ट्रम्प बोले-एपस्टीन सेक्स फाइल्स से बेगुनाहों की इमेज खराब होगी:मेरी भी कुछ फोटोज, एक वक्त कई लोग उससे मिलते थे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि एपस्टीन सेक्स फाइल्स के सार्वजनिक होने से कई बेगुनाहों की इमेज खराब हो सकती है। कई ऐसे लोग थे जिनका जेफ्री एप्सटीन के अपराधों से कोई लेना-देना नहीं था, वे बस कभी उससे मिले भर थे।
फ्लोरिडा में सोमवार को अपने मार-ए-लागो रिसॉर्ट में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा कि एप्सटीन को लेकर हो रहा हंगामा असल में रिपब्लिकन पार्टी की कामयाबियों से ध्यान हटाने की कोशिश है।
ट्रम्प ने कहा कि उनकी भी एप्सटीन के साथ कुछ फोटो हैं, क्योंकि उस समय कई लोग उससे मिलते-जुलते थे। इस पूरे मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है।
जब उनसे पूछा गया कि इन फाइलों में पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की तस्वीरें सामने आने पर उनका क्या रिस्पांस है। इस पर ट्रम्प ने कहा- मुझे बिल क्लिंटन पसंद हैं, मेरे उनसे अच्छे रिश्ते रहे हैं। मुझे अच्छा नहीं लगा कि उनकी तस्वीरें सामने आईं।

साथ फोटो आ जाना गलत रिश्तों का सबूत नहीं
ट्रम्प ने कहा कि किसी पार्टी या कार्यक्रम में एप्सटीन के साथ फोटो आ जाने से यह साबित नहीं होता कि उस इंसान का उससे कोई गलत रिश्ता था। लेकिन अब ऐसी तस्वीरों से बेगुनाह लोगों की बदनामी हो रही है।
ट्रम्प के मुताबिक, कई सम्मानित लोग, जैसे बैंकर और वकील सिर्फ इसलिए निशाने पर आ रहे हैं क्योंकि वे सालों पहले किसी मौके पर उससे मिल लिए थे।
उन्होंने कहा कि बहुत से लोग इस बात से नाराज हैं कि उनकी तस्वीरें ऐसे व्यक्ति के साथ सामने लाई जा रही हैं, जिससे उनका असल में कोई संबंध नहीं था। ट्रम्प ने कहा कि इससे किसी की जिंदगी भर की बनाई हुई प्रतिष्ठा खराब हो सकती है।
ट्रम्प सरकार ने एपस्टीन से जुड़ा फर्जी वीडियो शेयर किया
अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट (DOJ) ने सोमवार रात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की जेल में मौत से जुड़ा एक वीडियो जारी किया। यह वीडियो सिर्फ 12 सेकंड का था और इसमें जेल की कोठरी में एक आदमी आत्महत्या की कोशिश करता हुआ दिख रहा था।
वीडियो का समय एपस्टीन की मौत से करीब दो घंटे पहले 10 अगस्त 2019 सुबह 4:29 बजे का बताया गया। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, थोड़ी ही देर में साफ हो गया कि यह वीडियो असली नहीं, बल्कि AI से बनाया गया फर्जी वीडियो है।
यह 4chan वेबसाइट और यूट्यूब पर पहले से मौजूद था। 4chan ऑनलाइन इमेजबोर्ड वेबसाइट है, जहां लोग बिना नाम बताए पोस्ट कर सकते हैं। बाद में DOJ ने यह वीडिो अपनी वेबसाइट से तुरंत हटा लिया।
शुरुआत में लोगों को लगा कि एपस्टीन की मौत का असली वीडियो सामने आ गया है, इसलिए सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हुई। लेकिन ध्यान से देखने पर वीडियो में कई गड़बड़ियां दिखीं, जैसे जेल के कपड़े जमीन पर अजीब तरीके से पड़े होना और कोठरी का दरवाजा असली जेल से अलग दिखना।
अब फर्जी वीडियो फुटेज देखें…


अब जानिए एपस्टीन की मौत कैसे हुई थी
जुलाई 2019 में जब एपस्टीन को न्यूयॉर्क पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसके एक महीने बाद ही 10 अगस्त 2019 को उसकी मौत हो गई। सरकारी रिपोर्ट में तो कहा गया कि एपस्टीन ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया, लेकिन कई मेडिकल और लॉ एक्सपर्ट्स ने इस पर सवाल उठाए थे।
पोस्टमॉर्टम से पता चला कि एपस्टीन की गर्दन की कई हड्डियां टूटी हुई थीं, लेकिन फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. माइकल बाडेन ने दावा किया कि ऐसी चोटें फांसी या आत्महत्या में नहीं होतीं। ये गला घोंटने जैसा मामला लगता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जिस रात एपस्टीन की मौत हुई, उस रात जेल की सिक्योरिटी में खामियां देखी गईं। एपस्टीन के सेल के बाहर लगे 2 कैमरे उस रात कई बार खराब हुए। एक बार 3 मिनट के लिए कैमरे बंद हुए और जब दोबारा चालू हुए तो एपस्टीन की मौत हो चुकी थी। जेल की ओर से जारी CCTV फुटेज में भी 1 मिनट का जंप था।
अमेरिकी टीवी होस्ट जो स्कारबोरो ने ट्वीट किया- एक ऐसा इंसान, जिसके पास अमीर और ताकतवर लोगों की जिंदगी तबाह करने की जानकारी थी। जेल में मरा पाया गया। ये तो रूसी तरीका है।

शुक्रवार को तीन लाख दस्तावेज जारी हुए थे
जस्टिस डिपार्टमेंट ने जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी जांच के तहत शुक्रवार रात ढाई बजे (भारतीय समय के मुताबिक) तीन लाख दस्तावेज जारी किए थे। हालांकि अभी भी पूरे दस्तावेज जारी होने में समय लग सकता है।
इनमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, पॉप सिंगर माइकल जैक्सन जैसे दिग्गजों की तस्वीरें सामने आईं, हालांकि रिकॉर्ड्स में डोनाल्ड ट्रम्प का नाम लगभग नहीं के बराबर पाया गया। जबकि फरवरी में जारी एपस्टीन के निजी जेट के फ्लाइट लॉग्स में ट्रम्प का नाम सामने आ चुका है।

कई पीड़ितों के इंटरव्यू और एपस्टीन की सजा की कॉपी जारी नहीं हुई
नए दस्तावेजों में एप्सटीन के न्यूयॉर्क और यूएस वर्जिन आइलैंड्स वाले घरों की तस्वीरें और कुछ मशहूर लोगों की फोटो थीं। लेकिन सबसे जरूरी कागज, जैसे पीड़ितों के FBI इंटरव्यू और वह फैसला जिसमें एप्सटीन को बड़ी सजा नहीं दी गई थी, जारी नहीं किए गए।
इससे सवाल उठ रहे हैं कि पहले जांच ठीक से क्यों नहीं हुई और उसे हल्की सजा क्यों मिली। डेमोक्रेट नेताओं ने ट्रम्प से जुड़ी फोटो हटने पर कहा कि सरकार कुछ छिपा रही है और पूरी सच्चाई सामने लाने की मांग की।
ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस एंड्रयू जैसे अन्य बड़े नामों का भी इन दस्तावेजों में बहुत कम जिक्र है। विपक्षी सांसदों ने अमेरिकी जनता के लिए पूरी पारदर्शिता की मांग करते हुए जस्टिस डिपार्टमेंट पर कवर-अप के आरोप लगाए।
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