भारत ने जंग के बीच ईरान को मेडिकल मदद भेजी:ईरानी दूतावास ने धन्यवाद दिया; इजराइल का दावा- ईरानी इंटेलिजेंस मिनिस्टर की मौत

दूसरी ओर इजराइल ने दावा किया है कि उसने ईरान के इंटेलिजेंस मंत्री इस्माइल खातिब को एयरस्ट्राइक में मार गिराया है। हालांकि इस दावे की ईरान की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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इजराइल-अमेरिका और ईरान जंग के बीच भारत ने ईरान को मेडिकल सहायता की पहली खेप भेजी है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, यह खेप ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी को सौंपी गई, जिसमें जरूरी दवाइयां और मेडिकल सप्लाई शामिल हैं।

भारत में ईरान के दूतावास ने इस सहायता के लिए भारतीय लोगों का आभार जताया। दूतावास ने कहा कि यह मदद सफलतापूर्वक पहुंचा दी गई है और इसे भारत के लोगों की ओर से मिला सहयोग बताया। दूतावास ने मेडिकल सप्लाई सौंपने का वीडियो भी शेयर किया।

दूसरी ओर इजराइल ने दावा किया है कि उसने ईरान के इंटेलिजेंस मंत्री इस्माइल खातिब को एयरस्ट्राइक में मार गिराया है। हालांकि इस दावे की ईरान की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

रूस ने लारिजानी की हत्या की निंदा की

रूस ने ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारिजानी की हत्या की कड़ी निंदा की है। राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि किसी भी संप्रभु देश के नेतृत्व को निशाना बनाना गलत है और इस तरह की कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि रूस उन सभी कदमों की निंदा करता है, जिनका मकसद किसी देश के नेताओं को नुकसान पहुंचाना या उन्हें खत्म करना हो।

तेहरान में लारीजानी के जनाजे में हजारों लोग शामिल हुए

ईरान की राजधानी तेहरान में सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग जुटे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइली एयरस्ट्राइक में मारे गए लारीजानी की अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए और उन्हें श्रद्धांजलि दी।

लारीजानी ईरान के शीर्ष नेताओं में शामिल थे और उन्हें देश की सुरक्षा व रणनीति का अहम चेहरा माना जाता था। उनकी मौत को ईरान के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है।

इजराइल ने दावा किया था कि उसने एयरस्ट्राइक में लारीजानी को मार गिराया, जिसकी बाद में ईरान ने भी पुष्टि की।

इस्माइल खातिब ईरान की सुरक्षा के लिए बेहद अहम व्यक्ति माने जाते हैं। वे देश की आंतरिक सुरक्षा, विदेशों में जासूसी और राजनीतिक कंट्रोल बढ़ाने का काम करते हैं।
इस्माइल खातिब ईरान की सुरक्षा के लिए बेहद अहम व्यक्ति माने जाते हैं। वे देश की आंतरिक सुरक्षा, विदेशों में जासूसी और राजनीतिक कंट्रोल बढ़ाने का काम करते हैं।

भारतीय जहाज ‘जग लाडकी’ गुजरात पहुंचा

भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर ‘जग लाडकी’ गुजरात के मुंद्रा स्थित अडाणी पोर्ट्स पर पहुंच गया है। यह UAE के फुजैराह पोर्ट से होर्मुज स्ट्रेट पार करते हुए आया है।

इसपर 80,886 मीट्रिक टन(लगभग 5.8–6 लाख बैरल) कच्चा तेल लदा है। भारत में हर रोज लगभग 5.5–5.6 मिलियन बैरल (करीब 90 करोड़ लीटर) तेल की खपत होती है।

 

राष्ट्रगान विवाद के बाद ईरान लौटी महिला फुटबॉल टीम

ईरान की महिला राष्ट्रीय फुटबॉल टीम विवाद के बाद अपने देश लौट आई है। रिपोर्ट के मुताबिक टीम और सपोर्ट स्टाफ के सदस्य ऑस्ट्रेलिया में टूर्नामेंट खेलने के बाद तुर्किये-ईरान के बाजरगान बॉर्डर के रास्ते वापस पहुंचे, जहां उनका स्वागत किया गया।

यह टीम उस वक्त विवाद में आ गई थी, जब खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलिया में मैच के दौरान ईरान का राष्ट्रगान गाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्हें ईरानी मीडिया में गद्दार तक कहा गया।

विवाद के बीच टीम के 6 खिलाड़ियों और एक स्टाफ सदस्य ने ऑस्ट्रेलिया में शरण लेने का फैसला किया था, लेकिन बाद में इनमें से 5 खिलाड़ियों ने अपना फैसला बदल लिया और ईरान लौट आए। रिपोर्ट्स के मुताबिक टीम के स्वागत के लिए तेहरान में औपचारिक समारोह भी आयोजित किया जाएगा।

ईरान बोला- अब दुश्मन के ‘सुरक्षित’ ठिकाने भी निशाने पर होंगे

ईरान ने अपनी गैस फैसिलिटीज पर हुए हमलों के बाद बड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने कहा कि अब उन “दुश्मन के इंफ्रास्ट्रक्चर” को निशाना बनाया जाएगा, जिन्हें अब तक सुरक्षित माना जाता था।

ईरान ने दक्षिणी शहर असालुयेह और साउथ पार्स गैस फील्ड पर हुए हमलों को वॉर क्राइम करार दिया है और कहा है कि यह कार्रवाई बिना जवाब के नहीं छोड़ी जाएगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल पर इन हमलों का आरोप लगाया गया है, हालांकि दोनों देशों की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जंग के बीच मिडिल-ईस्ट से 2.6 लाख भारतीय लौटे

मिडिल-ईस्ट में जारी जंग के बीच अब तक करीब 2.6 लाख भारतीय देश वापस लौटे हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक यह वापसी 28 फरवरी से अब तक हुई है।

सरकार ने बताया कि मौजूदा हालात में भी फ्लाइट ऑपरेशन जारी हैं और UAE से रोजाना करीब 70 उड़ानें भारत आ-जा रही हैं, जिससे यात्रियों की आवाजाही बनी हुई है।

सरकार ने यह भी बताया कि ईरान में भारतीय दूतावास, वहां फंसे नागरिकों, खासकर छात्रों की मदद कर रहा है और जरूरत पड़ने पर उन्हें आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते निकालने की व्यवस्था की जा रही है।

इजराइल ने ईरान की गैस फैसिलिटी पर हमला किया

जंग के बीच इजराइल ने अब ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक इजराइली लड़ाकू विमानों ने दक्षिणी ईरान के बुशेहर प्रांत में गैस इंफ्रास्ट्रक्चर पर एयरस्ट्राइक की है।

यह हमला दुनिया के सबसे बड़े गैस क्षेत्रों में से एक साउथ पार्स गैस फील्ड से जुड़ी सुविधाओं पर किया गया। ईरानी सरकारी मीडिया ने भी गैस से जुड़ी इकाइयों पर हमले की पुष्टि की है, हालांकि नुकसान का पूरा आकलन अभी सामने नहीं आया है।

यह पहली बार है जब मौजूदा युद्ध के दौरान ईरान की गैस या ऊर्जा सुविधाओं को सीधे निशाना बनाया गया है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इससे पहले बुशेहर इलाके में परमाणु संयंत्र के पास भी हमले की खबरें आई थीं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी थी।

साउथ पार्स गैस फील्ड से जुड़ी फैसिलिटी पर हमले के बाद का वीडियो…

इजराइल बोला- ईरान की सैन्य ताकत खत्म कर रहे

इजराइल ने कहा है कि वह ईरान की सैन्य क्षमता को लगातार कमजोर कर रहा है और आगे भी कार्रवाई जारी रखेगा।

इजराइली सेना (IDF) के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता नदव शोशानी ने कहा कि ईरान अपनी पूरी ताकत झोंक रहा है, लेकिन इजराइल यह सुनिश्चित कर रहा है कि उसकी क्षमता सीमित हो जाए।

उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ईरान जो कर सकता है, वह बहुत ज्यादा न हो और हम उसकी क्षमताओं को अधिकतम हद तक खत्म करने के लिए आगे बढ़ते रहेंगे।”

https://twitter.com/i/status/2034220261721948177
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