लुधियाना, 6 नवंबर: पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी योजना लुधियाना नहरी जल आपूर्ति योजना ने मात्र आठ महीनों में 20 प्रतिशत भौतिक प्रगति प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए श्री आदित्य कुमार डेचलवाल, आईएएस, आयुक्त, नगर निगम लुधियाना (MCL) ने बताया कि परियोजना निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप तेज़ी से आगे बढ़ रही है। यह योजना 25 फरवरी 2025 को प्रारंभ की गई थी और 25 फरवरी 2028 तक पूर्ण की जानी है। उन्होंने कहा कि केवल 22 प्रतिशत समयावधि में 20 प्रतिशत प्रगति हासिल करना किसी भी बड़े प्रोजेक्ट के लिए एक उत्कृष्ट उपलब्धि है।

आयुक्त ने बताया कि श्री तेजवीर सिंह, आईएएस, अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS), पंजाब सरकार ने हाल ही में परियोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने परियोजना की गति और गुणवत्ता की सराहना की तथा स्थल पर कार्यरत टीमों को इसी समर्पण के साथ कार्य जारी रखने और समय पर पूर्णता सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने आगे बताया कि बिलगा गांव स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के सभी प्रमुख घटकों पर तेज़ी से कार्य प्रगति पर है, जिनमें फिल्टर हाउस, कैस्केड एरेटर, प्री-सेटलिंग टैंक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त स्टिलिंग चैम्बर, पार्शल फ्लूम चैनल, डिस्ट्रीब्यूशन चैम्बर, क्लीन वाटर रिज़र्वायर, क्लीन वाटर पंप हाउस, क्लैरिफ्लोक्युलेटर और फिल्टर हाउस के निर्माण कार्य भी तेजी से पूरे किए जा रहे हैं।
आयुक्त ने बताया कि 31 पानी की नई टंकियों का कार्य जारी है, जिनमें से 6 स्थलों पर राफ्ट फाउंडेशन पूर्ण हो चुकी है जबकि 23 स्थलों पर पाइल फाउंडेशन तैयार कर लिया गया है। 47 मौजूदा टंकियों की नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग पूरी कर ली गई है, और शेष स्थलों पर यह प्रक्रिया इस माह के अंत तक पूरी कर ली जाएगी।

इसके अलावा, लगभग 25 किलोमीटर पाइपलाइन (डक्टाइल आयरन और माइल्ड स्टील) बिछाई जा चुकी है, जबकि 48 किलोमीटर पाइपलाइन के लिए सामग्री उपलब्ध करवा दी गई है।
भौतिक कार्यों के साथ-साथ, परियोजना के तहत जन-संपर्क, हितधारक परामर्श, शिकायत निवारण प्रणाली और पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जो कि विश्व बैंक (World Bank) और एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) के मानकों के अनुरूप हैं।
सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं — बिना पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) के किसी भी श्रमिक को साइट में प्रवेश की अनुमति नहीं है।
परियोजना की सामाजिक और संचार इकाई (Social & Communication Unit) द्वारा लगातार जन-जागरूकता अभियानों, सामुदायिक बैठकों और संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। अब तक 20 से अधिक सार्वजनिक परामर्श बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, और कार्य प्रारंभ करने से पूर्व स्थानीय क्षेत्रों में घोषणाओं के माध्यम से नागरिकों को सूचित किया जा रहा है।
परियोजना का अवलोकन
लुधियाना नहरी जल आपूर्ति योजना का क्रियान्वयन नगर निगम लुधियाना (MCL) द्वारा पंजाब म्यूनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी (PMIDC) के तकनीकी सहयोग से किया जा रहा है।
यह परियोजना विश्व बैंक (World Bank) और एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) द्वारा संयुक्त रूप से वित्तपोषित है।
परियोजना के प्रथम चरण की कुल लागत ₹1,305 करोड़ है, जिसमें ₹154 करोड़ 10 वर्षों के संचालन और रख-रखाव के लिए तथा ₹84 करोड़ गुणवत्ता सुनिश्चितता के लिए निर्धारित हैं।
तकनीकी विशेषताएँ
580 MLD क्षमता वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP), जो बिलगा में निर्माणाधीन है, में उन्नत जल शोधन प्रक्रियाओं का उपयोग किया जा रहा है — कोएगुलेशन, फ्लोकुलेशन, सेडीमेंटेशन, डुअल मीडिया फिल्ट्रेशन और क्लोरीनेशन।
यह प्रणाली SCADA-आधारित स्वचालन (Automation) और रीयल-टाइम ऑनलाइन जल गुणवत्ता निगरानी प्रणाली (Real-Time Monitoring System) से सुसज्जित होगी, जिससे राष्ट्रीय पेयजल मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
यह योजना लुधियाना के नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ, विश्वसनीय और दीर्घकालिक पेयजल आपूर्ति प्रदान करेगी।
