बठिंडा में डेरा प्रेमी की हत्या के पीछे पंजाब का माहौल खराब करने की साजिश

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बठिंडा के कस्बा भगता भाई का में डेरा प्रेमी मनोहर लाल की हत्या के मामले में  गैंगस्टर सुक्खा गिल लम्मे ने फेसबुक पर एक पोस्ट डालकर इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली है। पोस्ट में लिखा कि उनके ग्रुप को ऐसे काम के लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है। उसने लिखा कि जो भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करेगा, उसके साथ ऐसा ही होगा। फिलहाल खुलासे के बाद सवाल उठने लगे हैं कि आपराधिक दुनियां में शामिल लोगों को धर्म की चिंता कब से होने लगी। पहली नजर में पंजाब का माहौल खराब करने वाले लोगों की सोची समझी साजिश है। विदेश में बैठे अलगाववादी गैंगस्टरों को फंडिंग कर पंजाब को आग में धकेलना चाहते हैं।

बता दें कि 2015 में बेअदबी मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल जतिंदरबीर जिम्मी के पिता व डेरा सच्चा सौदा सिरसा की 25 सदस्यीय कमेटी के सदस्य डेरा प्रेमी मनोहर लाल अरोड़ा की भगता भाई का इलाके में मनी एक्सचेंज की दुकान है। शुक्रवार दोपहर 3.36 बजे मुंह ढके कुछ युवक दुकान पर पहुंचे। इसके बाद बैग से कुछ सामान निकालने के बहाने मात्र 36 सेकंड में 3 पिस्टल से 3 फायर करके दुकान के संचालक मनोहर लाल की हत्या कर दी। मनोहर लाल के सिर पर और छाती में एक-एक गोली लगने के चलते डेढ़ घंटे बाद उनकी मौत हो गई।

वहीं इस मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब बदमाशों के एक गिरोह ने इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ले ली। सूत्रों ने बताया कि पिछले कुछ समय से सुक्खा गिल लम्मे गैंगस्टर का गैंग सरगर्म चल रहा है। सुक्खा गैंगस्टर ग्रुप को मोगा से चला रहा है। कुछ समय पहले मोगा में स्थित एक शोरूम मालिक की हत्या इसी गैंग ने की थी। इस हत्या में गोली चलाने वाला हरजिंदर सिंह था। इसका जिक्र डेरा प्रेमी की हत्या की जिम्मेदारी लेने वाली पोस्ट में किया गया है।

पंजाब पुलिस का कहना है कि बंदूक के ज़रिए शोहरत और पैसे कमाने का ख़्वाब देखने वाले युवाओं के लिए यह आम बात है.

32 साल के पूर्व में रहे गैंगस्टरों में शामिल लखबीर सिंह सिधाना ने कहा, ”मैंने कॉलेज में छोटे-मोटे अपराध करने शुरू किए. मुझे इस ज़िंदगी से प्यार हो गया. हम ताक़त और शोहरत के नशे में चूर थे. हमें इस बात से ख़ुशी मिलती थी कि लोग हमसे डरते हैं, उन्हें डरता देखकर हम और ताक़तवर महसूस करते थे.”लखबीर बठिंडा के पास सिधाणा गांव में रहते हैं. सीसीटीवी और ऊंची दीवारों से घिरा उनका घर किसी क़िले से कम नहीं.

पंजाब में अपराध का नया दौर

पुलिस के मुताबिक़ इस वक़्त पंजाब में 15-20 आपराधिक गैंग सक्रिय हैं जिनमें तक़रीबन 300 से 400 लोग शामिल हैं.

अस्सी और नब्बे के दशक में चरमपंथ की मार झेल चुके पंजाब के लिए यह अपराध की नई लहर है. राज्य के जवान क़त्ल, फ़िरौती के लिए अपहरण और बाक़ी तरह के ग़ुनाहों में मुब्तिला हो रहे हैं

सोशल मीडिया पर तस्वीरें, हथियारों की नुमाइश

वे अपनी पोस्ट और तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं, अपने हथियारों की ट्रॉफ़ी की तरह नुमाइश करते हैं और अपराधों को उपलब्धि की तरह पेश करते हैं.

उनकी पोस्ट को हज़ारों लोग देखते और पसंद करते हैं.

नौकरीशुदा रजिंदर सिंह ने बताया कि वह ऐसे लोगों को सोशल मीडिया पर क्यों फ़ॉलो करते हैं- ”मैं उनकी आपराधिक गतिविधियों का समर्थन नहीं करता, लेकिन मुझे यह देखने में मज़ा आता है कि ये लोग कितनी फ़िल्मी ज़िंदगी जीते हैं.”

वहीं विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली पूर्वा शर्मा इनके बारे में और जानने के लिए इन्हें फ़ॉलो करती हैं.

वो कहती हैं, ”उनकी फ़ेसबुक पोस्ट बड़ी मज़ेदार होती हैं. हम जानना चाहते हैं कि ये लोग अपनी ज़िंदगी कैसे जीते हैं.”

 

नेताओं की शह पर बढ़ रहे अपराध

लखबीर सिंह का मानना है कि अपराध बढ़ रहा है क्योंकि अपराधियों को पुलिस और नेताओं का संरक्षण मिला हुआ है. दो बच्चों के पिता लखबीर के मुताबिक़ ”मैं ख़ुद नेताओं के चंगुल में फंसा हुआ था जो मुझे अपने मतलब के लिए लोगों को डराने और चुनाव में मदद करने के लिए इस्तेमाल करते थे.”

साथ ही साथ लखबीर यह भी जोड़ देते हैं कि उन्होंने अब अपराध जगत को अलविदा कह दिया है. उन्होंने बताया कि जेल में रहने के दौरान क़िताबें पढ़ीं और सोशल मीडिया पर समय बिताया. दो बार उनकी जान लेने की कोशिश की गई जिसने उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया.

”मुझे एहसास हुआ कि नेता मुझे अपने मतलब के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. मेरे परिवार को मेरी चिंता होती थी, लेकिन मैंने कभी उनके बारे में नहीं सोचा. धीरे-धीरे मेरी सोच बदली और मैंने इस दुनिया से बाहर निकलने का फ़ैसला किया. मैंने महसूस किया कि ये शोहरत महज़ दिखावा है.”

पंजाब पुलिस की मोस्ट वॉन्टेड सूची

समस्या से निपटने के लिए पंजाब पुलिस ने टास्क फ़ोर्स बनाई है. पुलिस के मुताबिक़ मई 2017 से संगठित अपराध में जुटे 280 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.

पुलिस ने कैटेगरी ‘ए’ और कैटेगरी ‘बी’ नाम से दो सूची भी बनाई हैं. कैटेगरी ए में नौ मोस्ट वॉन्टेड अपराधियों को रखा गया है जबकि कैटेगरी बी में नौ थोड़े कम गंभीर अपराध करने वाले गैंगस्टरों को शामिल किया गया है.

पुलिस भी समस्या का हिस्सा

एक रिटायर्ड वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का आरोप है कि अपराधी नेताओं की शह पर फल-फूल रहे हैं.

पंजाब पुलिस के पूर्व एडीजी एस के शर्मा के मुताबिक़ ”ये छोटे-मोटे अपराधी थे, लेकिन नेताओं की शह पर इन्होंने ताक़त दिखानी शुरू की और गैंगस्टर बन गए. इसके बाद उन्होंने अपनी पहचान के साथ न्याय करने के लिए गंभीर अपराध करने शुरू किए.’

गैंगस्टरों के हौसले बुलंद

मोगा में 14 जुलाई 2020 को शहर के न्यू टाऊन इलाके में दिन-दिहाड़े कपड़ा व्यापारी तेजिन्दर सिंह का कत्ल करने वाले गैंगस्टर सुखा गिल लमे बार बार पुलिस को चुनौती दे रहा है। दरअसल, गैंगस्टर सुखा गिल लमे ने एक मिठाई विक्रेता से 5 लाख की फिरौती मांगी थी। मिठाई वाला गैंगस्टर की बताई जगह पर फिरौती की रकम लेकर पुलिस के साथ पहुंच गया, जहां पुलिस ने गैंगस्टर को पकडऩे के लिए ट्रैप लगाया था परन्तु सूचना लीक होने के कारण पुलिस की योजना फेल हो गई। जिसके बाद उसने मिठाई वाले को मैसेज करके कहा कि तुझे कहा था कि पुलिस को मत बताना। तू पुलिस को लेकर पहुंच गया। अब यह पैसे मुझे नहीं चाहिए। गरीबों में बांट दे। इसके बाद मिठाई वाले को दस दिनों में अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है। 

इसके बाद गैंगस्टर ने गरीबों में पैसे बांटने का वीडियो भी फेसबुक पर अपलोड किया है। इसमें एक व्यक्ति पैसे देता दिखाई दे रहा है। हालांकि यह व्यक्ति कौन है और यह पैसे किसने बांटे हैं गैंगस्टर या मिठाई वाले ने इसका पता नहीं लग सका है।

फेसबुक पर ली थी कपड़ा व्यापारी के कत्ल की जिम्मेवारी
बताने योग्य है कि 14 जुलाई को कपड़ा व्यापारी तेजिन्दर सिंह का कत्ल करने के बाद गैंगस्टर सुखा गिल लमे ने फेसबुक पर इसकी जिम्मेदारी लेते लिखा था कि हमारा इसके साथ पिछले कुछ दिनों से पंगा चल रहा था, इसको कहा था कि पुलिस को मत बताना परन्तु इसने पुलिस को बता दिया जिस कारण जिसका अंजाम सभी के सामने है।

वही 5 अगस्त 2020 को कपूरथला पुलिस के साथ मोहाली स्पेशल पुलिस टीम द्वारा एक संयुक्त अभियान के दौरान गुप्त सूचना के आधार पर सुल्तानपुर लोधी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत ग्राम कमालपुर मोथावाला में गुप्त सुचना मिलने पर छापेमारी में छह लोगों को लूट की योजना बनाते वक़्त पड़ा गया था। उनके पास से विदेशी हथियारों के साथ तीन महंगी कारें भी बरामद हुईं। पकड़े गए आरोपियों में खतरनाक गैंगस्टर बलजिंदर सिंह उर्फ ​​बिल्ला पुत्र निरंजन सिंह निवासी मंडियाला गुरदासपुर जिला, गैंगस्टर लवप्रीत सिंह उर्फ ​​लव उर्फ ​​ढिल्लों पुत्र गुरनाम सिंह निवासी कमलपुर सुल्तानपुर लोधी, गैंगस्टर सुखजिंदर सिंह उर्फ ​​बिटजीत पुत्र सुरजीत सिंह, गैंगस्टर मोहित शर्मा उर्फ ​​लाची पुत्र रविंद्र कुमार निवासी कपूरथला, सुल्तानपुर लोधी सरगना मंगल सिंह उर्फ ​​मंगा पुत्र शिवदेव  सिंह कपूरथलाऔर गैंगस्टर मनजिंद्र सिंह कपूरथला शामिल थे।

 

आरोपी अपने गिरोह के साथ देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देकर पंजाब और देश में माहौल खराब करना चाहते थे। कपूरथला पुलिस के साथ एक संयुक्त अभियान में मोहाली की एक विशेष पुलिस टीम ने सुल्तानपुर लोधी पुलिस स्टेशन के तहत गांव कमालपुर मोथावाला में छापा मारा और आरोपी को गिरफ्तार किया।

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