नगर कौंसिल रामपुरा फूल में पानी-सीवरेज बिलों के घपलों के साथ कई अन्य घपलों की खुलेगी फाइल

-चंडीगढ़ से आई टीम कर सकती है एक माह तक जांच, पिछले एक सप्ताह से नगर कौंसिल दफ्तर में जमा रखा है डेरा

प्रशोत्तम मन्नू, 30 दिसंबर,रामपुरा फूल। रामपुरा फूल नगर कौंसिल में पिछले डेढ़ दशक से हो रहे विकास कार्यों के साथ बिलों के घपलों को लेकर चंडीगढ़ से आई लेखाकार विभाग, लोकल बाड़ी विभाग के अघधिकारियों की टीम एक माह तक रिकार्ड की जांच करेगी। टीम पिछले एक सप्ताह से रामपुरा फूल में डेरा जमाकर बैठी है व पूरे रिकार्ड की जांच कर रही है। इसमें एकाउंट ब्रांच में पिछले कुछ सालों से जमा हुई राशि से लेकर लोगों को दिए गए बिलों की बारीकी से जांच की जा रही है। इसमें हर इंट्री की वेरिफिकेशन करने का काम टीम की तरफ से की जा रही है। इस पूरे मामले में कुछ विभागों जिसमें रेंट शाखा शामिल है में लिए जा रहे किराये की रसीदों की अलग से जांच करने के साथ पानी व सीवरेज बिल, हाउस टैक्स, विज्ञापन कर का भी रिकार्ड देखा जा रहा है।

टीम ने यह जांच केवल पानी व सीवरेज बिलों तक सीमित न रखकर पूरे एकाउंट पर केंद्रीत की है। नगर कौंसिल की आय व व्यय के साथ विभिन्न समय में करवाए विकास कार्य व उनके बिलों की भी जांच की जा रही है। इस तरह से व्यापक रिकार्ड की जांच करने के चलते कौंसिल अधिकारियों के साथ पार्षदों व ठेकेदारों पर भी कारर्वाई का डंडा चल सकता है। टीम अपनी पूरी रिपोर्ट सरकार के साथ लोकल बाड़ी विभाग के अधिकारियों को सौंपेगी व इसमें होने वाले घपले का पूरा व्योरा देने के साथ इसमें जिम्मेवार लोग व घपले में शामिल लोगों की जानकारी भी देगी। फिलहाल नगर कौंसिल में कई अधिकारियों जिसमें पूर्व व वर्तमान शामिल है के साथ कुछ राजनेताओं के ऊपर कानूनी कारर्वाई होने की बात कही जा रही है। सरकार इस मामले में पहले अपने स्तर पर विभागीय जांच करवा रही है व इसमें जरूरत पड़ने पर एक्सपर्ट टीम के साथ विजिलेंस विभाग की इंट्री हो सकती है जिससे कई लोगों पर एफआईआर दर्ज करने की संभावना भी जताई जा रही है। फिलहाल टीम की जांच के चलते नगर कौंसिल रामपुरा में हडकंप मचा हुआ है।

गौरतलब है कि रामपुरा फूल में करीब 7 माह पहले नगर कौंसिल के कार्यसाधक अधिकारी रजनीश कुमार के ध्यान में आया कि नगर कौंसिल रामपुरा फूल में कई मदों में उम्मीद से कम आय हो रही है। इसके चलते उन्होंने विभिन्न विभागों के बिलों की जांच की तो पानी व सीवरेज बिलों में सर्वाधिक आय कम मिली। इसके बाद नगर कौंसिल अधिकारियों के पास पानी वी सीवरेज के जाली बिलों की रसीदे आने लगी व मामला मीडिया में जोरशोर से उठाया गया।

इसके बाद कार्यसाधक अधिकारी ने मामले की जांच के लिए स्थानीय निकाय विभाग चंडीगढ़ को लिखकर भेज दिया। इसमें करीब 8 माह पहले चंडीगढ़ से लेखा विभाग की टीम ने कौंसिल का रिकार्ड अपने कब्जे में लेकर जांच करने की बात कही। मामले में छह माह तक जांच के संबंध में कोई जानकारी नहीं देने के चलते स्थानीय लोगों के सब्र का बांध टूट गया व उन्होंने नगर कौंसिल पर भ्रष्टाचार करने वाले लोगों को बचाने के आरोप लगाए व विरोध जताना शुरू कर दिया। वही सोशल मीडिया में भी प्रभावित लोगों ने अपनी भड़ास निकाली व लोगों से हुई ठगी की बात का खुलासा किया।

यह मुद्दा विभिन्न राजनीतिक दलों ने नेताओं ने भी उठाया वही सत्ताधारी दल की तरफ से कहा गया कि नगर कौंसिल में उनका कब्जा हाल में हुआ है व प्रधान उनका बना है लेकिन घपला पिछले 15 साल से किया जा रहा था व इसमें कौंसिल में काबिज रहे पहले वाले प्रधानों व सरकारों ने भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दिया। इसके बाद विपक्ष ने इस मामले में चुप्पी साध ली तो लोगों ने इस पर भी सवाल किया। फिलहाल राज्य सरकार ने इस गंभीर मसले पर अब व्यापक स्तर पर जांच करने के लिए टीम का गठन किया है जो पिछले एक सप्ताह से रामपुरा फूल कौंसिल का रिकार्ड खंगाल रही है वही टीम के सदस्यों ने ही बताया कि रिकार्ड काफी बड़ा है व हर पहलु पर जांच करने के चलते एक माह तक का समय लग सकता है। वर्तमान में पानी व सीवरेज के बिलों में करोड़ों रुपए का घपला जाली रसीदे काटकर करने का दावा किया जा रहा है। इन दावों के विपरित कौंसिल अधिकारी घपले की बात तो मान रहे हैं लेकिन यह घपला लाखों में बताया गया है।

इसके चलते कई ठेके पर तैनात कर्मियों पर विभागीय कारर्वाई भी की गई है। वही आरोपी लोगों से लाखों रुपए की रिकवरी करने का दावा भी किया गया है। यह राशि करीब 30 से 32 लाख रुपए बताई गई है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.