमति बन गई है। काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने उनका समर्थन किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुशीला कार्की ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से राजनीति शास्त्र में मास्टर्स किया है। उन्होंने 1979 में वकालत में अपना करियर शुरू किया था।
सुशीला कार्की 11 जुलाई 2016 से 6 जून 2017 तक नेपाल की मुख्य न्यायाधीश थीं। 2017 में उनके खिलाफ महाभियोग लाया गया था। सुशीला कार्की पर पूर्वाग्रह और कार्यपालिका में हस्तक्षेप का आरोप लगा था।
- कांतिपुर टेलीविजन ने आगजनी के बाद ब्रॉडकास्टिंग फिर शुरू की
नेपाल के प्रमुख समाचार चैनल कांतिपुर टेलीविजन ने आज दोपहर 4 बजे से अपनी रेगुलर ब्रॉडकास्टिंग फिर से शुरू कर दी है। त्रिपुरेश्वर में स्थित इस टीवी स्टेशन को हाल ही में हिंसक आंदोलन के दौरान हुई आगजनी के कारण बंद करना पड़ा था। इस हमले में चैनल के स्टूडियो को नुकसान पहुंचा था।

- पूर्व राष्ट्रपति बोले- जेन-Z की मांगें मौजूदा संविधान से पूरी हो सकती हैं
नेपाल के पहले राष्ट्रपति राम बरन यादव ने कहा है कि आंदोलनकारियों की मांगें देश के मौजूदा संविधान के दायरे में रहकर पूरे किए जा सकते हैं।
पूर्व राष्ट्रपति ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि हर नागरिक की जान-माल की सुरक्षा और देश को व्यवस्था व अच्छे शासन की ओर ले जाने में अब और देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा- मेरा मानना है कि जेन-Z की आकांक्षाएं नेपाल के 2015 के संविधान को ठीक ढंग से लागू करके हासिल किए जा सकते हैं। यह संविधान लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई संविधान सभा ने सात दशकों के सपनों और सैकड़ों शहीदों के बलिदान के बाद बनाया था।
बता दें कि जेन-Z आंदोलनकारियों ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा था कि संसद को भंग किया जाए और संविधान को लोगों की इच्छा के मुताबिक बदला जाए।
- 48 घंटे बाद भी अंतरिम प्रधानमंत्री का नाम तय नहीं
केपी शर्मा ओली के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे को 48 घंटे हो गए हैं, लेकिन अभी तक अंतरिम प्रधानमंत्री तय नहीं हो सका है। इसपर बातचीत आज सुबह 9 बजे फिर से शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि सुशीला कार्की का अंतरिम पीएम बनना लगभग तय है।
इससे पहले कल दिनभर चली चर्चा किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। भास्कर सूत्रों के मुताबिक, भले ही सुशीला कार्की को अंतरिम पीएम बनाने पर लगभग सहमति बन गई है, लेकिन मौजूदा संसद को भंग करने या न करने पर चर्चा रुकी हुई है।
बातचीत में भाग लेने वाले एक अधिकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति पौडेल संसद भंग करने को तैयार नहीं है। हालांकि कार्की ने तर्क दिया है कि पहले संसद को भंग किया जाना चाहिए क्योंकि संविधान के अनुसार संसद कायम रहते हुए किसी गैर-सांसद (जो संसद का सदस्य न हो) को प्रधानमंत्री नहीं बनाया जा सकता।
- नेपाल में रिपोर्टिंग कर रहे भारतीय पत्रकारों के साथ मारपीट
नेपाल में रिपोर्टिंग कर रहे भारतीय पत्रकारों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं। शुक्रवार को दो भारतीय पत्रकारों के साथ बदसलूकी की गई। एक प्रदर्शनकारी ने रिपब्लिक न्यूज चैनल के पत्रकार को रिपोर्टिंग करते वक्त थप्पड़ मारा।
वहीं न्यूज एजेंसी IANS के कैमरापर्सन के साथ बदसलूकी की गई। इससे पहले भी इस आंदोलन के दौरान भारतीय पत्रकारों के साथ बदतमीजी की घटनाएं सामने आई हैं।
गुरुवार को एक महिला पत्रकार के साथ भी सरेआम बदतमीजी की गई थी। उन्हें रिपोर्टिंग करने से रोक दिया गया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भारतीय मीडिया उनके आंदोलन को गलत तरीके से पेश कर रहा है।

- अंतरिम सरकार न बनने पर इमरजेंसी लगाने की तैयारी
नेपाल में Gen-Z आंदोलन की मांगों पर अंतरिम सरकार बनाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन सहमति न बनने की स्थिति में आपातकाल लगाने की तैयारी भी की जा रही है।
राष्ट्रपति कार्यालय सूत्रों के मुताबिक, अगर नई सरकार गठन पर तुरंत कोई हल नहीं निकला तो सेना ने आपातकाल लागू करने का प्रस्ताव रखा है।
शीतल निवास का कहना है कि राष्ट्रपति प्रयास कर रहे हैं ताकि आपातकाल टल सके और समाधान संविधान के दायरे में निकले।
विरोध प्रदर्शन के 5वें दिन 17 मौतों की पुष्टि हुई। इनमें गाजियाबाद की रहने वाली एक भारतीय महिला भी शामिल है।
- Gen-Z लीडर को राष्ट्रपति से मिलने से रोका गया
Gen-Z लीडर और NGO हमी नेपाल के प्रमुख सुडान गुरुंग ने दावा किया है कि वे राष्ट्रपति भवन में 9 घंटे से ज्यादा इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें राष्ट्रपति से मिलने नहीं दिया जा रहा।
गुरुंग ने किसी सलाहकार से मिलने से इनकार कर दिया है और राष्ट्रपति से सीधे बात करने पर अड़े हुए हैं। राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल कानूनी सलाहकारों के साथ व्यस्त हैं।
- सिंह दरबार में नया पीएम ऑफिस तैयार
नेपाल के सिंह दरबार में नया पीएम ऑफिस तैयार कर दिया गया है। यह ऑफिस होम मिनिस्ट्री के लिए बनाई गई बिल्डिंग में तैयार किया गया। दो दिन पहले प्रदर्शनकारियों ने सिंह दरबार कॉम्पलेक्स की मुख्य बिल्डिंग में आग लगा दी थी, इस वजह से नया ऑफिस होम मिनिस्ट्री की बिल्डिंग में बनाया गया।




- नेपाल में होटल इंडस्ट्री को 16 अरब रुपए का नुकसान
नेपाल में हिंसक आंदोलन की वजह से होटल इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में करीब 20-25 होटलों को तोड़ा गया, लूटा गया या आग लगा दी गई। इससे होटल इंडस्ट्री को 25 अरब नेपाली रुपए (16 अरब भारतीय रुपए) से ज्यादा का नुकसान हुआ।
खासकर काठमांडू के हिल्टन जैसे बड़े होटल को निशाना बनाया गया, जो हाल ही में खुला था। नेपाल की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर बहुत निर्भर है। इन प्रदर्शनों में 51 लोग मारे गए और 1500 से ज्यादा घायल हुए हैं।
- भारत-नेपाल सीमा पर आवाजाही शुरू
नेपाल के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू में ढील मिलने के बाद भारत-नेपाल की खुली सीमा के कई चेक पॉइंट्स से लोगों की आवाजाही शुरू हो गई है।
अधिकारियों ने बताया कि सीमा पर सतर्कता बढ़ाई गई है और संकटग्रस्त लोगों की मदद के लिए सशस्त्र सीमा बल ने हेल्प डेस्क भी शुरू किया है।
- दो लोग कई मोबाइल फोन और विदेशी नोटों के साथ गिरफ्तार
काठमांडू के महाराजगंज क्षेत्र में सेना ने दो लोगों को कई मोबाइल फोन और विदेशी नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया है।
इसके अलावा धादिंग जिले की गजुरी जेल से भागे 43 कैदियों को भी फिर से पकड़ लिया गया।
अब तक देशभर से 135 हथियार बरामद किए गए हैं।
- 51 मृतकों में से 30 की मौत गोली लगने से हुई
नेपाल स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि अब तक मारे गए 51 लोगों में से 30 की जान गोली लगने से गई है।
बाकी 21 की मौत जलने, घाव और अन्य चोटों से हुई। मरने वालों में पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
- मानवाधिकार आयोग बोला- संविधान के आधार पर संकट का समाधान निकालें
नेपाल मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने कहा है कि मौजूदा राजनीतिक संकट का हल केवल संविधान, कानून और मानवाधिकार सिद्धांतों के दायरे में ही निकाला जाना चाहिए।
आयोग ने भरोसा जताया है कि राष्ट्रपति ने लोकतंत्र और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सही कदम उठाएंगे।
- Gen-Z प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रपति आवास की सुरक्षा बढ़ी
Gen-Z प्रदर्शनों के बाद नेपाल के राष्ट्रपति आवास शीतल निवास में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। राष्ट्रपति कार्यालय के सामने नेपाली सेना की मौजूदगी बढ़ा दी गई है और संभावित खतरे के मद्देनजर निगरानी तेज की गई है।
मुख्य द्वार और आसपास के इलाकों में सेना ने गश्त और जांच-परख सख्त कर दी है। फिलहाल शीतल निवास परिसर के चारों ओर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।
- नेपाल में मरने वालों में तीन पुलिस कर्मी भी शामिल

नेपाल पुलिस के मुताबिक मारे गए लोगों में तीन पुलिसकर्मी और एक भारतीय महिला भी शामिल है। नेपाल में मरने वालों की संख्या 51 हो गई है। मृतकों में से 36 के शव महाराजगंज स्थित त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में हैं, जहां शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम शुरू किया गया।
एकता और स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए स्थिति को संबोधित करने के लिए पहल कर रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि कानून का शासन और संवैधानिकता को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
नेपाल के नक्खू जेल प्रशासन ने भागे कैदियों से आत्मसमर्पण करने को कहा

कार्की राष्ट्रपति पौडेल से मुलाकात करेंगी, संसद भंग करने पर सहमति नहीं
सुशीला कार्की के साथ समन्वय कर रहे ओम प्रकाश आर्यल ने बताया कि कार्की पहले राष्ट्रपति के कानूनी सलाहकार वरिष्ठ अधिवक्ता बाबूराम कुंवर से मुलाकात करेंगी, इसके बाद राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के साथ निर्णायक बातचीत होगी। यदि सहमति बनती है, तो कार्की आज ही अंतरिम मंत्रिमंडल के प्रमुख के रूप में शपथ ले सकती हैं।
अधिकांश मुद्दों पर सहमति हो चुकी है, लेकिन कुछ बिंदुओं पर अभी चर्चा चल रही है। राष्ट्रपति पौडेल ने गुरुवार को कार्की और संवैधानिक विशेषज्ञों के साथ दिनभर और रात में बातचीत की।
बैठक में संसद भंग करने पर सहमति नहीं बन पाई। जेन जी आंदोलन के प्रतिनिधियों सहित कुछ पक्षों ने कानूनी आधार पर संसद भंग करने की वकालत की, जबकि अन्य ने संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए कार्यरत संसद की आवश्यकता पर जोर दिया।
- नेपाल से रेस्क्यू हुई दिल्ली की उपासना गिल

दिल्ली से नेपाल में वॉलीबॉल लीग इवेंट होस्ट करने गई उपासना गिल और उनके साथ वहां मौजूद सभी भारतीयों को रेस्क्यू कर लिया गया है। उनकी टीम में हरियाणा के फरीदाबाद की महिला खिलाड़ी भी शामिल थीं। उपासना गिल ने VIDEO जारी करते हुए इसकी जानकारी दी है।
नेपाल में नहीं होंगे पाकिस्तान के क्रिकेट मैच
नवम्बर में भारत में होने वाले पहले महिला दृष्टिबाधित टी20 विश्व कप क्रिकेट के लिए काठमांडू अब न्यूट्रल प्लेस नहीं रहेगा और पाकिस्तान के मैचों की मेजबानी के लिए एक वैकल्पिक जगह पर विचार किया जा रहा है।
यह टूर्नामेंट 11 से 25 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें आस्ट्रेलिया , इंग्लैंड, भारत, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका और अमेरिका भाग लेंगे।
टूर्नामेंट दिल्ली और बेंगलुरु में खेला जाना था लेकिन पाकिस्तान न्यूट्रल प्लेस पर मैच खेलेगा जो पहले काठमांडू था।
भारतीय दृष्टिबाधित क्रिकेट संघ ने एक बयान में कहा,

मूल रूप से काठमांडू को तीसरे मेजबान शहर के रूप में चुना गया था, जहां पाकिस्तान के मैच होने थे लेकिन नेपाल की वर्तमान स्थिति को देखते हुए दूसरे वैकल्पिक स्थल पर विचार किया जा रहा है।

- नेपाल में फंसे ओडिशा के 23 लोग वापस लाए गए
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने ट्वीट कर बताया कि नेपाल में फंसे 23 उड़िया लोगों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया है।

सेना प्रमुख और चीफ जस्टिस के बीच आज बैठक होगी
नेपाल के सेना प्रमुख अशोक राज सिगडेल, मुख्य न्यायाधीश प्रकाश मान सिंह राउत और सीपीएन (माओवादी सेंटर) के नेताओं के बीच शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में एक उच्च स्तरीय बैठक होगी।
नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल के भी इस बैठक में भाग लेने की उम्मीद है।
नेपाली सेना के अनुसार, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए काठमांडू सहित कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया है, जो आज शाम 5 बजे तक जारी रहेगा और शनिवार को शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक फिर से लागू रहेगा।
- नेपाल से गयाजी आने वाली 100 बसें कैंसिल
नेपाल से सौ बसों और निजी साधनों से श्रद्धालु गया जी पहुंचे हैं, लेकिन सभी बसें कैंसिल कर दी गई हैं। करीब 30 हजार श्रद्धालु यहां रुके हुए हैं, डर के कारण वे नेपाल नहीं जाना चाहते।
नेपाल में जलते होटल से कूदी गाजियाबाद की महिला, मौत: उपद्रवियों ने लगाई थी आग; ट्रांसपोर्टर पति ने भी छलांग लगाई

नेपाल हिंसा में गाजियाबाद के ट्रांसपोर्टर की पत्नी की मौत हो गई। दोनों काठमांडू घूमने गए थे। जिस होटल में पति-पत्नी रुके थे, उपद्रवियों ने उसे आग के हवाले कर दिया।
नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों पर दुनिया की अपील
नेपाल- हाल ही में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों को लेकर दुनिया के कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने चिंता जताई है और सभी से शांति बनाए रखने की अपील की है।
भारत- हम नेपाल की स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं। सभी मतभेदों का समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए।
चीन- नेपाल हमारा करीबी दोस्त और पड़ोसी है। यकीन है कि नेपाल खुद अपने आंतरिक मामलों को संभाल लेगा।
संयुक्त राष्ट्र- महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मांग की कि घटनाओं की निष्पक्ष जांच हो और यह भी कहा कि लोगों के मानवाधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए।
अमेरिका, यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान तथा दक्षिण कोरिया जैसे देशों के दूतावासों ने मिलकर एक संयुक्त बयान जारी किया। इसमें हिंसा की निंदा की गई, पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की गई।
सुप्रीम कोर्ट से जले हुए वाहनों को हटाया गया
न्यायालय खुलने से पहले कर्मचारी सुप्रीम कोर्ट परिसर से जले हुए वाहनों को हटाया गया। प्रदर्शन के दौरान आग लगा दी गई थी। जिसमें 25 हजार से ज्यादा फाइलें भी जल कर खाक हो गईं थी।
- प्रदर्शन में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई

सोमवार को पुलिस गोलीबारी में मारे गए लोगों की याद में गुरुवार को काठमांडू के टीयू टीचिंग अस्पताल परिसर में परिवार के सदस्य और रिश्तेदारों ने मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
- भारत-नेपाल सीमा पर जरूरी सामानों की आवाजाही शुरू

भारत-नेपाल सीमा बेलहिया पर स्थित भैरहवा सीमाशुल्क कार्यालय ने आंशिक रूप से काम शुरू कर दिया है। यह विरोध प्रदर्शनों के दौरान तोड़फोड़ और आगजनी के कारण बंद हो गया
कार्यालय के प्रमुख शिवलाल न्यौपाने ने बताया कि शुक्रवार सुबह से भारत से आवश्यक वस्तुओं जैसे रसोई गैस, सब्जियां और फल आयात शुरू हो गए हैं। उन्होंने कहा कि देश की स्थिति के आधार पर दूसरी आयात-निर्यात गतिविधियों को भी बढ़ाया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय के उपकरण, कंप्यूटर, दस्तावेज और फर्नीचर को आग के हवाले कर दिया था, जिससे कार्यालय बंद हो गया था। अधिकांश रिकॉर्ड नष्ट होने के कारण अब मैन्युअल कागजी कार्रवाई के जरिए सेवाएं शुरू की गई हैं। न्यौपाने ने कहा कि पूर्ण संचालन बहाल करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन नुकसान की वजह से सामान्य कामकाज में समय लगेगा।
नेपाल के चितवन जेल से भागे 54 कैदी वापस लौटे

नेपाल के चितवन के भरतपुर जेल से भागे 54 कैदियों ने स्वेच्छा से वापसी की है। बुधवार सुबह 740 कैदी जेल से भाग निकले थे। चितवन जिला जेल के प्रमुख रविंद्र धुंगाना ने बताया कि भागे हुए कैदी धीरे-धीरे आत्मसमर्पण कर रहे हैं, कई को फोन कॉल के जरिए वापस आने के लिए कहा गया।
धुंगाना ने कहा, ‘बुधवार का माहौल अलग था। सभी भाग गए। अब वे लौट रहे हैं, शायद उन्हें लग रहा है कि सरकार उन्हें कहीं भी छोड़ेगी नहीं।’
कैदियों ने जेल में तोड़फोड़ की और मुख्य दरवाजे सहित कई जगहों पर आग लगाई, जिसके बाद नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को उन्हें भागने देना पड़ा। उस समय जेल में 740 कैदी थे, जिनमें 46 महिलाएं शामिल थीं।
आर्मी और Gen-Z के बीच अंतरिम सरकार को लेकर चर्चा फाइनल स्टेज में
आर्मी और Gen-Z के बीच अंतरिम सरकार को लेकर बीच बातचीत शुरू हो गई है। किसका नाम तय होगा इसपर चर्चा फाइनल स्टेज में।
सूत्रों के मुताबिक सुशीला कार्की के नाम पर करीब-करीब मुहर लग गई है, लेकिन अभी फाइनल ऐलान नहीं हुआ है। इस बैठक में आर्मी प्रमुख, GenZ लीडर्स और सुशीला कार्की मौजूद हैं।


भद्रकाली आर्मी कैम्प के बाहर की तस्वीरें। इसी कैम्प में अंतरिम सरकार गठन पर चर्चा चल रही है।
इसके बाद राष्ट्रपति ने तय किया कि वह शुक्रवार सुबह संविधान विशेषज्ञों से फिर से सलाह लेंगे। संविधान विशेषज्ञों का मानना है कि आज बातचीत में कोई न कोई समाधान जरूर निकल आएगा।
- सेना ने काठमांडू, ललितपुर और भक्तपुर में कर्फ्यू बढ़ाया

नेपाल में चल रहे प्रदर्शनों और अशांति के बीच काठमांडू, ललितपुर और भक्तपुर जिलों में कर्फ्यू और प्रतिबंधों को बढ़ा दिया गया है। नेपाल आर्मी ने गुरुवार को बयान जारी कर इस बारे में जानकारी दी।
सेना ने कहा- सुरक्षा स्थिति को देखते हुए काठमांडू, ललितपुर और भक्तपुर जिलों में प्रतिबंध और कर्फ्यू जारी रखना जरूरी है।” हालांकि, जरूरी सेवाओं को कुछ छूट दी गई है, ताकि लोग रोजाना जरूरतों के लिए बाहर निकल सकें।
हिंसक प्रदर्शनों का फायदा उठाकर 15,000 से ज्यादा कैदी नेपाल की 24 से ज्यादा जेलों से भाग गए हैं। गुरुवार को एक जेल में कैदियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प में तीन कैदियों की मौत हो गई।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, मंगलवार से शुरू हुई हिंसा में अब तक कुल 8 कैदी मारे जा चुके हैं। यह टकराव तब शुरू हुआ, जब कैदियों ने गैस सिलेंडर से विस्फोट करके जेल से भागने की कोशिश की। स्थिति को काबू करने के लिए सुरक्षाबलों को गोली चलानी पड़ी, जिसमें तीन कैदी मारे गए।
केपी शर्मी ओली की पार्टी CPN-UML ने नेपाल के हालात पर प्रतिक्रिया दी। पार्टी महासचिव शंकर पोखरेल ने बयान जारी कर कहा कि विरोध प्रदर्शनों में हुई जान-माल की तबाही की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
UMLने कहा कि 13,000 से ज्यादा कैदियों का जेल से भाग जाना शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बताया गया था, तो इतनी बड़ी तोड़फोड़ और हिंसा कैसे हुई। साथ ही यह भी जांच होनी चाहिए कि सुरक्षा एजेंसियां इतने बड़े पैमाने की हिंसा और विनाश को क्यों नहीं रोक पाईं।

नेपाल में मंगलवार को हुई हिंसा में प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू के सबसे ऊंचे हिल्टन होटल में आग लगा दी थी। यह होटल पिछले साल जुलाई में बनकर तैयार हुआ था। इसमें 5 अरब भारतीय रुपए खर्च हुए थे।