ईरान का अमेरिकी पायलट को हिरासत में लेने से इनकार:कहा- F-35 फाइटर जेट गिराया; पूरे इलाके में अमेरिकी ठिकाने तबाह करने की धमकी

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ईरान ने दावा किया है कि उसने शुक्रवार को एक अमेरिकी F-35 फाइटर जेट गिरा दिया है। हालांकि उसके पायलट को हिरासत में लेने की खबरों से इनकार कर दिया।

इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि इस जेट का पायलट ईरान की हिरासत में है। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान गिरने से पहले पायलट ने कूदकर अपनी जान बचाई और वह ईरान के अंदर ही कहीं उतरा।

अपने पायलट को ढूंढने के लिए अमेरिकी सेना ने कोहगिलुयेह और बोयेर-अहमद जिले में सर्च ऑपरेशन चलाया। इस ऑपरेशन में ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर और C-130 हरक्यूलिस विमान लगाए गए।

वहीं ईरानी सेना ने कहा है कि अगर अमेरिका और इजराइल ने उसके इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले बढ़ाए, तो वह पूरे मिडिल ईस्ट में उनके ठिकानों को निशाना बनाएगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार सुबह राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका को ईरान जंग में जीत मिली है। साथ ही चेतावनी दी कि अमेरिका 2-3 हफ्ते में ईरान पर बड़ा हमला करेगा।

ट्रम्प ने आगे कहा कि ईरान की मिसाइल-ड्रोन क्षमता और नौसेना खत्म हो गई है। सैन्य ताकत काफी कमजोर हो गई है। इस सैन्य अभियान का अहम मकसद पूरा होने वाला है।

ट्रम्प ने यह भी चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान को ‘स्टोन एज, यानी पाषाणकाल’ में भेज देंगे। हालांकि उन्होंने यह दावा भी किया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और नई लीडरशिप पहले से कम कट्टर है।

ट्रम्प के भाषण में कोई नई बात नहीं

ट्रम्प ने 19 मिनट का भाषण दिया। इसमें कोई नया ऐलान नहीं किया। वही बातें दुहराईं जो पिछले कुछ समय से कहते रहे हैं।

उन्होंने युद्ध की लागत और इसके लंबा खिंचने से चिंतित अमेरिकियों से कहा कि वे इस संघर्ष को सही नजरिए से देखें। उन्होंने इराक (8 साल) और वियतनाम (19 साल) जैसे पिछले अमेरिकी युद्धों का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान जंग तो अभी दूसरे महीने में ही पहुंची है।

ट्रम्प ने ईरान से युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत की मांग की, जबकि एक दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि उन्हें समझौते की जरूरत नहीं है।

उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट संकट को लेकर कहा कि इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी दूसरे देशों को लेनी चाहिए। हालांकि, एक दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि होर्मुज खोले बिना कोई समझौता नहीं होगा।

ईरान ने बहरीन में आज अमेरिकी कंपनी अमेजन वेब सर्विस के एक डेटा सेंटर पर हमला किया। फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक, हमले के बाद उस जगह पर आग लग गई।

इससे पहले बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी बताया था कि एक कंपनी की इमारत में आग लगी है, जिसे फायर ब्रिगेड की टीम बुझा रही थी। हालांकि उस समय कंपनी का नाम नहीं बताया गया था।

यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब एक दिन पहले ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने मिडिल ईस्ट में काम कर रही 18 अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी थी। इनमें माइक्रोसॉफ्ट, एपल, गूगल, मेटा जैसी कंपनियां शामिल हैं।

वहीं डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए किसी समझौते (डील) की जरूरत नहीं है। अमेरिका यह युद्ध 2 से 3 हफ्तों में खत्म कर सकता है।

अमेरिका ने सोमवार को ईरान के इस्फहान में हवाई हमले किए।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वे NATO से बाहर निकलने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। उन्होंने NATO को कागजी शेर बताया।

एक इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि वे पहले से ही NATO से ज्यादा प्रभावित नहीं थे और उन्हें लगता है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी यही मानते हैं।

ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका हमेशा अपने साथियों के लिए खड़ा रहा है, लेकिन इस बार कोई भी अमेरिका के साथ नहीं आया। उन्होंने यूक्रेन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अमेरिका ने मदद की थी, लेकिन अब वही समर्थन अमेरिका को नहीं मिल रहा।

यह बयान तब आया है जब NATO देशों ने ईरान जंग में अमेरिका का साथ देने से इनकार कर दिया। अमेरिका चाहता था कि NATO देश होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने के लिए अपने वॉरशिप भेजें, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

जंग से मिडिल ईस्ट को ₹18 लाख करोड़ का नुकसान

यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) ने कहा है कि मध्य पूर्व में चल रहा युद्ध पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक यह संघर्ष अब सिर्फ कुछ देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए बड़ा संकट बन गया है।

  • रीजन की GDP 3.7% से 6% तक घट सकती है
  • करीब ₹18 लाख करोड़ का नुकसान हो सकता है
  • होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही 70% से ज्यादा घट गई
  • तेल की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल हो गई है
  • 16 लाख से लेकर 36 लाख नौकरियों पर संकट

ईरान जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें…

अमेरिका ने सोमवार को ईरान के इस्फहान में हवाई हमले किए।
अमेरिका ने सोमवार को ईरान के इस्फहान में हवाई हमले किए।
लेबनान की राजधानी बेरुत में मंगलवार को इजराइली एयरस्ट्राइक में एक इमारत पूरी तरह तबाह हो गई।
लेबनान की राजधानी बेरुत में मंगलवार को इजराइली एयरस्ट्राइक में एक इमारत पूरी तरह तबाह हो गई।
बेरुत के दक्षिणी इलाके में मंगलवार को इजराइल के हवाई हमले के बाद उठता धुआं।
बेरुत के दक्षिणी इलाके में मंगलवार को इजराइल के हवाई हमले के बाद उठता धुआं।

होर्मुज संकट पर ब्रिटेन की मेजबानी में 35 देशों की इमरजेंसी बैठक

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने घोषणा की है कि इस सप्ताह उनका देश 35 देशों की एक अहम बैठक की मेजबानी करेगा। इस बैठक का मकसद होर्मुज को फिर से खोलने पर चर्चा करना है।

इस बैठक में दुनिया के कई बड़े देश शामिल होंगे और इसका मकसद इस बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते की सुरक्षा और भविष्य को लेकर समाधान निकालना है।

कतर जैसे देश ने भी इस मुद्दे पर चर्चा में दिलचस्पी दिखाई है। भारत की इस बैठक में भागीदारी अभी तय नहीं हुई है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि भारत इसमें शामिल हो सकता है।

इसकी वजह यह है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस क्षेत्र पर काफी निर्भर है और यहां बड़ी संख्या में भारतीय भी रहते हैं।

इजराइल बोला- यह आखिरी युद्ध नहीं, देश को सर्तक रहना होगा

इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने कहा है कि यह जरूरी नहीं है कि यह इजराइल का आखिरी युद्ध हो।

उन्होंने कहा कि दुश्मन अभी भी हमला कर सकते हैं, इसलिए भविष्य में भी खतरा बना रहेगा और देश को सतर्क रहना होगा।

इजराइल का दावा- हिजबुल्लाह का बड़ा कमांडर मारा गया

इजराइल की सेना ने दावा किया है कि उसने उग्रवादी संगठन के एक बड़े कमांडर यूसुफ इस्माइल हाशेम को मार दिया है।

यह हमला बेरूत में हुआ था, हालांकि हिजबुल्लाह की तरफ से अभी तक इस पर कोई बयान नहीं आया है।

ईरान की चेतावनी- होर्मुज खुला रहेगा, लेकिन अमेरिका के लिए नहीं

ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा, लेकिन अमेरिका के लिए नहीं। अब 47 साल की मेहमाननवाजी खत्म हो चुकी है।

अजीजी ने कहा कि यह रास्ता सिर्फ उन देशों के लिए खुला रहेगा, जो ईरान के बनाए नए नियमों का पालन करेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ट्रम्प ने “रेजीम चेंज” का सपना पूरा कर लिया है, लेकिन यह जमीन पर नहीं बल्कि समुद्र के नियमों में हुआ है।

ईरान ने 65 लोगों को किया गिरफ्तार, जासूसी का आरोप

ईरान की सुरक्षा एजेंसी इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने 65 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर आरोप है कि वे दुश्मन देशों के लिए काम कर रहे थे या आतंकवादी संगठनों से जुड़े थे।

ईरान का कहना है कि हाल के महीनों में उसने कई लोगों को पकड़ा है, जो अमेरिका-इजराइल को जानकारी दे रहे थे और देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंचा रहे थे।

ट्रम्प बोले- ईरान से डील की जरूरत नहीं, उनका एटमी प्रोग्राम डैमेज

डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए किसी समझौते (डील) की जरूरत नहीं है। अमेरिका यह युद्ध 2 से 3 हफ्तों में खत्म कर सकता है।

उन्होंने कहा- ईरान को कोई डील करने की जरूरत नहीं है। जब हमें लगेगा कि वे इतने कमजोर हो गए हैं कि कई सालों तक परमाणु हथियार नहीं बना सकते, तब हम वहां से निकल जाएंगे। डील हो या न हो, अब यह जरूरी नहीं है।

ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान के पास जो यूरेनियम बचा है, उससे उन्हें कोई चिंता नहीं है, क्योंकि वह जमीन के अंदर है और आसानी से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। अमेरिका पहले ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को काफी नुकसान पहुंचा चुका है।

ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका जल्द ही ईरान से बाहर निकल जाएगा और इसके बाद तेल की कीमतें भी कम हो सकती हैं। इस युद्ध की वजह से थोड़ी परेशानी जरूर हो रही है, लेकिन इससे अमेरिका ज्यादा सुरक्षित हुआ है क्योंकि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं है।

होर्मुज स्ट्रेट के बारे में उन्होंने कहा कि अब इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिका नहीं लेगा। जो देश इस रास्ते से तेल ले जाते हैं, उन्हें खुद अपनी सुरक्षा करनी होगी।

ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के कई बड़े नेताओं को खत्म कर दिया है और वहां की स्थिति बदल दी है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनका मकसद सरकार बदलना नहीं था, बल्कि सिर्फ यह सुनिश्चित करना था कि ईरान परमाणु हथियार न बना सके।

ब्रिटिश PM बोले-जंग में शामिल नहीं होंगे, ये हमारी लड़ाई नहीं

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने बुधवार को देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ चल रही जंग उनकी नहीं है। ब्रिटेन इसका हिस्सा नहीं बनेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन एक ग्लोबल समिट आयोजित करेगा, जिसमें होर्मुज को दोबारा खोलने के तरीकों पर चर्चा होगी।

स्टार्मर ने कहा, “चाहे मुझ पर कितना भी दबाव हो या कितनी भी बातें हों, मैं हर फैसला ब्रिटेन के राष्ट्रीय हित में ही लूंगा। इसलिए मैंने साफ कहा है कि यह हमारी लड़ाई नहीं है और हम इसमें शामिल नहीं होंगे।”

उन्होंने चेतावनी दी कि यह युद्ध अब दूसरे महीने में पहुंच चुका है और इसका असर ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। हालांकि स्टार्मर ने यह भरोसा भी दिलाया कि ब्रिटेन इस स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और सरकार जरूरी कदम उठा रही है।

ईरान बोला- अमेरिका से कोई आधिकारिक बातचीत नहीं चल रही

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका को कुछ मैसेज भेजे और मिले हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच कोई आधिकारिक बातचीत नहीं चल रही है।

अराघची ने बताया कि उन्हें अमेरिकी अधिकारी स्टीव विटकॉफ से सीधे मैसेज मिलते हैं, लेकिन इसे बातचीत नहीं कहा जा सकता।

अराघची ने कहा कि ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि 2015 में भी एक बड़ा समझौता हुआ था, लेकिन अमेरिका उससे बाहर निकल गया था

वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने भी कहा कि अमेरिका सही तरीके से बातचीत नहीं करता और पहले भी बातचीत के दौरान हमला कर चुका है।

ट्रम्प बोले- ईरान का परमाणु खतरा खत्म किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान का परमाणु खतरा खत्म कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब ईरान परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा।

ट्रम्प ने मंगलवार को ओवल ऑफिस में कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था और यह लक्ष्य पूरा हो चुका है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका या इजराइल ने ईरान के परमाणु ईंधन भंडार को पूरी तरह नष्ट किया हो, इसका कोई पुख्ता सबूत मिला है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ईरान के पास अब भी पर्याप्त यूरेनियम मौजूद है, जिससे भविष्य में परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं।

ट्रम्प के बयान के बाद जंग खत्म होने की उम्मीद से तेल सस्ता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। जंग जल्द खत्म होने की उम्मीद से निवेशकों ने राहत की सांस ली।

ट्रम्प ने कहा था कि ईरान के साथ युद्ध 2-3 हफ्तों में खत्म हो सकता है, जिससे बाजार में तनाव कम हुआ और सप्लाई को लेकर चिंता घटी।

इसके बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 13% गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई। तेल सस्ता होने के साथ ही वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी देखी गई, जबकि तेल कंपनियों के शेयर दबाव में रहे।

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