होर्मुज संकट पर ब्रिटेन में बैठक, भारत भी शामिल होगा:35 देश हिस्सा लेंगे; ईरान बोला- ट्रम्प की बेतुकी बातों से होर्मुज नहीं खुलेगा
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन में जल्द एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठक होने जा रही है, जिसमें करीब 35 देश हिस्सा लेंगे। इस बैठक का मकसद होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर चर्चा करना है।
भारत की तरफ से विदेश सचिव विक्रम मिसरी इसमें शामिल होंगे। होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया भर के 20% ऑयल का ट्रांसपोर्ट होता है। जंग की वजह से जहाज इस रूट से नहीं गुजर पा रहे हैं, जिससे कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर से ज्यादा हो गए हैं।
वहीं, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी दबाव में आने वाला नहीं है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट उनके कंट्रोल में है और यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बेतुके बयानों से नहीं खुलेगा। ईरान का कहना है कि यह रास्ता तभी खुलेगा जब उनकी शर्तें मानी जाएंगी।
ट्रम्प बोले- ईरान पर जीत हासिल की, उनकी सेना हमारे कंट्रोल में
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार सुबह राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका को ईरान जंग में जीत मिली है। साथ ही चेतावनी दी कि अमेरिका 2-3 हफ्ते में ईरान पर बड़ा हमला करेगा।
ट्रम्प ने आगे कहा कि ईरान की मिसाइल-ड्रोन क्षमता और नौसेना खत्म हो गई है। सैन्य ताकत काफी कमजोर हो गई है। इस सैन्य अभियान का अहम मकसद पूरा होने वाला है।
ट्रम्प ने यह भी चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका, ईरान को स्टोन एज, यानी पाषाण काल में भेज देगा। हालांकि उन्होंने यह दावा भी किया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और नई लीडरशिप पहले से कम कट्टर है।
ट्रम्प के भाषण में कोई नई बात नहीं
ट्रम्प ने 19 मिनट का भाषण दिया। इसमें कोई नया ऐलान नहीं किया। वही बातें दुहराईं जो पिछले कुछ समय से कहते रहे हैं।
उन्होंने युद्ध की लागत और इसके लंबा खिंचने से चिंतित अमेरिकियों से कहा कि वे इस संघर्ष को सही नजरिए से देखें। उन्होंने इराक (8 साल) और वियतनाम (19 साल) जैसे पिछले अमेरिकी युद्धों का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान जंग तो अभी दूसरे महीने में ही पहुंची है।
उन्होंने यह भी माना कि लोगों को आर्थिक परेशानी हो रही है, लेकिन कहा कि यह युद्ध जरूरी है। उन्होंने कहा, “यह आपके बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य में निवेश है।”
ट्रम्प ने ईरान से युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत की मांग की, जबकि एक दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि उन्हें समझौते की जरूरत नहीं है।
उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट संकट को लेकर कहा कि इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी दूसरे देशों को लेनी चाहिए। हालांकि, एक दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि होर्मुज खोले बिना कोई समझौता नहीं होगा।
ट्रम्प के भाषण में कोई नई बात नहीं
ट्रम्प ने 19 मिनट का भाषण दिया। इसमें कोई नया ऐलान नहीं किया। वही बातें दुहराईं जो पिछले कुछ समय से कहते रहे हैं।
उन्होंने युद्ध की लागत और इसके लंबा खिंचने से चिंतित अमेरिकियों से कहा कि वे इस संघर्ष को सही नजरिए से देखें। उन्होंने इराक (8 साल) और वियतनाम (19 साल) जैसे पिछले अमेरिकी युद्धों का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान जंग तो अभी दूसरे महीने में ही पहुंची है।
उन्होंने यह भी माना कि लोगों को आर्थिक परेशानी हो रही है, लेकिन कहा कि यह युद्ध जरूरी है। उन्होंने कहा, “यह आपके बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य में निवेश है।”
ट्रम्प ने ईरान से युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत की मांग की, जबकि एक दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि उन्हें समझौते की जरूरत नहीं है।
उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट संकट को लेकर कहा कि इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी दूसरे देशों को लेनी चाहिए। हालांकि, एक दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि होर्मुज खोले बिना कोई समझौता नहीं होगा।
कतर ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में ईरान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। कतर का आरोप है कि ईरान ने उसके इलाके पर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए हैं। कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि 28 मार्च से 1 अप्रैल के बीच कई हमले हुए, जिनमें एक तेल टैंकर भी निशाना बना। कतर ने इन हमलों को गैरकानूनी बताया और नुकसान की भरपाई की मांग की है।
ईरान बोला- हॉलीवुड ने अमेरिका के दिमाग में भ्रम पैदा कर दिया
ईरान की सेना के एयरस्पेस फोर्स के कमांडर माजिद मौसवी ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो लोग ईरान को धमकी दे रहे हैं, वे असल में अपने ही सैनिकों को मौत की तरफ धकेल रहे हैं।
माजिद मौसवी ने अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बयान पर जवाब देते हुए कहा कि ईरान को टस्टोन एज’ (पाषाण युग) में भेजने की बात सिर्फ कल्पना है और ऐसा करना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि हॉलीवुड ने आपके दिमाग में भ्रम पैदा कर रहा है। अमेरिका सिर्फ 250 साल पुराना देश है, जबकि ईरान की सभ्यता 6,000 साल पुरानी है और वो हमें डाराने की कोशिश कर रहा है।
ईरान की मिलिट्री यूनिट इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह उनके कंट्रोल में है और यह अमेरिका के राष्ट्रपति की बेतुकी बातों से नहीं खोला जाएगा।
IRGC ने साफ कहा कि जो देश ईरान के खिलाफ हैं, उनके लिए इस रास्ते को खोलने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
ईरान की सेना ने कहा है कि वह इस जंग को तब तक जारी रखेगा जब तक अमेरिका और इजराइल को हमेशा के लिए पछतावा नहीं हो जाता।
ईरान के सैन्य मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जाल्फगारी ने कहा कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान की ताकत को कम आंका है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में और ज्यादा बड़े और खतरनाक हमले किए जाएंगे।

तेहरान-कराज ब्रिज पर हमला, कई लोग घायल
ईरान की राजधानी तेहरान को कराज शहर से जोड़ने वाले बड़े पुल पर हमला किया गया। यह पुल मिडिल ईस्ट के सबसे ऊंचे पुलों में से एक माना जाता है। इस हमले में कई लोग घायल हो गए। इसके अलावा कराज के अन्य इलाकों पर भी हमले हुए।