वृंदावन में यमुना में नाव डूबी, 10 पर्यटकों की मौत:इनमें 7 एक ही परिवार के; लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी; सभी पंजाब के रहने वाले
मथुरा के वृंदावन में 37 श्रद्धालुओं से भरी प्राइवेट नाव (स्टीमर) यमुना नदी में पलट गई। हादसे में 10 की डूबने से मौत हो गई। इनमें मां-बेटे, चाचा-चाची और बुआ-फूफा समेत एक ही परिवार के 7 सदस्य शामिल हैं। युवती समेत 5 लोग अभी भी लापता हैं। नाव में सवार सभी श्रद्धालु पंजाब से घूमने आए थे।
डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया, हादसा दोपहर करीब 3 बजे केसी घाट पर हुआ, जो श्रीबांके बिहारी मंदिर से करीब 2 किमी की दूरी पर है। रात 10 बजे तक आर्मी और NDRF रेस्क्यू में जुटी हैं। नाव को बाहर निकाल लिया गया है। लापता की तलाश चल रही है।
जिस जगह हादसा हुआ, वहां करीब 25 फीट पानी है। शुरुआती जांच से पता चला है कि नाव की क्षमता 40 श्रद्धालुओं की थी। किसी श्रद्धालु को नाविक ने लाइफ जैकेट नहीं दी थी। पांटून पुल की रिपेयरिंग कर रहे लोगों और अन्य नाविकों ने कुछ लोगों ने बचा लिया था।
पुलिस ने आरोपी नाविक पप्पू निषाद को हादसे के 6 घंटे बाद हिरासत में लिया है। नाव उसकी खुद की थी। उसने श्रद्धालुओं को जुगल घाट से बैठाया था। हादसे के बाद वह फरार हो गया था।
नाव तट से करीब 50 फीट दूर यमुना नदी के बीच में थी। उस वक्त हवा करीब 40kmph स्पीड से चल रही थी। तेज हवा से नाव अचानक डगमगाने लगी। नाविक कंट्रोल खो बैठा। पर्यटकों ने नाविक से कहा, पुल आने वाला है, रोक लीजिए। लेकिन उसने नहीं रोका। 2 बार नाव टकराने से बची। तीसरी बार में टक्कर हो गई और नाव डूब गई।
हादसे से जुड़े 2 वीडियो सामने आए हैं। पहला– नाव डूबने से 15 मिनट पहले का है, जिसमें लोग राधे-राधे जप रहे हैं। दूसरा- श्रद्धालुओं के नदी में डूबने का है।
सभी श्रद्धालु शुक्रवार सुबह वृंदावन पहुंचे थे
गुरुवार (9 अप्रैल) को लुधियाना के जगराओं के श्री बांके बिहारी क्लब की तरफ से 2 बसों में 130 श्रद्धालुओं को ले जाया गया था। जिसमें से 90 जगराओं से और बाकी अन्य शहरों से थे। वृंदावन की 4 दिन की यात्रा थी।
वृंदावन नाव हादसे को लेकर DIG शैलेश पांडे ने बताया कि अभी मौके पर SDRF और NDRF की टीमों के साथ स्थानीय गोताखोर, नाविक, पुलिस, जिला प्रशासन और मेडिकल टीमें मौजूद हैं।
हादसे में डूबी नाव अभी पानी के अंदर जमीन में धंसी हुई है, जिसे निकालने का प्रयास जारी है। नाव के नीचे शव दबे होने की आशंका है।
DIG के अनुसार, हादसे के बाद अब तक 5 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। घटना के समय दो नावें थीं, एक में करीब 25-27 लोग सवार थे, जबकि दूसरी में 7-8 लोग मौजूद थे।
हरियाणा के भिवानी की आशा मिड्ढा की मौत

हादसे में हरियाणा के भिवानी की रहने वाली आशा मिड्ढा की मौत हुई है।

हादसे में एक ही परिवार के 7 सदस्यों की मौत


हादसे में एक ही परिवार के 7 सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में मधुर बहल, उसकी माता कविता बहल, चाचा चरणजीत, चरणजीत की पत्नी पिंकी बहल, मधुर की बुआ आशा रानी, दूसरी बुआ अंजू गुलाटी और फूफा राकेश गुलाटी शामिल हैं।
हादसे से जुड़े फोटो देखिए…


